
भारत एक अनोखा राष्ट्र है, जिसका निर्माण विविध भाषा, संस्कृति, धर्म के तानो बानो,
अहिंसा और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित स्वतंत्रता संग्राम तथा सांस्कृतिक विकास के समृद्ध इतिहास द्वारा एकता के सूत्र में बाँध कर हुआ हैं|
भारत विभिन्न संस्कृति के साथ साथ , विभिन्न हुनर के उस्तादों से से भरा हुआ है । भारत के विभिन्न हुनरमंद उस्ताद को भारत सरकार द्वारा आयोजित "हुनर हाट" मे अपना हुनर दिखाने का अवसर प्रदान हुआ है।
जहाँ भारत के 30 राज्यों और केंद्रशाषित प्रदेशो से आये शिल्पकार और रसोइये को अपना हुनर का जलवा दिखाने का मौका मिलता है ।
हुनर हाट:
यह अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की एक प्रदर्शनी है। जिसे पहली बार वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था।
हुनर हाट की अवधारणा वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की कला और शिल्प की पैतृक विरासत की रक्षा और बढ़ावा देने तथा पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का समर्थन करने के लिये की गई है।



हुनर हाट प्रदर्शनी में चुने गए कारीगर वे हैं जिनके पूर्वज इस तरह के पारंपरिक हस्तनिर्मित काम में शामिल थे और अभी भी इस पेशे को जारी रखे हुए हैं।


आयोजक:
हुनर हाट अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा ‘उस्ताद’ (विकास के लिये पारंपरिक कला/शिल्प में कौशल और प्रशिक्षण उन्नयन) योजना के तहत आयोजित किये जाते हैं।
उस्ताद योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की पारंपरिक कला एवं शिल्प की समृद्ध विरासत को बढ़ावा देना और संरक्षित करना है।.
















