क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए

Tripoto

गुलमर्ग

क्या आपने कभी बर्फ़बारी का मज़ा लिया है? गुलमर्ग की हसीन वादियाँ आपको ये मौका देती हैं | अपने कमरे से बाहर निकलिये और गुलमर्ग के स्लेटी आसमान से गिरती रूई जैसी साफ बर्फ का आनंद लीजिए | गुलमर्ग जैसी हसीन जगह की ओर यात्रा पर निकल जाइए | गुलमर्ग में कदमों तले फूलों की चादरें और दूर दूर तक फैले बर्फ से ढके पहाड़ देखकर मन मोहित हो उठता है |

सर्दियों में गुलमर्ग परियों के देश सा लगता है जहाँ स्लेटी आसमान से साफ बर्फ की बारिश सी हो जाती है | इस समय पूरा गुलमर्ग बर्फ की चादर से धक जाता है जिसकी खूबसूरती देखकर आप आँखें नहीं फेर पाएँगे |

Photo of क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए 1/5 by लफंगा परिंदा

सर्दियों में गुलमर्ग में जहाँ तक आपकी नज़र जाएगी, आपको सफेद बर्फ ही नज़र आएगी | सड़कों पर बर्फ भारी होती है और ऐसा लगता है जैसे इस शहर को सफेद रंग में रंगने के लिए किसी ने स्लेटी आसमान में सफेद बर्फ की संदूक खोल दी हो | इस नैसर्गिक सुंदरता का अनुभव करना आपके जीवन के सबसे प्रभावशाली पलों में से एक होगा | आप भी हमारी ही तरह जिंदगीभर ना भुला सकने वाली यादें लेकर घर वापिस जाएँगे |

अपना खुद का स्नोमैन बनाना तो सोने पर सुहागा होगा | सबसे अच्छी बात यह है कि गुलमर्ग को "भारत में शीतकालीन खेलों का केंद्र" माना जाता है और इसे एशिया के सातवें सर्वश्रेष्ठ स्की गंतव्य के रूप में भी जाना जाता है। परियों के इस देश की सैर तो सभी को करनी चाहिए| तो निकल जाइए इस सर्दी की मौसम में गुलमर्ग की वादियों में खोने के लिए |

शीतकालीन खेल

Photo of क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए 2/5 by लफंगा परिंदा

बर्फ़बारी के समय शीतकालीन खेल अपने चरम पर होते हैं | इसलिए गुलमर्ग में स्की करना सीखना तो लाज़मी है ही | स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और हैली-स्कीइंग जैसे शीतकालीन खेलों का आनंद लें। यदि आप बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो टोबोगनिंग (बर्फ से ढकी ढलानों पर फिसलना) निश्चित रूप से एक ऐसा खेल है जो आपको एक अलग ही अनुभव देगा | गुलमर्ग के ये रोमांचक खेल आपके रोंगटे तो खड़े कर ही देंगे साथ ही आपकी बकेट लिस्ट में से कुछ गतिविधियाँ भी कम हो जाएँगी |

गुलमर्ग गोंडोला की सवारी

Photo of क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए 3/5 by लफंगा परिंदा

गुलमर्ग गोंडोला

गुलमर्ग की गोंडोला राइड दो चरणों में होती है | पहला चरण गोंडोला लिफ्ट है जो कोंगोरोजी पर्वत से एफ्रावेट चोटी तक लोगों को ले जाती है। पहले चरण में पर्यटकों को समुद्र तल से 8530 फीट की ऊंचाई पर स्थित कोंग्रेसी स्टेशन तक ले जाया जाता है और दूसरे चरण में यात्रियों को 12293 फीट की दूरी पर स्थित कोंगरोगी पर्वत पर ले जाया जाता है। यह केबल कार की सवारी अपने साथियों के साथ सर्दियों का मज़ा लेने का सही तरीका है।

अलपथर झील की ट्रेकिंग करें

Photo of क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए 4/5 by लफंगा परिंदा

जमी हुई अलपथर झील

सर्दियों में अलपथर झील की सतह पर बर्फ की चादर जाम जाती है जो प्रकृति का एक अनोखा रूप प्रस्तुत करती है | इस झील की ओर एक दिन की ट्रेकिंग आपको ज़िंदगीभर के लिए यादें दे जाएगी | आस पास चुप्पी और दूर दूर तक बर्फ से ढके पहाड़ एक अलग ही अहसास देते हैं |

क्या खाएँ

Photo of क्यूँ ज़िंदगी में एक बार तो गुलमर्ग की बर्फ़बारी का आनंद लेना चाहिए 5/5 by लफंगा परिंदा

हमें यकीन है कि गुलमर्ग में आपको सिर्फ़ बर्फ ही नहीं मिलेगी | पारंपरिक कश्मीरी व्यंजनों का स्वाद चखना भी आपकी यात्रा को यादगार बना देगा | रोगन जोश, दम आलू, गुश्ताबा, गद्दे मोनजे, शरमल और बहुत कुछ है जो आप खा सकते हैं | बर्फ को निहारते हुए यहाँ की प्रसिद्ध नून चाय की चुस्किया लें जो हल्के गुलाबी रंग की थोड़ी नमकीन होती है |

जाने का सबसे अच्छा समय

यूँ तो आप गुलमर्ग में पूरे साल भर ही घूमने जा सकते हैं | लेकिन बर्फ़बारी का नज़ारा देखने के लिए मध्य नवंबर से फ़रवरी में जाना सही रहेगा | इस समय आपको बर्फ से ढके पहाड़ देखने को मिल जाएँगे | इन महीनों के दौरान होती बर्फ़बारी की वजह से यहाँ आने वालों को गुलमर्ग जन्नत से कम नहीं लगता |

सलाह : सर्दियों में गुलमर्ग घूमने जाने के लिए अपने साथ खूब सारे गर्म कपड़े रखना ना भूलें क्यूंकी यहाँ का तापमान -2 डिग्री तक पहुँच जाता है |

कैसे जाएँ?

अपने नज़दीकी हवाई अड्डे से श्रीनगर के लिए उड़ान भरते जहाज़ में बैठ जाएँ जो गुलमर्ग से 56 किमी दूर है | श्रीनगर से गुलमर्ग आने के लिए आप एक टैक्सी कर सकते हैं | यदि आप ट्रेन से यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं तो अपने सबसे करीबी रेलवे स्टेशन से जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक की बुकिंग कर लें जो गुलमर्ग से 318 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर पैसे बचाना चाहते हैं तो गुलमर्ग पहुँचने के लिए एक बस ले लीजिए जो सौ रुपये के कुछ नोटों की एवज में आपको गुलमर्ग पहुँचा देगी |

गुलमर्ग की यात्रा आपकी ज़िंदगी की सबसे यादगार यात्राओं में से एक होगी | इसलिए सबकुछ बुक हो जाने से पहले अपने लिए सभी तरह के आरक्षण करवा लीजिए |

#सर्दियाँआरहीहैं

यह आर्टिकल अनुवादित है | ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |

Be the first one to comment