1 साल, 26 राज्य: नौकरी के बावजूद, ऐसे किया घूमने का सपना पूरा

Tripoto
Photo of 1 साल, 26 राज्य: नौकरी के बावजूद, ऐसे किया घूमने का सपना पूरा 1/1 by Kanj Saurav

मैं जिस तरह का मुसाफिर हूँ, मुझे हमेशा से पता था कि एक बार जब मैं अपनी MBA पूरी कर कॉलेज से निकलूँगा, तो जितना मर्ज़ी घुमूँगा। लेकिन मेरे इस सपने को एक झटका तब लगा जब मेरी नौकरी छत्तीसगढ़ में लग गई, वो जगह जहाँ से लगातार सार्वजनिक परिवहन मिलना मुश्किल था, और हफ्ते में 6 दिन ऑफिस होता था। सप्ताहांत पर यात्रा मानो नामुमकिन थी। फिर क्या, मैंने उस नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया, और मानों या ना मानो वजह भी यही बताई कि भई मुझे घूमने के लिए वक्त चाहिए। और नहीं, मैं खानाबदोश नहीं हुआ बल्कि, मैं खुद एक ट्रैवल कंपनी में शामिल हो गया, उनके लिए मार्केटिंग करने लगा। और मैं अब मैं अपनी आज़ादी से घूम-फिर रहा हूँ।

मेरा लक्ष्य: 2018 में हर दूसरे सप्ताहांत पर यात्रा करना

क्या लक्ष्य पूरा हुआ: नहीं, लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए मैंने सितंबर और दिसंबर के महीने में हर सप्ताहांत में यात्रा की

बजट: मैं यात्रा के दौरान अपना स्टूडेंट लोन चुका रहा था, तो कपड़े और नशा-पानी पर खर्च ना करके सारी पूँजी सिर्फ यात्रा में ही इस्तेमाल की।

छुट्टियाँ: मैंने अपनी बिमारी और फालतू की छुट्टियों को कम से कम किया ताकी घूमने के लिए छुट्टियाँ ले सकूँ।

और कुछ ऐसे मैंने 2018 में 26 राज्यों की यात्रा की।

जनवरी

1. गुजरात (गणतंत्र दिवस पर, छुट्टी: 2)

मैंने छत्तीसगढ़ के चम्पा से अहमदाबाद तक 33 घंटे लंबी ट्रेन यात्रा की। यह आपको हैरान कर सकता है, लेकिन अगर मैंने उड़ान भरी होती, तो यात्रा लंबी होती। मौका था कॉलेज के दोस्तों छात्रों के मिलने का, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि मैं कॉलेज से आगे नहीं जाऊंगा।

फरवरी-मार्च (छुट्टी: 7)

फरवरी में मैंने सप्ताहांत में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में यात्रा की, और एक लंबी छुट्टी ली। मैंने सप्ताहांत और होली के साथ अपनी छुट्टियों को मिलाया, जिससे मैं दक्षिण भारत में 11 दिन की यात्रा कर पाया। मैं कोच्चि में उतरा और सड़क और रेलमार्ग से एलेप्पी, वर्कला, कन्न्याकुमारी, त्रिची, पॉन्डिचेरी, महाबलीपुरम और चेन्नई की यात्रा की।

2. छत्तीसगढ़

3. केरल

4. तमिल नाडु

5. पॉन्डिचेरी

अप्रैल में अपनी नौकरी छोड़ने के बाद, मैं जम्मू- कश्मीर की एक सप्ताह की लंबी यात्रा पर गया। मैंने दिल्ली से जम्मू के लिए एक ट्रेन ली और फिर सड़क और रेलवे द्वारा कश्मीर घाटी की यात्रा की।

अप्रैल

6. जम्मू और कश्मीर (नौकरियों के बीच, छुट्टियाँ: 0)

मई (सप्ताहांत पर यात्रा की, छुट्टियाँ: 0)

जैसे ही मैंने मई में एक नई नौकरी जॉइन की, मैंने दिल्ली एनसीआर के बाहर महीने भर कोई यात्रा नहीं की। लेकिन दिल्ली-एनसीआर में ही इतना कुछ है कि घूमने की कसर पूरी हो गई।

7. दिल्ली

8. हरियाणा

जून (लंबे सप्ताहांत पर यात्रा की, छुट्टी: 0)

मैंने जून में लंबे सप्ताहांत पर यात्रा करके मैंने मई में ना घूम पाने की भरपाई कर ली। मैंने उत्तराखंड की दो यात्राएँ कीं, एक लैंसडाउन की और दूसरी एक लंबी वीकेंड पर नैनीताल, अल्मोड़ा और रानीखेत की।

9. उत्तराखंड

जुलाई (छूट्टी: 3)

जुलाई के महीने में, मैंने अपने माता-पिता से मिलने के लिए बिहार की यात्रा की, जो वहाँ पढ़ा रहे हैं। हमने आस-पास के क्षेत्रों की यात्रा की और झारखंड और बिहार के कुछ पवित्र स्थानों पर गए।

10. बिहार

11. झारखंड

अगस्त (सप्ताहांत पर यात्रा की, छुट्टी: 0)

जुलाई के अंत में और शुरुआती अगस्त में मैंने एक सप्ताहांत पर ओरछा और खजुराहो की यात्रा की।

12. मध्य प्रदेश

सितंबर (छुट्टी: 5)

सितंबर भूटान की अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए था। भूटान यात्रा में एक भारतीय पढ़ाव भी शामिल था, जिसमें मैंने कुरसेओंग और दार्जिलिंग का दौरा किया। इस यात्रा के बाद मेरे अंदर का मुसाफिर छटपटा कर उठा और वापस आने के बाद आगरा, फतेहपुर सीकरी, अमृतसर और चंडीगढ़ जाने के लिए महीने में हर सप्ताहांत यात्रा की।

13. पश्चिम बंगाल

भूटान

14. उत्तर प्रदेश

15. पंजाब

16. चंडीगढ़

अक्टूबर (दशहरा और सप्ताहांत पर, छुट्टी: 1)

अक्टूबर और दशहरा आया और मैं अपने दोस्तों से मिलने के लिए मुंबई चला गया, जिसके साथ मैंने दादरा और नगर हवेली (सिलवासा) और दमन और दीव (दमन) के छोटे केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा की योजना बनाई।

17. दादरा और नगर हवेली

18. दमन और दिउ

19. महाराष्ट्र

नवंबर (दिवाली पर यात्रा, छुट्टी: 2)

मैंने अपने माता-पिता और भाई के साथ दिवाली मनाने के लिए बैंगलोर की यात्रा की। यात्रियों के रूप में, हमने चिकमगलूर में कॉफी एस्टेट की यात्रा की योजना बनाई है। बाद के महीने में, मैंने सप्ताहांत में ऊँट मेले के दौरान पुष्कर की यात्रा की।

20. कर्नाटक

21. राजस्थान

दिसंबर (सप्ताहांत, क्रिसमस और न्यू इयर पर यात्रा, छुट्टी: 5)

मैंने दिसंबर में अपनी बची हुई छुट्टियों का इस्तेमाल महीने के अंत में उत्तर-पूर्व की 11-दिन बैकपैकिंग यात्रा के लिए किया। लेकिन इससे पहले, मैंने हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू, राजस्थान के बीकानेर और उत्तराखंड के ढोलानी में तीन सप्ताहांत बिताए।

22. हिमाचल प्रदेश

23. अरुणाचल प्रदेश

24. असम

25. त्रिपुरा

26. मिज़ोरम

चार लंबी यात्राओं के लिए ली गई छुट्टियों को छोड़कर, बाकी सभी यात्राएँ सप्ताहांत में थीं, और मैंने इन यात्राओं (परिवहन, भोजन और ठहरने सहित) पर औसतन ₹3000 खर्च किए। मैंने राज्य परिवहन की बसों का इस्तेमाल किया और हॉस्टल और बजट होटल में रुका, और छूट के लिए कई सारी ऐप का भी इस्तेमाल किया।

अपनी लंबी यात्राओं पर रहने का खर्च बचाने के लिए मैंने रात में ट्रैवल किया और सिर्फ ऑफलाइन बुकिंग पर भरोसा किया, जो हमेशा ऑनलाइन विकल्पों की तुलना में सस्ती होती हैं (अगर आप ऑफ सीजन में यात्रा कर रहे हैं)।

अगर मकसद सिर्फ घूमने करने का है, और ना की सोशल मीडिया पर उसके घमंड का, तो यात्रा महंगी नहीं है। देश भर में सुंदर और दिलचस्प जगहें हैं, और शाम बिताने के लिए आपकी पसंदीदा जगह शायद किसी ट्रैवल लिस्ट में शामिल भी ना हो, लेकिन ये दुनिया की भीड़ से निकलने का एक ज़रिया है। यात्रा करें और ऐसी कई जगहें ढूँढें। आखिर घुमक्कड़ी का मकसद ही है ऐसी ठिकाने ढूँढना जहाँ आप हलचल से दूर सुकून के कुछ पल गुज़ार सकें।

तो आप अपनी यात्रा का प्लान कब बना रहे हैं। अपने सफर की अनोखी कहानी Tripoto समुदाय के साथ बाँटने के लिए यहाँ क्लिक करें।

ये आर्टिकल अनुवादित है। ओरिजनल आर्टिकल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Be the first one to comment