धूमेश्वर महादेव

Tripoto
21st Jul 2020
Day 1

#धूमेश्वर महादेव
ग्वालियर की एक छोटी सी तहसील भितरवार के निकट  और दतिया से करीब 60 km की दूरी पर सिंध और पार्वती नदी के संगम पर एक खूबसूरत और अत्यंत प्राचीन मंदिर है जिसमे विराजे है धूमेश्वर महादेव।
यहां पर सिंध नदी अपनी सौंदर्य की छटा बिखेरती हुई बहती है और एक जल प्रपात भी बनाती है जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है। चारो ओर हरा भरा जंगल और पत्थरों पर बहता पानी अत्यंत मनोहारी दृश्य बनाता है। और नदी के किनारे बना विशाल सफेद मंदिर  नीले आसमान में अत्यंत आकर्षक लगता है । भगवान भोलेनाथ का यह स्थान बहुत अधिक प्राचीन है और इनका नाम सिंध नदी के प्रपात से उठने वाले धूम्र के कारण ही धूमेश्वर महादेव पड़ा है। ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल मे पांडव भी यहां कुछ समय रुके रहे।
कल सावन के तृतीय सोमवार को भगवान धूमेश्वर महादेव के दर्शन करने का मौका मिला। जैसे ही  हम दर्शन करके नदी के किनारे की ओर गए वैसे ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी
और जंगल मे बारिश की खूबसूरती में चार चांद लग गए।
ये स्थान भी बुंदेलखंड की एक अनमोल धरोहर है  मुख्य मार्ग से काफी अंदर होने के कारण इस स्थान  से कम ही लोग परिचित है मैं स्वयं भी इतने नजदीक होने के बावजूद पहली बार इस स्थान पर गया हूँ। परन्तु अब शायद बार बार जाना हो।
यहां पहुचने के लिये डाबर से सीधे भितरवार रोड पर  लगभग 20km चलने के बाद बायी ओर मुड़कर  5-6 km चलना पड़ता है।

Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava
Photo of धूमेश्वर महादेव by Hemant Shrivastava