क्या चाहिए तुम्हें? भोग या भगवान?
यहाँ दोनों मिलेगा।
न्याय के राजा विक्रमादित्य की अधिष्टात्रि हरसिद्धि की भूमी, राजाओं के राजा और कालो के काल महाकाल की नगरी, पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण की विद्यास्थली सब तीर्थ स्थानों मे तिल मात्र बड़ी, मोक्ष दायनी माँ क्षिप्रा के तट पर बसी एक शांत नगरी उज्जैन।
यहाँ के लोग और उनका जीवन बेहद साधारण। भोग, विलासिता से दूर अपनी ही मस्ती में मस्त रहते हैं, यहाँ के वासी।
आईये थोड़ी सैर कराये आपको उज्जैन की।














































