अब जल्द ही कारगिल के लिए भर सकेंगे उड़ान

Tripoto

1999 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद कारगिल ने देश और दुनिया की नज़रों में आया। अगर कई लोगों की तरह, आप भी यहाँ की चोटियों के शानदार नज़ारों को निहारना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। जल्द ही कारगिल में सभी सुविधाओं से लैस एक ऐयरपोर्ट खुलने वाला हैं जहाँ से आम लोग भी उड़ान भर पाएँगे।

हाल ही में, जम्मू-कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव, बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने दिल्ली में केंद्रीय सचिव, नागरिक उड्डयन और दूसरे हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के अधिकारियों के साथ एक बैठक में इस मामले पर चर्चा की। फिलहाल कारगिल हवाई अड्डे के मौजूदा इंफ्रासट्रक्चर को बेबतर बनाने पर रिसर्च की जा रही है।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों में बताया गया है कि इस एयरपोर्ट के लिए 15 जुलाई के साथ करार किया जाएगा और अगस्त के अंत तक इस नए हवाई अड्डे का निर्माण शुरू होने की संभावना है। वर्तमान रनवे का काफी विस्तार होने की उम्मीद है। मौजूदा रनवे को भी पहले से काफी बहतर और बड़ा बनाने की योजना है।

इस नए हवाई अड्डे के बनने से कारगिल पर्यटन को भुनाने का एक बड़ा मौका मिलेगा। 1999 की घटनाओं के बाद से इस पुरे इलाके को लेकर उत्साह और जिज्ञासा के चलते उम्मीद है कि पर्यटक बड़ी संख्या में इस जगह का रुख करेंगे।

इसके अलावा, पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोज़गार और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही इस हवाई अड्डे के बनने से कार्गिल की जम्मू कश्मीर और पूरे देश से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। फिलहाल सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण ये इलाका कश्मीर और पूरे देश के कट जाता है।

द्रास से 60 कि.मी. दूर स्थित, कारगिल, लेह के बाद लद्दाख में दूसरा सबसे बड़ा शहर है। कारगिल की कुछ महत्वपूर्ण जगहें हैं सुरू घाटी, मुल्बेख मठ, नून कुन पर्वत, रंगदुम और कारगिल पेन्सी ला झील। यात्रियों के लिए एक आरामदायक अनुभव के लिए पर्यटन सुविधाएँ मुख्य रूप से इन स्थानों के आसपास विकसित की जाएँगी।

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