अमृतसर का राह स्वर्ण मंदिर केवल सिखों के लिए ही नई बल्कि यहां आने वाले उन सभी श्रद्धलु और पर्यटकों के लिए आकर्षक केद्रं है।
एक सरोवर के बीच िस्थित यह स्वर्ण मंदिर संसार भर के सभी सिखों के लिए सर्व श्रेष्ठ िस्थान है।
इस मंदिर को बनवाने का श्रेय सिखों के चौथे गुरु राम दास जी को जाता है राम जी की दोनों पुत्र इनके पास विद्या लेने जाते थे।
इस सरोवर के पानी की बहुत मान्यता है बोला जाता है यह हर किस की मनोकामना पूर्ण होती है।
1601 मई इस मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था
और गुरु ग्रन्थ साहब को पूजनीय िस्थल पर इस्थापित किया था।
स्वर्ण मंदिर मे प्रवेश लेने से पहले एक 60 मीटर का सुन्दर फूल बनाया गया है इस मंदिर मे चार द्वार है।
यह मंदिर सोने से जड़ा हुआ है और नीचे से संगमरमर का है।

























