धर्मशाला का रत्न त्रियुंड ! जाने से पहले एक बार इसे ज़रूर पढ़े। 

Tripoto

#TripotoAbHindiMein

Photo of Triund Trek, Trail to Triund Hill, Dharamshala, Himachal Pradesh, India by Afsarul haq
Photo of Triund Trek, Trail to Triund Hill, Dharamshala, Himachal Pradesh, India by Afsarul haq
Photo of Triund Trek, Trail to Triund Hill, Dharamshala, Himachal Pradesh, India by Afsarul haq

पहाड़ों को नहलाती सूरज की किरणे और भोर के आगमन पर सोने सी दमकती कांगड़ा घाटी।

Photo of Triund Trek, Trail to Triund Hill, Dharamshala, Himachal Pradesh, India by Afsarul haq

रोमांच से लेकर धार्मिक धरोहर के दर्शन यहाँ हर स्थान पर होते है। इन्ही में शामिल है कांगड़ा का त्रियुंड, लका और इंद्रहार दर्रा। एक रत्न की तरह धर्मशाला के मुकुट पे चमकता त्रियुंड पर्यटकों को खूब लुभाता है | 2828 मीटर की ऊंचाई पर स्थित त्रियुंड से धौलाधार पर्वत का बेहद करीब से दीदार होता है |

नौ किलोमीटर की कठिन चढाई !

Photo of Triund Hill Trail from Bhagsunag Waterfall, Dharamshala, Himachal Pradesh, India by Afsarul haq

मैक्लोडगंज से लगभग 9 किलोमीटर की लम्बी चढ़ाई और दुर्गम रास्तों से होकर यहाँ पहुंचा जा सकता है |

विदेशी पर्यटकों का भी यह बेहद पसंदीदा स्थल है। यहाँ खूबसूरत कांगड़ा घाटी को निहारा जा सकता है।

तीन महीने त्रियुंड जाना जोखिम भरा !

Photo of Triund, Himachal Pradesh by Afsarul haq

वैसे तो त्रियुंड ऐसा स्थान है। जहाँ पूरे साल ट्रैकिंग के शौक़ीन पहुँचते है, लेकिन दिसंबर से फ़रबरी तक भारी बर्फ़बारी होने की वजह से यहाँ जाना जोखिम से भरा होता है। हिमपात के महीनो को छोड़कर साल भी त्रियुंड जाया जा सकता है।

इंद्रहार की राह भी है रोमांचक !

इंद्रहार दर्रा पर पर्यटक ट्रैकिंग करते हुए

Photo of धर्मशाला का रत्न त्रियुंड ! जाने से पहले एक बार इसे ज़रूर पढ़े। by Afsarul haq

त्रियुंड से आगे आप इंद्रहार ग्लेशियर तक पहुँच सकते है। इसके लिए त्रियुंड से सुबह आगे का ट्रैक शुरू होता है। त्रियुंड से 5 किलोमीटर आगे ल्हेस केव आता है। यहाँ चार घंटे का ट्रैक करकर पहुंचा जा सकता है। आप दूसरे दिन यहाँ रुके और फिर अगले दिन इंद्रहार ग्लेशियर के लिए ट्रैकिंग शुरू करे। करीब 6 -7 घंटे का पैदल सफर करके आप इंद्रहार पहुँच जायेंगे। मगर याद रखे इस ट्रैकिंग को किसी गाइड के बिना न करे।

कुछ देखने लायक जगहे !

त्रियुंड से लौटकर आप कुछ दिन आप मैक्लोडगंज में भी बिता सकते है। यहाँ मैक्लोडगंज मार्किट , दलाईलामा टेम्पल , भागसूनाग वॉटरफॉल और धर्मकोट भी देखने लायक स्थल है इन्हे मिस न करे। इनके अलावा नड्डी से धौलाधार का नज़ारा, यहाँ की दाल झील व मैक्लोडगंज के समीप सेंट जॉन चर्च भी अच्छी जगह है।

खाने का सामान !

ट्रैकिंग करते वक़्त आप अपने साथ पैकेट वाली चीज़े ले जा सकते है क्यूंकि वह ठंडक रहती है इस वजह से आप चॉक्लेट भी ले जा सकते है जो आपको एनर्जी देगी और अगर यह भी काम न आये और अगर ट्रैकिंग करते हुए थक जाए और भूक सताए तो त्रियुंड में कुछ अस्थायी दुकाने है ,जहा पर आपको दाल-चावल मिल सकते है। इसके अलावा आप यहाँ मग्गी और चाय का भी लुत्फ़ उठा सकते है। और अगर आपका कुछ अलग खाने का मन है तो आप वह पे होटल से कुछ भी आर्डर करकर अपनी पसंद का खाना खा सकते है।

ऑन डा वे तो त्रियुंड रिफ्रेशमेंट शॉप

दी हिमालयन टी शॉप

ठहरने की व्यवस्था !

त्रियुंड में वनविभाग का विश्राम ग्रह है। उसकी बुकिंग धर्मशाल कार्यालय से कराई जा सकती है।

Forest Department Rest House Triund Hill

संपर्क सूत्र : 0189 222 4887

यहाँ निजी गेस्ट हाउस और टेंट की भी व्यवस्था है इसके लिए मैक्लोडगंज व भागसूनाग में ऑनलाइन बुकिंग होती है। आप चाहे तो ट्रिपोटो होटल पर भी नीचे दिए लिंक में क्लिक कर अच्छे और सस्ते होटल ढूंढ सकते है।

https://www.tripoto.com/hotels

कुछ सावधानियां जो ध्यान में रखे !

त्रियुंड जंगल व पहाड़ी के शीर्ष पर है। रास्ते बेहद कठिन है। ऐसे में त्रियुंड जाते समय ग्लू में पुलिस पोस्ट में अपना पंजीकरण ज़रूर करा ले।

त्रियुंड जाने के लिए पंजीकृत गाइड की सहायता ज़रूर ले , अगर बिना गाइड के जा रहे है तो सीधे रस्ते के अलावा इधर उधर न घुस जाए नहीं तो आप अपनी जान जोखिम में दाल सकते है।

त्रियुंड में रहने की व्यवस्था पहले से ही करा ले। यहाँ रात को मौसम बेहद ठंडा हो जाता है। बिना होटल बुकिंग के आप बाहर नहीं सो सकते।

बारिश व बर्फ़बारी के दौरान त्रियुंड में धुंध व बादल होते है। अगर रास्ता भटक जाए या फिर अँधेरा हो जाए तो घबराये नहीं एक सुरक्षित स्थान ढूंढ कर पुलिस की मदद ले ले।

त्रियुंड की पहाड़ियों में भालू व तेंदुए भी पाए जाते है। ऐसे में अकेले जंगल की तरफ न जाए।

कैसे पहुंचे !

त्रियुंड धर्मशाला का एक हिस्सा है। यह मैक्लोडगंज से करीब 9 किलोमीटर आगे पहाड़ी पर है। त्रियुंड जाने के लिए मैक्लोडगंज से पैदल या फिर धर्मकोट होते हुए ग्लू नामक स्थान तक टैक्सी से पहुँच सकते है। इसके आगे आप पैदल सफर शुरू कर सकते है।

कांगड़ा हवाई अड्डे तक दिल्ली से नियमित 3 उड़ने है। कांगड़ा एयरपोर्ट धर्मशाला से 10 किलोमीटर दूर गगल में है। गगल से आप टैक्सी या बस से धर्मशाला पहुँच सकते है। दिल्ली , चंडीगढ़ , जम्मू व मनाली से धर्मशाला के लिए नियमित सामान्य व वॉल्वो बस सेवा उपलब्ध है। नज़दीकी ब्रोडगेज़ रेलमार्ग पठानकोट है।

धनयवाद।

आप हमसे सोशल मीडिया पर जुड़कर अपने अनुभव साझा कर सकते है।

WWW.INSTAGRAM.COM/AFSARULHAQ

WWW.TWITTER.COM/AFSARULHAQ

Be the first one to comment