
Day 1
घुमक्कड़ शब्द सुनते ही मन में कुछ ख्याल आ ही जाता है
हर किसी को घूमने का शौक होता है
क्यूं ना घूमा जाए
ऐसे ही चूमने के तर्ज पर निकल पड़े एक नई क्षेत्र में जहां अपनी अपनी संस्कृति – सभ्यता के द्योतक है
यहां लोगों की अपनी एक पहचान है
जहां शहरीकरण के बावजूद लोगों को अपनी संस्कृति सभ्यता को बड़े सरलता से बनाए हुई हैं
यही इनकी खासियत होती है
जो हमारे जीवन सैलियों में बदलाव को देखे तो बहुत हुआ बदलाओ उनके अपेक्षा आज भी हम भाग दौड़ की जिंदगी में आ तो गए परन्तु अपनी पहचान को भूल गए इसी के चलते यहां की संस्कृति से आप सभी को परचित करवाते हैं




































