दिल्ली की 8 ऐतहासिक जगहें, जिनके बारे में दिल्ली वाले भी नहीं जानते

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Photo of दिल्ली की 8 ऐतहासिक जगहें, जिनके बारे में दिल्ली वाले भी नहीं जानते by Musafir Rishabh

दिल्ली के बारे में मशहूर शायर बशीर बद्र ने क्या खूब कहा है कि दिल की बस्ती पुरानी दिल्ली है, जो भी गुजरा है उसने लूटा है। दिल्ली को दिल वालों का शहर कहा जाता है। यहाँ की भीड़भाड़ और रौनक भरे माहौल में जो भी आता, वापस लौट नहीं पाता है। दिल्ली पहले भी हिन्दुस्तान का तख्त था, आज भी भारत की शान है। जो भी शासक, राजा हिन्दुस्तान आएं हैं, दिल्ली पर राज करने की भरसक कोशिश की है। इस वजह से दिल्ली में अनगिनत ऐतहासिक जगहें हैं जिनको देखे बिना दिल्ली को घूमना अधूरा है। हर दिल्ली वाला इन जगहों के बारे में अच्छे-से जानता है। इसके बावजूद दिल्ली में ही कुछ ऐतहासिक जगहें हैं जिनके बारे में दिल्ली वालों को भी पता नहीं होगा।

हम आपको दिल्ली की उन छिपी हुई ऐतहासिक जगहों के बारे में बता देते हैं। जब भी आपको दिल्ली में समय मिले तो इन जगहों पर जाना न भूलें। ये जगहें आपको दिल्ली के बारे में बहुत अच्छे-से बताएंगी। अगर आपकी इतिहास में थोड़ी-सी भी दिलचस्पी है तो आपको इन जगहों को जरूर देखना चाहिए।

1. फिरोज शाह कोटला किला

आपने दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम के बारे में तो सुना होगा, जिसका नाम अब बदल दिया गया है लेकिन शायद फिरोज शाह कोटला फोर्ट के बारे में न जानते हों। फिरोज शाह तुगलक ने फिरुजाबाद को दिल्ली सल्तनत की नई राजधानी बनाया था। उन्होंने ही फिरोज शाह कोटला किले को भी बनवाया था। आपको दिल्ली के इस किले की सैर जरूर करना चाहिए। इस किले को देखकर आप उस समय के आर्किटेक्चर का अंदाजा लगा सकते हैं। ये खूबसूरत किला दिल्ली घूमने वालों की लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

2. चोर मीनार

हौज खास दिल्ली की सबसे फेमस जगहों में से एक है। हौज खास कभी दिल्ली का एक गांव हुआ करता था लेकिन अब ये जगह पार्टी करने वालों की पसंदीदा जगहों में से एक हैं। हौज खास रात के समय लोगों से गुलजार रहता था। इसी हौज खास विलेज में आज भी इतिहास का गलियारा छिपा हुआ है। हौज खास में आप किला और डियर पार्क तो जा ही सकते हैं, इसके अलावा चोर मीनार को देख सकते हैं। आपको इस जगह पर एक बार जरूर आना चाहिए।

3. खान-ए-खाना मकबरा

हम में से ज्यादातर लोगों ने रहीम के दोहे जरूर पढ़े होंगे। उन्हीं रहीम का पूरा नाम अब्दुल रहीम खान-ए-खाना है। अब्दुल रहीम खान-ए-खाना मुगल शासक अकबर के नवरत्न में से एक थे। उन्हीं रहीम के मकबरे का नाम खान-ए-खाना है। आपने दिल्ली में हुमायूं का मकबरा तो देखा ही होगा। उससे थोड़ी ही दूरी पर निजामुद्दीन ईस्ट में रहीम का मकबरा है। इस मकबरे को देखने के लिए कम लोग ही जाते हैं। अगर आप घुमक्कड़ हैं या फिर इतिहास प्रेमी हैं तो इस जगह पर जा सकते हैं।

4. महरौली आर्कोलॉजिकल पार्क

कहा जाता है कि दिल्ली के इतिहास के गलियारों में घूमना है तो महरौली चले आईए। महरौली वही इलाका है जहाँ कुतुबमीनार है। महरौली आर्कोलॉजिकल पार्क में ढेर सारी जगहें हैं। इन सभी जगहों को देखने के लिए आपको बार-बार महरौली जाना पड़ेगा। महरौली में ही जमाली कमाली मस्जिद, जहाज महल, बलबन का मकबरा और राजों की बावड़ी है। आपने इनमें से शायद ही किसी के बारे में सुना होगा। अगर आप इन जगहों के बारे में नहीं जानते तो इन जगहों को घुम लेना चाहिए।

5. गालिब की हवेली

राजधानी दिल्ली में एक पुरानी दिल्ली हे। इस पुरानी दिल्ली में चांदनी चौक है। उसी से सटा इलाका है, बल्लीमारां। इसी बल्लीमारां की भुलभुलैया जैसी गलियों में एक गली है- गली कासिम जान। उसी गली में मस्जिद के पास रहते हैं मिर्जा गालिब। उर्दू के मशहूर शायर मिर्जा गालिब की हवेली को देखना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। हर किसी को गालिब की हवेली को देखना है। गुलजार साहब ने क्या खूब कहा है कि ‘इसी बेनूर अंधेरी सी गली कासिम से, एक तरतीब चरागों की शुरू होती है। एक कुरआन-ए-सुखन का सफहा खुलता है, असदुल्लाह खां गालिब का पता मिलता है।’ आपको भी दिल्ली में गालिब का पता खोज लेना चाहिए।

6. बाराखंबा मकबरा

अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आपने बाराखंबा जगह का नाम जरूर सुना होगा। इस बाराखंबा पर बाराखंबा मकबरा भी है। शायद ही आपने इस जगह का नाम सुना होगा। बाराखंबा मकबरा दिल्ली में लोधी रोड पर निजामुद्दीन पश्चिम में स्थित है। बाराखंबा मकबरा एक छोटे-से पार्क में है लेकिन रखरखाव की कमी की वजह से स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। बहुत कम लोगों को ही इस जगह के बारे में पता होगा। आपको एक बार दिल्ली की ऐतहासिक जगह पर जरूर जाना चाहिए।

7. जफर महल

अगर आप घूमने के लिए निकलो तो पुरानी दिल्ली में देखने को बहुत कुछ है। इसी पुरानी दिल्ली में जफर महल भी है। ये भी दिल्ली की उन जगहों में शामिल है, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा। दिल्ली के महरौली में स्थित जफर महल मुगलों की बनवाई आखिरी इमारत है। इसे मुगल शासक अकबर शाह द्वितीय ने बनवाया था। बाद में बहादुर शाह जफर ने इसका पुननिर्माण करवाया। इस वजह से इसे जफर महल के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर मोती मस्जिद और कई कब्र भी हैं।

8. जहाज महल

लोदी काल में बनी एक और ऐतहासिक इमारत है जिसे आपको जरूर देखनी चाहिए। महरौली में बना ये महल जहाज महल के नाम से जाना जाता है। ये महल जहाज के आकार का बना हुआ है। पानी के टैंक के किनारे बना ये महल देखने लायक है। जब बारिश में टैंक में पानी भर जाता है तो पानी में जहाज का प्रतिबंब दिखाई देता है। ये महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। यहाँ पर हर साल एक फेस्टिवल होता है। आपको इन सभी कम जानी-मानी एतहाससिक जगहों को देखने जरूर जाना चाहिए।

जब आप दिल्ली की इन जगहों को अच्छे-से घूम लेंगे तो शेख इब्राहिम जौक की शेर गुनगुना लेंगे। जौक कहते हैं कि इन दिनों गरचे दकन में है बड़ी कद्र-ए-सुखन, कौन जाए जौक पर दिल्ली की गलियां छोड़कर।

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