
आजकल अपने डेली रूटीन में समय निकालकर युवा अक्सर ट्रैकिंग पर जाना पसंद करते हैं। आम जिंदगी से अगर आप भी बोर हो गई हैं तो ट्रैकिंग आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। खूबसूरत वादियों में कुछ वक्त सुकून के पल बिताने के बाद आप न सिर्फ खुद को रिफ्रेश महसूस करेंगी बल्कि आप इस ट्रिप को भूल नहीं पाएंगी। माउंटेन लवर अक्सर ट्रैकिंग पर जाना पसंद करते हैं। ऐसा माना जाता है कि डिप्रेशन या फिर अधिक परेशान चल रही हैं तो ट्रैकिंग पर चले जाएं। अपने धैर्य को चेक करने का सबसे बेहतर तरीका है, लेकिन अगर आप पहली बार ट्रैकिंग पर जा रही हैं तो कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। कई ऐसे लोग हैं जो पहली बार ट्रैकिंग पर जा रहे होते हैं, ऐसे में वह एक्साइडेट तो होते हैं, लेकिन इन बातों का ध्यान नहीं रखने की वजह से गंभीर परेशानियों से घिर जाते हैं। इसलिए बहुत जरूरी है कि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए ताकी आपकी ट्रैकिंग ट्रिप शानदार बना सकें। इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि वह कौन-कौन सी चीजें हैं जो ट्रैकिंग के दौरान नहीं करनी चाहिए।
डेस्टिनेशन पर पहुंचने के लिए कभी न करें जल्दीबाजी

फिल्मों में अक्सर देखने को मिलता है जहाँ ट्रैकिंग के दौरान हीरो-हीरोइन एकदूसरे से कॉम्पिटिशन लगाते हैं। फिल्मों में इन चीजों को देखने पर हम अक्सर प्रभावित हो जाते हैं, लेकिन रियल लाइफ में ऐसा बिल्कुल न करें। पहली बार ट्रैकिंग पर जा रही हैं तो हमेशा याद रखें कि अपनी स्पीड को ट्रैक करें। यह आपको ऊंचाई तक पहुंचने में मदद करेगी। पर्याप्त समय में आप अपनी सहनशक्ति को देखते हुए आगे बढ़ सकती हैं। अधिक तेज या फिर किसी से कॉम्पिटिशन लगाने से आप डेस्टिनेशन में पहुंचने से पहले ही थक जाएंगी। इसके अलावा कई बार कॉम्पिटिशन की वजह से लोग किसी बड़े खतरे को बुलावा दे देते हैं।
हमेशा खुद को ऐसे रखें हाइड्रेट

पहाड़ों पर ट्रैकिंग कर रही हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि आप पानी पीना भूल जाएँ या फिर एक बार में ही ढेर सारा पानी पी लें। थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीना ठीक है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कितनी मात्रा में पानी पीना है। ट्रैकिंग के दौरान यह बहुत जरूरी है कि दिनभर में आप 6 से 7 लीटर पानी जरूर पिएं, वह भी धीरे-धीरे। सुबह उठते ही आधा लीटर पानी पिएँ, उसके बाद एक घंटा इंतजार करें और फिर पिएँ। ट्रैकिंग के दौरान दिनभर खुद को हाइड्रेट रखने के लिए समय-समय पर सिप-सिप कर पानी पीते रहें।
अधिक आराम ना करें

पहाड़ों पर तापमान कम रहता है, जिसकी वजह से वहाँ ठंड अधिक रहती है। इसलिए शरीर में गर्मी लाने के लिए आपको लगातार चलते रहना चाहिए। यह बेहद जरूरी है कि क्योंकि जैसे-जैसे आप पहाड़ों की तरफ बढ़ती हैं तापमान और भी गिरता जाता है। ऐसे में शरीर को गर्म करने के लिए आपको अपनी एक्टिविटी जारी रखनी चाहिए। अगर आप अधिक देर तक आराम करती हैं तो शरीर का तापमान भी गिरने लगेगा, जिससे ठंड भी लग सकती है।
कंधों पर ना हो अधिक बोझ


पहाड़ों पर ट्रैकिंग करते समय ज्यादातर लोग सामान अपने कंधों पर लाद लेते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए, अगर आप पहाड़ पर जा रही हैं तो उतने ही सामानों को पैक करें जिसे आप आसानी से कैरी कर सकती हैं। जरूरी सामान को ही पैक करें, ताकी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। अधिक सामान पैक करने से कंधों पर बोझ आ जाता है, जिससे आप ट्रैकिंग को एन्जॉय नहीं कर पाएंगी। इसलिए जितना कम सामान हो उतना बेहतर है।
जल्दी में बिल्कुल भी न रहें


कई लोग ट्रैकिंग के दौरान काफी जल्दबाजी करते हैं, ऐसा करने से आप खूबसूरत नाजरों को एन्जॉय नहीं कर पाएंगी। पर्याप्त समय में हर किसी को डेस्टिनेशन पर पहुंचने की जल्दबाजी रहती है, लेकिन अगर रास्ते में कुछ खूबसूरत नजारे देखने को मिलें तो वहाँ रुक कर उन पलों को एन्जॉय जरूर करें। अगर आपको लगे कि यहाँ बैठकर कुछ वक्त बिताना चाहिए तो जरूर बैठें, लेकिन अगर आपको लगता है कि आगे बढ़ जाना चाहिए तो वहाँ से चल दें।
अगर आप भी पहली बार कही ट्रैकिंग के लिए जा रही हों तो इन बातों का विशेष रूप से ज़रूर ध्यान रखें। ये महत्वपूर्ण बातें आपके यात्रा को सफल बनानें में आपकी सहायता करेंगी।
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