दुनिया की एकलौती ट्रेन जिससे सफर करने के लिए टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती

Tripoto
1st Apr 2020
Photo of दुनिया की एकलौती ट्रेन जिससे सफर करने के लिए टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती by रोशन सास्तिक

क्या आपने कभी टिकट लिए बगैर ट्रेन से सफ़र किया है? मान लेते हैं कि आपमें से बहुतों ने ऐसा कभी नहीं किया होगा, लेकिन कुछ तो ऐसे जरूर होंगे जिन्होंने जीवन मे कभी ना कभी मुफ्त में ट्रेन की सवारी का लुत्फ़ तो उठाया ही होगा। तो बिना टिकट कटाए ट्रेन में सफर करने वाले लोग यह जानते होंगे कि ऐसे वक्त मन में हमेशा यह डर बना रहता है कि ना जाने कब और कहां से TTE आ धमके और आपको पकड़ ले। पर तब क्या हो, जब हम आपकों बताए कि दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां ट्रेन से सफर करने के लिए टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।

Photo of Bhakra Dam, Jangal Mehduda Bhakhra, Himachal Pradesh, India by रोशन सास्तिक
Photo of Bhakra Dam, Jangal Mehduda Bhakhra, Himachal Pradesh, India by रोशन सास्तिक

ज़ाहिर है कि आपकों हमारी बात पर यकीन नहीं होगा। लेकिन आसानी से हज़म न हों सकने के बावजूद हकीकत तो यही है। जब आपने हमारे कहने पर हमारी बात मान ली है तो अब आप यह जानने के लिए भी व्याकुल हुए जा रहे होंगे कि दुनिया में ऐसी जगह आखिर है कहां। जहां ट्रेन से सफर करने लिए टिकट लेना जरूरी नहीं होता।

Photo of Bhakra Dam, Punjab, India by रोशन सास्तिक
Photo of Bhakra Dam, Punjab, India by रोशन सास्तिक

तो चलिए, आप सभी की जिज्ञासा को शांत और खुशी को दोगुना करते हुए लगे हाथ आपकों यह भी बता दें कि मुफ्त में ट्रेन से सफर करने की सुविधा दुनिया में कहीं और नहीं बल्कि भारत के भाखड़ा-नांगल इलाके में ही उपलब्ध है। पंजाब के नांगल से भाखड़ा डैम तक चलने वाली यह दुनिया की एकमात्र ऐसी ट्रेन है जिससे सफर करने के लिए यात्रियों को किसी तरह के टिकट की जरूरत नहीं पड़ती। 1949 में शुरू हुई यह ट्रेन पिछले 70 सालों से इस रूट से सफर करने वाले 25 गांवों के लोगों को मुफ्त में ही अपनी सेवाएं दे रही है।

Photo of Nangal Dam, Punjab, India by रोशन सास्तिक
Photo of Nangal Dam, Punjab, India by रोशन सास्तिक

भाखड़ा से नांगल और नांगल से भाखड़ा तक के सफर की सुविधा देने वाली ट्रेन का संचालन बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) करती है। आज़ाद भारत की सबसे बड़ी कामयाबी में से एक भाखड़ा-नांगल बांध के निर्माण के समय से ही यह बोर्ड इन दो हिस्सों को जोड़ने वाली ट्रेन के परिचालन का जिम्मा सँभाल रहा है। दरअसल, भाखड़ा-नांगल बांध के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के वक्त बांध बनाने वाले मैनेजमेंट ने गांववालों से यह वादा किया था कि उनकी सुविधा के लिए भाखड़ा और नांगल के बीच ट्रेन चलाई जाएगी। और इस ट्रेन से यात्रा करने के लिए किसी तरह के टिकट की आवश्यकता नहीं होगी।

Photo of Nangal Dam, Railway Road, Nangal, Punjab, India by रोशन सास्तिक
Photo of Nangal Dam, Railway Road, Nangal, Punjab, India by रोशन सास्तिक

भाखड़ा-नांगल के बीच चलने वाली ये ट्रेन दिन में दो बार अप-डाउन करती है। ट्रेन नांगल से सुबह 7:05 बजे और दोपहर 3:05 बजे भाखड़ा के लिए चलती है। वहीं भाखड़ा से वापसी सुबह 8:20 व शाम 4:20 की होती है। भाखड़ा और नांगल के बीच की दूरी तय करने में इस ट्रेन को तकरीबन 1 घंटे का समय लगता है। इन दोनों स्टेशनों के बीच रहने वाले करीब 25 गांवों के लोगों के लिए ये ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं है। और विद्यार्थियों के लिए तो यह ट्रेन जीवनदायिनी है। क्योंकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए नांगल के भटोली में जाना पड़ता है और नांगल तक जाने के लिए उनके पास ट्रेन से बेहतर दूसरा कोई और विकल्प नहीं है।

Photo of Bhakra Nangal Canal by रोशन सास्तिक
Photo of Bhakra Nangal Canal by रोशन सास्तिक

वैसे, असल में यह ट्रेन चलता-फिरता सम्मारक है। या फिर कहें कि हमारे गौरवपूर्ण इतिहास का प्रतीक। क्योंकि आज़ादी मिलने के बाद भाखड़ा-नांगल जैसा विशालकाय बांध बनाने और उसके बाद पहाड़ी रास्तों को काटकर दुर्गम इलाकों के बीच ट्रेन के लिए रास्ता बनाने जैसी अविश्वसनीय व अविस्मरणीय उपलब्धि से नौजवानों को रूबरू कराने और उनके ज़ेहन में बीते कल की बातों को जिंदा रखने के लिए पिछले 70 सालों से भाखड़ा-नांगल के बीच मुफ्त ट्रेन सेवा जारी है।

- रोशन सास्तिक