अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में बनने जा रहा है पहला भारतीय रेल मार्ग

Tripoto
Photo of अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में बनने जा रहा है पहला भारतीय रेल मार्ग 1/5 by लफंगा परिंदा

अंडमान और निकोबार द्वीप अपने साफ सुथरे समुद्रतटों, शांत समंदर और प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर होने की वजह से मुसाफिरों के बीच हमेशा ही लोकप्रिय रहे हैं, ख़ासकर के नये दंपत्ति जोड़े के लिए जो अपना हनीमून मनाने यहाँ आते हैं | अगर आप भी अंडमान और निकोबार के प्यारे द्वीपों में छुट्टियाँ मनाने के सपने देख रहे है तो आप के लिए एक खुशख़बरी है | पहली बार भारतीय रेलवे अंडमान निकोबार में रेल सेवा शुरू करने की योजना बना रही है |

हो सकता है आप ने रेल में बैठ कर अंडमान और निकोबार की सुंदरता को निहारते हुए कल्पनाओं में सैर भी करना शुरू कर दिया होगा | अब ज़रा जल्द ही शुरू की जाने वाली इस रेल सेवा के बारे में अधिक जानकारी भी पढ़ लीजिए |

क्या है ये रेल सेवा ?

अंडमान और निकोबार के द्वीपों को जोड़ने वाले 240 किलो मीटर लंबे इस रेलवे मार्ग पर आने वाले पुल और स्टेशन इन स्वीपों की तट रेखा के साथ साथ होंगे | ये रेल मार्ग पोर्ट ब्लेयर को दिग्लीपुर से जोड़ देगा और इस द्वीप समूह में चलने वाला पहला रेल मार्ग होगा जो भारतीय रेलवे के मानचित्र में इस द्वीप समूह को स्थान दिलाएगा |

अभी की बात करें तो पोर्ट ब्लेयर से दिग्लीपुर करीब 350 किलो मीटर की दूरी पर है जहाँ जाने के लिए या तो सड़क मार्ग से बस में 14 घंटे से ज़्यादा की यात्रा करनी पड़ती है या फिर जहाज़ द्वारा 24 घंटे की | इन दोनों जगहों के बा=ईच कोई वायुयान नहीं उड़ता है |

परियोजना की लागत

Photo of अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में बनने जा रहा है पहला भारतीय रेल मार्ग 3/5 by लफंगा परिंदा
(श्रेय) आंद्रे एम

इस रेल मार्ग को बनाने में 2413.68 करोड़ रुपये का खर्चा किया जाएगा जिससे 9.64 फीसदी की नकारात्मक दर से किए गये निवेश पर प्रतिफल मिलेगा | हालाँकि 12 फीसदी के सकारात्मक प्रतिफल पर ही किसी रेल मार्ग को व्यावसायिक तौर पर लाभकारी माना जाता है मगर द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा किए गये दस्तावेज़ों की समीक्षा से ये खुलासा हुआ है कि भारतीय रेलवे ने इस रेल मार्ग की विशिष्टता और योजना की दृष्टि से महत्व को मद्देनज़र रखते हुए इस परियोजना की स्वीकृति दे दी है |

रेलवे के योजना और वित्त निदेशकों ने कहा कि परियोजना " भारत की मुख्य भूमि से दूर है मगर विशिष्ट है और पर्यटन की दृष्टि से अच्छी क्षमता रखती है।"

पर्यटन के दृष्टिकोण से वरदान

रेल मार्ग बन जाने से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से देश के इस भाग में पनपते पर्यटन को बढ़ावा मिलना तो साफ है ही |

" हमारे अनुमान के अनुसार जैसे ही रेल मार्ग चालू हो जाएगा वैसे ही अंडमान और निकोबार देखने आने वाले सैलानियों की सालाना तादात 4.5 लाख से बढ़ कर 6 लाख तक पहुंच जाएगी | इसलिए रेलवे सर्वेक्षण भले ही नकारात्मक प्रतिफल दिखा रहा हो, फिर भी हमारे मूल्यांकन के अनुसार हालात कुछ और ही प्रतीत होते हैं | फिर भी अगर इस रेल मार्ग के चालू होने से किसी प्रकार का कोई घटा होता भी है तो हम उसे आपस में झेलने के लिए तैयार है | " अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर जगदीश मुखी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया।

रॉस और स्मिथ द्वीप डिगलीपुर के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से हैं। "ये तो मुख्य आकर्षनों में से केवल दो ही हैं। हर साल पोर्ट ब्लेयर से वहाँ पहुंचने के लिए लाखों पर्यटक बहुत तकलीफ़ का सामना करते हैं | रेल मार्ग का निर्माण होते ही ये दूर दराज के हिस्से भी राजधानी से जुड़ जाएँगे जो पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और रक्षा बलों के लिए फायदेमंद है। "

रक्षा बलों के लिए महत्व

इस केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने भी इस रेल मार्ग के निर्माण का पर्यटन की दृष्टि से तो महत्व बताया ही है साथ ही सुरक्षा के नज़रिए से भी इसकी गंभीरता का वर्णन किया है | कहते हैं कि रणनीतिक पैमाने पर देखा जाए तो दिग्लीपुर से म्यांमार का दक्षिणी तट समुद्र के रास्ते से केवल 300 किलो मीटर दूर है | ये नया रेल मार्ग राजधानी पोर्ट ब्लेयर से दिग्लीपुर की दूरी मात्र 3 घंटे में पूरी करा देगा |

रेलवे के योजना विंग के अनुसार ये रेल परियोजना रक्षा मंत्रालय के लिए रणनीतिक रिश्ते ठीक उसी प्रकार मज़बूत कर देगा जिस प्रकार भारत के उत्तरपूर्वी सीमावर्ती इलाक़ों मे हुए हैं | वास्तव में इस परियोजना पर होने वाले खर्चे को उसी प्रकार लिया जाए जिस प्रकार कश्मीर लिंक जैसे राष्ट्रीय स्तर की परियोजना के खर्च को लिया गया था |

क्या आप कभी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह घूमने गये हैं ? अपने अनुभव ट्रिपोटो पर अपने जैसे साथी सहयात्रियों के साथ बाँटें |

ये आर्टिकल अनुवादित है | ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए क्लिक करें |

Be the first one to comment