“दिल्ली”

Tripoto
Photo of by Abhishek Sinha

दस्तखत, दरवाजों, दिल वालों की ये दिल्ली

क़ुतुब जो चूमे चाँद, ऊँचे मीनारों की ये दिल्ली

खाकी, खादी, लाल किला, एम्बेसडर कारों की ये दिल्ली

दुआ में झुकते सर, उनके ईमानो की ये दिल्ली

भीड़ में उलझे लाखों लोग, उनके अरमानों की ये दिल्ली

रोटी, कपडा और मकान, है उनके ख्वाबों की ये दिल्ली

बर्फ के गोले, छोले चाट, पराठों की ये दिल्ली

चाँदनी चौक, हौज़ खास, है ईमामी बाजार की ये दिल्ली

तपती गर्मी, गिरती बारिश, रिमझिम आसमानों की ये दिल्ली

ओस की बूँदें, जलते अलाव, है स्वेटर-शॉल की ये दिल्ली

सूफ़ी नज़्में, ख़ुसरो के कलाम, मिर्ज़ा ग़ालिब की ये दिल्ली

ऐठन में बैठे, दिखलाएं ठाट, है नवाबों की ये दिल्ली।।

– कातिब