परिन्दों की दुनिया में स्वागत है!

Tripoto

पैराग्लाइडिंग प्वांइट, खज्जियार

Photo of परिन्दों की दुनिया में स्वागत है! by krishna kumar

परिन्दों की दुनिया में स्वागत है- मानो पंख ही लग गये थे। एक अलग ही उत्सुकता थी मन में-पैराग्लाइडिंग को लेकर जो आज पूरी होने वाला थी, लेकिन यकीन मानो जैसे ही पैरों के नीचे से जमीन हवा हुई, दिल हलक तक आ गया था, ज्यादा डिंगे न हाँकूगा आप लोगो से - पहली बार था भाई और यकीन मानो ये डर न हो तो- काहे का रोंमाच भाई! कनपुरिया स्टाईल में कहें तो मजा आ गया बे! लगभग 7500 फीट की ऊँचाई में एक आजाद पंक्षी की तरह हवा में गोते लगाने का अनुभव बातों में बयां नहीं किया जा सकता।

पैराग्लाइडिंग चार्ज- 1800 रुपये प्रति व्यक्ति


खज्जियार-

खज्जियार हिमांचल प्रदेश के  जिला चम्बा में स्थित एक प्राकृतिक खूबसूरत पर्यटक  स्थल है। इसे मिनी स्विटजरलैण्ड के  नाम से भी जाना जाता है। यहां स्थित मैदान का नजारा बहुत ही अद्भुत  है, इस मैदान के बीच में एक झील है जिसे खज्जियार झील के नाम से जाना जाता है। जैसे ही हम यहां पहुंचे कुछ लड़के हमारे पास आये और पैराग्लाइडिंग के लिये पूछने लगे, चार्ज पूछने पर उन्होंने बताया 3500 रुपये प्रति व्यक्ति लेकिन काफी कम-ज्यादा करने के बाद 1800 रुपये प्रति व्यक्ति पर बात बन गयी, हम चार लोग उनके साथ टैक्सी से निकल लिये, रास्ते में ही उनका गांव था, जहां से उन्होंने पैरागालाइडिंग किट ली और चल दिये, बस कुछ आगे जाकर  ही कार रुक गयी क्योंकि यहां से अब हम लोगों को ट्रेक करके ऊपर जाना था, करीब 20 मिनट की ट्रेकिंग कर हम लोग उस स्थल पर पहुंच गये क्या नजारा था - ठण्डी-ठण्डी शुद्ध हवा ने हम लोगों की ट्रेकिंग की सारी थकान को खत्म कर दिया, यहां हम लोगों के मन में डर के साथ-साथ एक अलग ही रोमांच था। 

खज्जियार कैसे पहुंचे-

कानपुर-पठानकोट-खज्जियार

ट्रेन टिकट - कानपुर से पठानकोट - 1250 रुपये (3टियर ए0सी) , यहां से आप टैक्सी या बस द्वारा खज्जियार पहुंंच सकते हैं। 

निकटतम रेलवे स्टेशन- पठानकोट जक्शंन

निकटतम हवाई अड्डा- जम्मू (114 कि0मी ), गग्गल एयरपोर्ट, धर्मशाला (120 कि0मी0)

खज्जियार में कहां रुके 

खज्जियार के मैदान में ही कुछ कॉटेज हैं जहां आप रुक सकते हैं, यहां रुकने का एक अलग ही मजा  है । या इसके आसपास 2 कि0मी की रेंज  में कूछ होटल हैं जहां आप रुक सकते हैं। यह काफी छोटा सा पर्यटक स्थल है, इसलिये ज्यादा आबादी भी नहीं है । शाम होते ही पूरी तरह से सन्नाटा हो जाता है।

खज्जियार की सुबह का आनन्द लेना ना भूले, यहां की सुबह आपको एक दूसरी दूनिया में होने का एहसास कराती है, जो पूरी तरह से शांत, प्रदूषण मुक्त व तन-मन को एक नयी उर्जा प्रदान करने वाली है ।

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