उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा के पास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ में मई में होगी साइकिल रैली

Tripoto
28th Apr 2022
Photo of उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा के पास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ में मई में होगी साइकिल रैली by Pooja Tomar Kshatrani
Day 1

चीन सीमा से लगे भारतीय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष मई माह में भव्य साइकिल यात्रा कराई जाएगी। इसमें देश के साथ ही विदेश के साइकिलिस्ट भी भाग लेंगे। पिथौरागढ़ प्रशासन ने रैली आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।

चीन सीमा के नजदीक 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी से आदि कैलाश तक 36 किलोमीटर की साइकिल रैली कराई जाएगी। रैली टुव‌र्ड्स ए आदि कैलाश और छियालेक से डाउन ट्रैक दो चरणों में कराई जाएगी। चीन सीमा से लगा यह क्षेत्र बेहद खूबसूरत है। आदि कैलास यात्रा, कैलास मानसरोवर यात्रा और भारत-चीन स्थलीय व्यापार इसी सीमा क्षेत्र से होता है। क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा वर्ष भर बर्फ से ढका रहता है। तमाम नदियों का स्त्रोत इसी क्षेत्र में है।

13 हजार फीट पर आयोजन

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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत लगभग 13 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर मई माह के तीसरे सप्ताह साइकिल यात्रा का आयोजन किया जाना है। टुवड्र्स ए आदि कैलास नाम से आयोजित होने वाली साइकिल रैली में देश विदेश के एडवेंचर साइक्लिस्ट प्रतिभाग करेंगे।

कैलाश ट्रैक है नाम

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रैली गुंजी से 36 किमी दूर आदि कैलाश ट्रैक पर होगी। इस ट्रैक की ऊंचाई 13 हजार फीट के आसपास है। वहीं छियालेख से डाउनहिल ट्रैक पर साइकिल रैली होगी। जो बेहद रोमांचक होगी।

कोर कमेटी का गठन

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कोर कमेटी में खेल, युवा कल्याण और पर्यटन अधिकारी को प्रमुख सदस्य बनाया गया है। इसके लिए साइकिल एसोसिएशन फेडरेशन से भी इस संबंध में वार्ता करने को कहा। इस एडवेंचर साइकिल रैली के लिए बीआरओ से भी विशेष सहयोग लेने को कहा।

इस बीच खलिया टॉप से लेकर रूरखान तक का 10 दिवसीय एक राष्ट्रीय स्तर का ट्रेकिंग अभियान को भी मुनस्यारी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें 17 राज्यों के 300 से ज्यादा ट्रेकर भाग ले रहे हैं।

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