जानिए मुंबई शहर के 10 सबसे भव्य व नामचीन गणपति मंडलों के नाम और उनकी खासियतें

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Photo of जानिए मुंबई शहर के 10 सबसे भव्य व नामचीन गणपति मंडलों के नाम और उनकी खासियतें by रोशन सास्तिक

गणेश भक्तों को जिस दिन का इंतजार गणपति बप्पा के विसर्जन के बाद से रहता है, आखिरकर एक साल बाद वह दिन एक बार फिर लौट आया है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल अकेले महाराष्ट्र में 2 लाख से अधिक घरों और 13 हजार से अधिक पंडालों में हम सबके चहेते गणपति बप्पा विराजमान हुए थे।

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वैसे तो देश की आर्थिक राजधानी मुंबई साल भर जीवन के सभी रंगों से सरोबार ही रहती है, लेकिन गणपति बप्पा के आगमन के बाद इसपर उत्साह, उमंग और उल्लाह का चटख रंग भी चढ़ जाने के कारण मुंबई शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई को हद से ज्यादा खूबसूरत बनाने में सबसे बड़ा योगदान यहां के कुछ जग प्रसिद्ध गणपति पंडालों का होता है। मुंबई में ऐसे कई नामचीन गणपति मंडल है जहां विराजमान होने वाले गणपति बप्पा के दर्शन के लिए 10 दिनों के दौरान लाखों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं।

Photo of Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

अब क्योंकि कोरोना काल चल रहा है और सबसे यही उम्मीद की जा रही है कि इसको फैलने से रोकने के लिए जितना हो सके उतना सोशल डिस्टनसिंग का पालन किया जाए। इस वजह से इस साल तो पिछले साल वाले नजारें नजर नहीं आएंगे। इस नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती। लेकिन, आज मैं आप लोगों को मुंबई के कुछ सुप्रसिद्ध गणपति मंडलों के बारे में बताकर अगले साल के लिए जरूरी जानकारी जरूर दे सकता हूं। तो चलिए जानते हैं उन 10 सबसे बड़े गणेश मंडलों के बारे में जिसकी वजह से गणेशोत्सव के 10 दिनों तक मुंबई शहर इतना खूबसूरत हो जाता है कि मानों स्वर्ग ही धरती पर उतर आया हो।

1) लालबागचा राजा:-

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लालबाग में विराजमान किए जाने वाले गणपति बप्पा को सिर्फ लालबागचा राजा ही नहीं बल्कि मुंबई का राजा भी कहा जाता है। शायद इतना काफी है लालबागचा राजा मंडल की भव्यता का अंदाजा लगाने के लिए। मुंबई के लोवर परेल इलाके में स्थित लालबागचा राजा मंडल की 1934 में स्थापना हुई थी। गणेशोत्सव में इस पंडाल में हर रोज लाखों लोग बप्पा के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। इस दौरान मुंबई स्थित शायद ही ऐसा कोई सेलेब्रिटी होगा जो लालबागचा राजा के दर्शन करने नहीं आता। लालबागचा राजा के दर्शन करने के लिए चिंचपोकली या करीरोड में से किसी भी एक रेलवे स्टेशन पर उतरकर लालबाग मार्केट जाना होता है।

2) गणेश गली चा राजा:-

Photo of Lalbaugcha Raja, Doctor Baba Saheb Ambedkar Road, Shree Ganesh Nagar, Lal Baug, Parel, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

आज से 90 साल पहले 1928 में स्थापित हुए गणेश गली चा राजा मुंबई शहर के सबसे भव्य गणेश पंडालों में से एक है। गणेश गली चा राजा मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा से कुछ ही दूरी पर स्थित है। गणेश गली चा राजा का अपना ऐतिहासिक महत्व भी है क्योंकि यह मुंबई के सबसे पुराने गणपति मंडल में से एक है। यहां तक पहुंचने के लिए आप चिंचपोकली, कारीरोड या लोवर परेल रेलवे स्टेशन उतरकर कुछ मिनटों की पैदल यात्रा कर पहुंच सकते हैं। गणेश गली के राजा की मुख्य विशेषता यहां की गणेश मूर्ति और पंडाल की सजावट है।

3) जीएसबी सेवा किंग सर्कल:-

Photo of Ganesh Galli, Parel, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

1954 में कर्नाटक से आए एक ब्राह्मण परिवार द्वारा शुरू किए गए जीएसबी सेवा किंग सर्कल गणपति की कुछ बातें ऐसी हैं जो उसे मुंबई के सभी गणपति पंडालों से अलग खड़ा करती है। वैसे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यहां गणपति तो मिट्टी के ही बने होते हैं लेकिन मिट्टी से बनी मूर्ति की बनावट और सजावट ना सिर्फ खूबसूरत बल्कि जीवंत भी होती है। जीएसबी सेवा किंग सर्कल गणपति की दूसरी खासियत है गणपति की मूर्ति पर चढ़ाए जाने वाला बेशुमार सोना। जीएसबी वाले बप्पा के दर्शन करने लिए आपकों एसएनडीटी वीमेन कॉलेज के नजदीक किंग सर्कल पर स्थित जीएसबी पंडाल तक पहुंचने के लिए सेंट्रल लाइन के माटुंगा या फिर वेस्टर्न लाइन के माटुंगा रॉड स्टेशन उतरना होगा। जहां से चहलकदमी करते हुए आप पंडाल तक पहुंच जाएंगे।

4) खेतवाड़ी का राजा:-

Photo of Matunga, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

मुंबई के इस इलाके में कुल 13 गालियां हैं और हर गली में गणपति विराजमान होते हैं। लेकिन गली नंबर 12 में विराजमान होने वाले गणपति सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। 1959 से शुरू हुए खेतवाड़ी का राजा मंडल में बिठाए जाने वाले गणपति की विशेषता उनकी भव्य ऊंचाई होती है। खेतवाड़ी चा राजा ने पहली बार प्रसिद्धि तब पाइ थी, जब 2000 में यहां गणेश भक्तों द्वारा 40 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा विराजमान की गई थी। वेस्टर्न लाइन के चर्नी रोड या सेंट्रल लाइन के सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन उतरकर वहां से आप 15 मिनट पैदल चलकर इस पंडाल तक पहुंच सकते हैं।

5) कमाठीपुरा का चिंतामणि गणेश:-

Photo of Charni Road, Charni Road East, Girgaon, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

कमाठीपुरा के चिंतामणि गणेश कमाठीपुरा के 14th लेन में विराजमान होते हैं। आपको बता दें कि कमाठीपुरा एशिया में स्थित दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है। वेश्याओं का इलाका होने की वजह से ही कमाठीपुरा के चिंतामणि गणेश पंडाल में उतनी बड़ी संख्या में लोग दर्शन लेने नहीं आते। लेकिन अपने विशेष आकर की मूर्तियों की वजह से यह मंडल हर बार चर्चा का विषय बने रहने में कामयाब रहता है। पिछले साल कमाठीपुरा के चिंतामणि गणेश जी घोड़े पर सवार थे। अगर अगले साल आपको यहां के बप्पा के दर्शन करने हो तो आप मुंबई सेंट्रल या फिर ग्रांट रॉड स्टेशन उतरना होगा।

6) डोंगरी चा राजा:-

Photo of Kamathipura, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

गणेश महोत्सव के दौरान मुंबई में देखने लायक सबसे खूबसूरत पंडालों की सूची में डोंगरी चा राजा का नाम भी शामिल है। अगर आप गणेशोत्सव के 10 दिनों में गणपति बप्पा के सभी सुप्रसिद्ध पंडालों को खूबसूरती निहारने का मन हो तो एक नजर गणेश चौक, डोंगरी स्थित डोंगरी चा राजा की तरफ भी डालिएगा। यहां तक पहुंचने के लिए आपकों सांताक्रुज रेलवे स्टेशन उतरना होगा। स्टेशन से पंडाल तक की दूरी आप 15 से 20 मिनट की पैदल यात्रा करके आसानी से तय कर सकते हैं। और इतना पैदल चलकर आप बप्पा की एक बेहद ही खूबसूरती मूर्ति से पुरस्कृत होंगे।

7) परेल चा राजा:-

Photo of Santacruz East, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

जैसे मुंबई के हर गणेश पंडाल की अपनी कुछ-न-कुछ विशेषताएं होती हैं। उसी तरह परेल चा राजा की जो बात इस मंडल को सबसे अलग बनाती है, वो है इस मंडल द्वारा अपनी सजावट के जरिए हर साल किसी न किसी समाजिक मुद्दे को उठाया जाना। साथ ही जहां बाकी गणेश मंडलों में गणपति जी की मूर्ति विश्राम अवस्था मे होती है। वहीं परेल चा राजा के बप्पा हमेशा खड़ी अवस्था में होते हैं। साल 1947 में स्थापित हुए इस मडंल तक पहुंचने के लिए आपकों सेंट्रल लाइन के परेल या फिर वेस्टर्न लाइन के प्रभादेवी(एलफिंस्टन) रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा।

8) अंधेरी चा राजा:-

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अंधेरी चा राजा मुंबई के उन गणपति पंडालों में से एक है जहां बॉलीवुड और टीवी सितारों का मजमा लगा रहता हैं। अंधेरी चा राजा का सारा संचालन करने वाले आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति की स्थापना साल 1966 में टाटा स्पेशल स्टील एंड एक्सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा की गई थी। वीरा देसाई रोड, आज़ाद नगर, अंधेरी पश्चिम में स्थित अंधेरी चा राजा के दर्शन के लिए आप या तो अंधेरी रेलवे स्टेशन उतर सकतें हैं या फिर आज़ाद नगर मेट्रो स्टेशन उतरकर अंधेरी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स जा सकते हैं।

9) चिंचपोकली चा राजा:-

Photo of Andheri, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

ऐसी कई चीजें हैं जो चिंचपोकली चा राजा को मुंबई के बाकी मंडलों से एक अलग स्थान देती है। पहला और प्रमुख तो यह कि चिंचपोकली चा राजा संभवतः मुंबई के तमाम बड़े गणेश मंडलों में अकेला ऐसा मंडल हैं जहां विसर्जन के वक्त फिल्मी गानों की बजाय सिर्फ भक्तिमय गाने बजाए जाते हैं। चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल द्वारा 1920 में स्थापित चिंचपोकली चा राजा का प्रमुख आकर्षण यहां का 'आगमन सोहळा' रहता है। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। चिंचपोकली चा राजा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को चिंचपोकली रेलवे स्टेशन उतरना होता है।

10) केशवजी नाईक चॉल सावर्जनिक गणेशोत्सव मंडल:-

Photo of Chinchpokli, Mumbai, Maharashtra, India by रोशन सास्तिक

तो मुंबई के 10 सबसे भव्य और नामचीन गणपति पंडालों में सबसे अंत मे केशव जी नाईक चॉल सावर्जनिक गणेशोत्सव मंडल का जिक्र करने का कारण यह है कि यह मंडल बाकी सभी मंडलों से ज्यादा खास है। वो इसलिए कि यह मंडल मुंबई, महाराष्ट्र में मनाए जाने वाले सार्वजनिक गणेशोत्सव का उत्पत्ति स्थल है। दरअसल यही वो सावर्जनिक गणपति मडंल है जिसकी स्थापना स्वयं क्रांतिकारी लोकमान्य तिलक ने साल 1893 में की थी। इसलिए इस मंडल के लिए मुंबई के लोगों के दिल में एक अलग ही जगह है। गिरगांव स्थित केशवजी नाईक चॉल सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल जाने के लिए आप चर्नी रोड स्टेशन उतरकर वहां से टैक्सी पकड़ सकते हैं।

- रोशन सास्तिक

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