भारत की इन 10 सबसे ख़तरनाक सड़कों पर ड्राइव करना मौत के मुँह में हाथ डालना है

Tripoto

ड्राइविंग करने में तो हम सभी को मज़ा आता है | लेकिन अगर बात ऐसी जगह ड्राइव करने की करें जहाँ गाड़ी में बैठे लोग भी हनुमान चालीसा पढ़ रहे हों, तो मज़ा नही पसीना आएगा | सड़क की ढलानें ऐसी कि ज़रा ब्रेक छूटा नहीं की गये काम से | जब रोमांच में जोखिम का तड़का कुछ ज़्यादा ही लग जाता है तो ड्राइविंग करना मज़ा नहीं सज़ा लगने लगता है | हम ऐसी ही सड़कों की बात कर रहे हैं जहाँ गाड़ी चलाते समय आप ऊपरवाले को याद करेंगे |

तो इससे पहले की आप अपनी ड्राइव करने की काबिलियत का गुणगान करने लगें, भारत की कुछ बेहद ख़तरनाक सड़कों के बारे में जान लीजिए, जहाँ ड्राइव करने में हुनर से ज़्यादा हिम्मत काम आती है | और अगर आपने जुगाड़ लगाकर लाइसेंस बनवाया है तो इन सड़कों से दूर ही रहें जहाँ अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं |

1.) किल्लर - किश्तवाड़ रोड

एक मिनट, क्या इस सड़क के नाम में ही 'किलर' है? वीडियो देख कर तो आपको अंदाज़ा लग ही गया होगा |

जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ से हिमाचल प्रदेश में किल्लर को जोड़ने वाली इस सिंगल-लेन सड़क पर कंकड़-मिट्टी, ढहने वाली चट्टानें, झरने, जानलेवा मोड़ और सड़क से नीच हज़ारों फीट गहरी खाई है | इसे भारत की ही नहीं, दुनिया की सबसे ख़तरनाक रोड कहा जा सकता है |

अनुमानित लंबाई: 120 किमी

सड़क पर समय: लगभग 8-10 घंटे

कब जाएं: मई - जून, सितंबर - अक्टूबर

मार्ग: किल्लर - गुलाबगढ़ - किश्तवाड़

2.) ज़ोजी ला (लेह से श्रीनगर)

समुद्र तल से 11,575 फीट की ऊंचाई पर ज़ोजी ला भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग 1 के लेह-श्रीनगर सेक्शन पर एक पहाड़ी दर्रा है। ज़ोजी ला के आस पास का नज़ारा तो कातिलाना है ही, साथ ही संकरी सड़क, ढीली चट्टानों, बिगड़े मौसम और तीखे मोडों के कारण के सड़क भी कातिल बन सकती है |

इतना ही नहीं, कई बार सामने से आते वाहनों को रास्ता देने के लिए कई मीटर गाड़ी रिवर्स में भी चलानी पड़ती है | इस दर्रे पर आपके ड्राइविंग हुनर की असली परीक्षा होती है | एक ग़लती और आप हज़ारों फीट गहरी खाई में |

अनुमानित लंबाई: 10 किमी

सड़क पर समय: लगभग 2 घंटे

कब जाएं: मई - सितंबर

मार्ग: सोनमर्ग - ज़ोजी ला - द्रास - कारगिल - लेह

3.) उमलिंग ला, लद्दाख

19,323 फीट की ऊँचाई पर स्थित उमलिंग ला दुनिया की सबसे ऊँची मोटरेबल सड़क तो है ही, साथ ही सबसे ख़तरनाक सड़कों में से एक भी है | लद्दाख में चिसुमले और डेमचोक गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क के नज़ारे तो बेहद खूबसूरत हैं, मगर यहाँ ओक्सीजन का स्तर कम होने की वजह से आपके साथ ही आपके वाहन की भी परीक्षा होती है |

उमलिंग ला तक पहुंचने के लिए आपको घुटने तक गहरे पानी के बहाव से होते हुए ढलान वाली कीचड़ भरी सड़क से होकर गुज़रना पड़ता है | अगर आपकी गाड़ी खराब हो जाए तो भगवान ही मालिक है, क्यूंकी यहाँ दूर-दूर तक कोई मैकेनिक नही मिलता | इसलिए अच्छा रहेगा कि यहाँ आप सभी सामान के साथ मज़बूत 4X4 का वाहन ले कर ही जाएँ |

अनुमानित लंबाई: 105 किमी

सड़क पर समय: लगभग 1.5 घंटे

कब जाएं: सितंबर - अक्टूबर

मार्ग: हैले - उकडेल - उमलिंग ला - डेमचोक

4.) मनाली - लेह राजमार्ग

जैसा की आपने देखा, मनाली-लेह सड़क पर भारत के सबसे सुंदर नज़ारे देखने को मिलते हैं | मगर इस सुंदरता के भ्रम में ना पड़ें | इस सड़क पर आपको बहते नालों, बिना रेलिंग वाले घुमाव, टूटते पत्थरों और यातायात से जूझना पड़ेगा |

याद रहे इस रास्ते में रोहतांग दर्रा तो आता ही है, साथ ही 365 किमी तक ईंधन भरवाने का कोई साधन नहीं हैं | यहीं गाटा लूप के 21 तीखे घुमाव आते हैं | दिल मज़बूत करके यात्रा पूरी करने की सोच के ही इस सड़क पर उतरें |

अनुमानित लंबाई: 475 किमी

सड़क पर समय: लगभग एक दिन

कब जाएं: जून - सितंबर

मार्ग: मनाली - रोहतांग ला- गाटा छोर - तंगलंग ला - लेह

5.) किन्नौर रोड

एनएच -5 पर स्थित हिमाचल के किन्नौर को जाने वाला ये रास्ता चट्टानों को काट कर बनाया गया है | खाई में झाँकते तीखे मोड़, टूटी सड़क, और यातायात के बोझ के तले दबी इस सड़क को भारत की सबसे ख़तरनाक सड़कों में से एक गिना जाता है | किन्नौर रोड पर एक छोटा सा इलाका, तरांडा धनक इस रास्ते पर सबसे खतरनाक हिस्सों में से एक है जिसने कइयों की जानें ली हैं |

अनुमानित लंबाई: 130 किमी

सड़क पर समय: लगभग 12 घंटे

कब जाएं: मई से मध्य जुलाई और सितंबर से अक्टूबर

मार्ग: रामपुर - सांगला - कल्पा - किन्नौर

6.) थ्री-लेवल ज़िगज़ैग रोड

ख़तरनाक सड़कों की बात करें और सिक्किम के ज़ुलुक गाँव के पास स्थित इस थ्री-लेवल सड़क को ना गिने, ऐसा नहीं हो सकता | इस सड़क पर 30 किलोमीटर में 100 से ज़्यादा तीखे घुमाव हैं | शायद इसीलिए इसे दुनिया के सबसे ज़्यादा तीखे घुमाव वाली सड़कों में से एक होने का दर्जा मिला हुआ है |

वैसे तो इस सड़क पर आस पास के बेहतरीन नज़ारे देखने को मिलते हैं, मगर चढ़ाई-उतराई और तीखे मोड़ से अच्छे से अच्छे ड्राइवर को भी चक्कर आ जाए |

अनुमानित लंबाई: 31 किमी

सड़क पर समय: लगभग 1.5 घंटे

कब जाएं: मार्च - जून, सितंबर - अक्टूबर

मार्ग: थम्बी व्यू पॉइंट - गनेक व्यू पॉइंट - ज़ुलुक- निमाचेन

7.) चांग ला पास

17,500 फीट से अधिक की ऊँचाई पर स्थित चांग ला 160 किमी लंबी मोटरेबल सड़क है जो लेह को पांगोंग झील से जोड़ती है | पूरे साल बर्फ़बारी और खराब मौसम की वजह से बिना तैयारी के गये साधारण ड्राइवर की ज़्यादा ऊँचाई के चलते तबीयत खराब हो सकती है और उल्टी हो सकती है | लेह से चांग ला के लिए आख़िरी चढ़ाई काफी खड़ी है जहाँ ड्राइव करने के लिए हुनर की ज़रूरत पड़ती है |

अगर जान से हाथ नहीं धोना तो अकेले और बिना बुनियादी दवा, भोजन व ईंधन के इस रास्ते पर ना निकलें |

अनुमानित लंबाई: 15 किमी

सड़क पर समय: लगभग 1 घंटा

कब जाएं: मई - जून

मार्ग: लेह - कारू - शक्ति - चांग ला - पैंगोंग त्सो

8.) नेरल - माथेरान रोड

ये पक्की सड़क देखने में तो आसान लग सकती है मगर ज़्यादातर ड्राइवरों को पता ही नहीं होता कि 8-9 किमी में ही ये सड़क 750 मीटर से भी ज़्यादा चढ़ाई पकड़ लेती है |

धुन्ध में इतनी खड़ी ऊँचाई पर बिना रेलिंग वाले तीखे घुमाओं में ड्राइव करना कोई खेल नहीं है | तो इस सड़क पर गाड़ी चलाते समय सचेत रहें |

अनुमानित लंबाई: 9 किमी

सड़क पर समय: लगभग 1 घंटा

कब जाएं: अप्रैल - जून, सितंबर - अक्टूबर

रूट: नेरल - माथेरान

9.) मुंबई - पुणे एक्सप्रेसवे, महाराष्ट्र

6 लेन वाले इस राजमार्ग को सबसे ख़तरनाक सड़कों की सूची में शामिल देख चौंकिए मत | इस राजमार्ग का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि देश में सबसे ज़्यादा दुर्घटना संभावित सड़कों में से ये एक है | लापरवाह ड्राइवरों , बुनियादी यातायात नियमों की नज़रअंदाज़ी और बढ़ते यातायात के चलते इस राजमार्ग पर ड्राइव करना कई पहाड़ी रास्तों पर ड्राइव करने से ज़्यादा ख़तरनाक है |

अनुमानित लंबाई: 94 किमी

सड़क पर समय: लगभग 2 घंटे

कब जाएं: मानसून को छोड़कर कभी भी

रूट: मुंबई - लोनावाला - पुणे

10.) बेसेंट एवेन्यू रोड, चेन्नई

खड़ी चढ़ाई, तीखे घुमाव और लापरवाह ड्राइविंग से आपको ख़तरा है? जी नहीं ! कुछ ख़तरे के कारण आपकी और हमारी समझ से परे होते हैं | अब अगर बात भूतहा सड़क की करें तो डर तो लगेगा ही | अगर आपको रात के समय भूतहा सड़क पर चलने से डर लगता है तो भूल कर भी चेन्नई की अंधेरी और सुनसान बेसेंट एवेन्यू रोड पर गाड़ी लेकर ना निकलें |

कहा जाता है कि भारत की सबसे भूतहा सड़कों में से एक बेसेंट एवेन्यू रोड पर भूत आप पर हमला कर देते हैं | कई लोगों ने बताया है कि सूरज ढलने के बाद यहाँ ड्राइव करने पर उन्हें गाल पर ज़ोर से थप्पड़ पड़ा या किसी अनदेखी चीज़ ने उन्हें ज़ोर से धक्का दे दिया |

अनुमानित लंबाई: 1.5 किमी

अनुमानित समय : 5-10 मिनट

कब जाएं: शाम (अगर आप जाने को तैयार हैं तो !)

रूट: बेसेंट एवेन्यू रोड

तो क्या अपने ड्राइविंग के हुनर पर आपको अब भी नाज़ है? अगर हाँ, तो बहुत बढ़िया | अगर नहीं तो कमेंट्स में किसी ऐसे व्यक्ति को टैग कीजिए जिसे आप इन ख़तरनाक सड़कों के बारे में बताना चाहेंगे |

अगर आपने इन ख़तरनाक सड़कों में से किसी पर ड्राइव किया है तो अपना अनुभव औरों के साथ भी बाँटें | ट्रिपोटो का यू ट्यूब चैनल सबस्कराइब करें और इंटरनेट पर मौजूद सबसे बेहतरीन ट्रैवल वीडियो का आनंद लें |

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