कुदरत का हसीन शहर जीरो वैली #northeastitinerary

Tripoto
18th Sep 2018

ziro valley arunachal pradesh

Photo of कुदरत का हसीन शहर जीरो वैली #northeastitinerary by Afsarul haq

मुझे याद है जब मैंने अपनी पहली यात्रा की थी तब में महज़ 12 साल का था, बिना घर बताये निकल गया उन राहों पे जो मुझे मानो कबसे बुला रही हो। मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा इसी कड़ी में पेश है आपके लिए एक ख़ास जगह जिसका नाम है जीरो वेली यह सिर्फ नाम की ही जीरो है, जगह एकदम हीरो है।

अगले हफ्ते शुरू होने वाला है यहाँ जीरो संगीत महोत्सव तो अपनी चाय, कफ वगैरह लेकर बेठ जाइये और चलिए जीरो के सफर में।

आज यह कहना मुश्किल है की इंसान और प्रकृति बिना किसी को नुक्सान पहंचाए एक साथ रह सकते है, पर जब आप सुबानसिरी के जिले के मुख्यालय जीरो को देखेंगे और यहाँ कुछ दिन बिताएंगे तब आपको पता चल जायेगा के ऐसा संभव है।

Day 2

जीरो को इसी वजह से यूनेस्को ने ( इंसान और प्रकृति के इस संगम ) को अपनी विरासत सूचि में शामिल किया है।

इसे क़स्बा कहूं या गांव या सहर पता नहीं, और शहरों की भीड़ - भाड़ से अलग दूर -दूर तक फैली हरियाली मानो किसी ने हरी कार्पेट बिछा दी हो, धान के विशाल खेत और चीड़ - देवदार के ऊँचे - ऊँचे पेड़ बर्फ की सफ़ेद चादर से ढकी पहाड़ की चोटियां, घने जंगल में पत्तो की सरगोशियां, बौद्ध भिक्षुओं के भजनो का मधुर संगीत मानो आपसे कह रहा हो चल भटक ले न बावरे।

एडवेंचर का मज़ा

Photo of Ziro by Afsarul haq

जीरो की यात्रा और भी मज़ेदार हो जाती है जब आप लुत्फ़ लेते है यहाँ के एडवेंचर का, यहाँ ट्रैकिंग, रिवरराफ्टिंग एंगलिंग का रोमांच ला मज़ा लेना न भूले। ट्रैकिंग का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई है। रिवर राफ्टिंग ट्रिप का आयोजन कमेंग, सुबानसिरी, दिबांग व सियांग नदियों में होता है।

कहा जाता है कि एक लकड़हारे ने इस शिवलिंग की खोज की थी। 26 फ़ीट ऊँचे और 22 फ़ीट चौड़े इस शिवलिंग का लगभग 4 फ़ीट हिस्सा जमीन के नीचे है। यही पर इस शिवलिंग से छोटा पार्वती और कार्तिकेय मंदिर है। इनके बायीं और भगवन गणेश और सामने की चट्टान पर नंदी की आकृति बानी हुई है। ख़ास बात यह है की इस शिवलिंग के निचले हिस्से में पानी का प्रवाह अनवरत बना रहता है। इस शिवलिंग के ऊपरी हिस्से में स्फटिक की माल भी साफ़ दिखाई देती है। यह सभी प्राकृतिक रूप से यहाँ मौजूद है और कहते है की इनके साथ कोई छेड़ - छाड़ नहीं की गयी है।

आपातीनी समुदाय की विचित्र दुनिया

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Day 3

अनजान लोगो से मिलना उनकी जीवनगाथा सुन्ना एक अलग ही एहसास होता है। खासतौर पर आपातीनी समुदाय के लोग, जोकि जीरो वैली में बड़ी संख्या में रहते है। आम लोगो से अलग रहने वाले इन समुदाय की एक अलग पहचान वह है नाक पर पियर्सिंग और फेशियल टैटू। बेहद ही कुशमिज़ाज़ और विनम्र भाव वाले यह लोग अगर आपको भोजन के लिए आमंत्रित करे तो इनका प्रस्ताव ठुकराए नहीं, आप उनकी मेहमान - नवाज़ी से बेहद प्रसन्न होंगे। आपातीनी लोगो के बारे में आप विस्तार से यूनेस्को की साइट पढ़ सकते है। आपातीनी समुदाय इनके बारे में कहा जाता है की यह अपनी जगह छोड़कर कही नहीं जाते। यह ज़ीरो में बस गए है और जीरो इनमे। यहाँ के मिडे नमक जगह पर सबसे अधिक आपातीनी रहते है।यह जगह देवदार और चीड़ के पेड़ों से भरी हुई है, हाईकिंग और ट्रैकिंग वालों का सबसे पसंदीदा ठिकाना है।

घूमने लायक जगहें जो आपको खूब लुभाएंगी

टेली वैली सैंक्चुअरी

Photo of Arunachal Pradesh, India by Afsarul haq

377 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण जीरो का आकर्षण केंद्र है।

यहां - तेंदुए, मार्बल्ड कैट और लेपर्ड कैट, भेड़िये, सियार और कई साड़ी प्रजाति के जानवर आपको देखने को मिल जायेंगे। यही से कुछ दूर दिलोपोल्यांग मनीपोलयांग नमक दो पहाड़ी है, जहाँ की हरयाली आपको मोहित कर देगी।

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मेघना गुफा मंदिर

Photo of Arunachal Pradesh, India by Afsarul haq

मेघना गुफा मंदिर को वर्ष 1962 में से खोजा गया था। माना जाता है कि यह 5000 साल पुराण मंदिर है। जीरो सहर में 300 फ़ीट की ऊंचाई पर बसा यह मंदिर पर्यटकों को अपनी ख़ूबसूरती से खूब आकर्षित करता है। हरे भरे - पेड़ पहाड़ नदियां मानो यहाँ बस जाने को कहती है।

आर्किड ग्लास - हाउस

पुराने जीरो से 3 किमी की दूरी पर स्थित 'पाइन - ग्रोव' यानी देवदार के बागान में ऊँचे - ऊँचे पेड़ों में घूमने का पैन अलग ही मज़ा है।

किले पाखो

Day 4
Photo of Arunachal Pradesh, India by Afsarul haq

किले पाखो एक ऊँचा पहाड़ी टीला है, जो जीरो से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अपनी हरी वादी और लैंडस्केप के लिए प्रसिद्द है। इस पहाड़ी टीले से एक तरफ आपको हिमालय की चोटियां, तो दूसरी तरफ जीरो घाटी के हरे भरे जंगल दूर - दूर तक फैले नज़र आएंगे।

पूर्वोत्तर के स्वाद का खज़ाना

APONG

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PIKA PILA

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Day 1
Photo of Arunachal Pradesh, India by Afsarul haq
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सबसे ऊँचा शिवलिंग

Photo of Arunachal Pradesh, India by Afsarul haq
Photo of Ziro by Afsarul haq

अरुणाचल प्रदेश में आर्किड फूल की करीब 1000 प्रजातियां पायी जाती हैं। इसकी कई प्रजातियां जीरो में भी पायी जाती हैं। यह प्रजातियां यहाँ के आर्किड ग्लास - हाउस में प्रदर्शित है।

पाइन ग्रेव ( देवदार के बागान )

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LUKTER

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पूर्वोत्तर के स्वाद का कोई जवाब नहीं, यहाँ के स्थानीय रेस्टुरेंट में आप इसका स्वाद ले सकते है। खाने की बात की जाए तो यहाँ - पिका पिला, जो की यहाँ का प्रसिद्द अचार है। इसे बम्बू - शूट, किंग - चिल्ली ( भूत झोलकिया ) और पोर्क - मीट को मिलाकर बनाया जाता है। यह अचार बेहद ही तीखा होता है और इसे आपातीनी समुदाय के लोग ज़्यादा पसंद करते है। इसी कड़ी में आगे आता है लुकतेर जो, यहाँ का एक और लोकप्रिय व्यंजन है। इसे ड्राई - मीट और किंग - चिल्ली ( भूत झोलकिया ) से मिलाकर बनाया जाता है। इसे चावल के साथ खाते है। यहां सबसे अलग है बांस से बने गिलासों में बीयर पीना का लुत्फ़, यहाँ एक चीज़ और लोकप्रिय है वह है आपोंग। यह चावल से बनी एक प्रकार की बीयर है जिसे पूरे अरूणाचल में लोग शौक से पीते है। यह घर में ही तैयार किया जाता है और यह पाचन क्रिया में भी काम।

खरीदारी के लिए बाज़ार

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हापोली जीरो का मैं मार्किट है। इसके अलावा यहां और भी छोटे - बड़े बाज़ार है जहाँ से आप बांस के बने सामान, घर सजाने के सामान और भी कई चीज़े आप इस बाजार से ले सकते है। आपातीनी हस्तशिल्प भी लोगो को खूब पसंद आता है, जो केवल यही मिलते है। हाथ से बने हुए कपडे, दरियां चादर और मुखोटे यहाँ के बाजार की खसियात है। यहाँ आप मोलभाव करकर अच्छे दामों में के वस्तुए ले सकते है।

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कैसे पहुंचे .......................

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर या नाहरलगून रेलवे स्टेशन से जीरो की दूरी करीब 120 किलोमीटर है। असम के लखीमपुर सहर से जीरो की दूरी 100 किलोमीटर है। लखीमपुर सहर से जीरो के लिए आप शेयरिंग सूमो से भी जा सकते है। आप गुवाहाटी तक ट्रैन या फ्लाइट से भी जा सकते है। आगे की यात्रा के लिए आप वहां की बस या टैक्सी का आपको उपलब्ध मिलेगी।

यह समय वहां जाने के लिए बिलकुल सही है इस मौसम मैं कुदरत वहां अपने अनोखे रूप दिखती है।

उम्मीद करते है आपको पोस्ट पसंद आ रहे होंगे आगे और भी दिलचस्प जगहों के बारे में हम आपको बताते रहेंगे आप हमें ट्रिपोटो पर फॉलो भी कर सकते है। और हमसे अपने यात्रा से जुड़े सवाल पूछ सकते है, हमसे सोशल मीडिया पर भी जुड़े।

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