पहाड़ों के बीच रिलैक्स करने के लिए राजस्थान के इस रिजाॅर्ट से अच्छी जगह और कोई नहीं

Tripoto

घुमक्कड़ी का मतलब सिर्फ नई-नई जगह पर जाना नहीं होता है। उन जगहों के बारे में अच्छे से जानना भी घुमक्कड़ी है। इसके अलावा अगर रहने का अच्छा ठिकाना मिल जाए। जहाँ खाने के लिए लजीज पकवान हों तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। जहाँ शांति और सुकून का माहौल हो, अपनों का साथ और खाना हो तो ऐसी जगह पर कौन नहीं जाना चाहेगा? अब अगर मै आपको ये कहूँ कि एक ऐसी जगह है जहाँ आपको ये सब कुछ मिलेगा तो क्या आप अपना वीकेंड वहाँ बिताना चाहेंगे। मेरे ख्याल से आपको उस जगह पर जाना चाहिए। राजस्थान में पाली का लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट आपके लिए एक अनोखा अनुभव लिए बैठा है। ये जगह इतनी सुन्दर है कि आपका यहाँ से वापस जाने का मन ही नहीं करेगा।

रिजॉर्ट के बारे में

रिजाॅर्ट की बात करें तो इसकी बनावट 19वीं सदी के घरों की तरह है। पहले ये इमारत शिकारियों के लिए घर हुआ करती थी। कुछ समय बाद इसमें कुछ बदलाव करके इसे एक रिजॉर्ट में बदल दिया गया। रायपुर घराने की शान कहे जाने वाले इस रिजॉर्ट का इतिहास भी काफी रिच है। इस इमारत को रायपुर के ठाकुर लक्ष्मण सिंह ने बनवाया था। ये वही जगह है जहाँ उस समय के कुछ महान परिवारों की खातिरदारी की गई थी। अपनी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस रिजॉर्ट में आज भी मेहमानों का खास ध्यान रखा जाता है। यहाँ आए हुए किसी भी व्यक्ति को कोई तकलीफ ना हो इसका पूरा इंतजाम किया गया है। एक बात और जो इस रिजॉर्ट को बाकी सभी जगहों से अलग बनाती है। अच्छी मेहमाननवाजी के अलावा यहाँ आपको खूबसूरत नजारों और हेरिटेज देखने को भी मिलते हैं।

रिजॉर्ट की बनावट

इस रिजॉर्ट की बनावट ऐसी है जो आपके मन पर छाप छोड़ देगी। रिजॉर्ट को सजाने के लिए मचान का इस्तेमाल किया गया है। यहाँ पर एक झील भी बनाई गई है। पुराने जमाने की चीजों का इतनी अच्छी तरह से इस्तेमाल किया गया है कि रिजॉर्ट की सजावट देखने लायक बनती है। रिजॉर्ट के लगभग हर कोने में ब्रिटिश के समय का असर दिखाई देता है।

12 कॉटेज वाले इस रिजॉर्ट का निर्माण पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया गया है। राजस्थानी कल्चर और पर्यावरण संरक्षण के नक्शे कदम पर बना ये रिजॉर्ट आर्किटेक्ट वसंत, रेवती कमत, डिजाइनर साहिल और सार्थक की देन है।

रिजॉर्ट अंदर से

32 एकड़ जमीन पर फैले इस रिजॉर्ट में 12 कॉटेज हैं। अच्छी-खासी जगह और सुविधाओं वाले इन सभी कॉटेज में रहने का अपना एक अलग अनुभव है। इन कॉटेजों को दो हिस्सों में बांटा गया है। झील के दोनों तरफ 6 कॉटेज हैं और हर एक कॉटेज में एक पूल भी है।

कमरों को सजाने का सभी सामान यहां के लोकल लोगों से खरीदा गया है। जिससे गाँव की अर्थवयवस्था को भी फायदा होता है। अगर आप भी पहाड़ों से सजे इन कॉटेजों में रहना चाहते हैं तो लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट जरूर आना चाहिए।

क्या खाएँ?

लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट में खाने के भी कई ऑप्शन हैं क्योंकि इस रिजॉर्ट में राजस्थानी परंपरा का खासा प्रभाव है। यही वजह है कि यहाँ मिलने वाले खाने में भी राजस्थानी स्वाद मिलता है। मेरे हिसाब से अगर आप यहाँ आ रहे हैं तो जंक फूड खाने वाली आदत को कुछ दिनों के लिए छुट्टी दे देनी चाहिए।

रिजॉर्ट में खाने के लिए दो सेक्शन बनाए गए हैं। यहाँ पहले औरतों और आदमियों को अलग-अलग रहने के लिए बिल्डिंग बनवाई गई थी। बाद में इनमें बदलाव करके अब यहाँ खाना खाया जाता है। अगर आप चाहें तो कॉटेज या रायपुर किले में भी खाना खा सकते हैं। अगर आप झील के किनारे खाना खाने का मजा उठाना चाहते हैं तो उसका भी ऑप्शन मौजूद है।

अनुभव

सुंदर नजारों और राजस्थानी कल्चर आपको इस रिजाॅर्ट में दिखाई देगा। इस कॉटेज में अच्छी मेहमाननवाजी और खाने के आलावा भी बहुत कुछ है। यहाँ पर आप लोकल शराब चख सकते हैं और अपने मनपसंद खाने को बनते हुए भी देख सकते हैं। आप जानवर पालने में हाथ आजमा सकते हैं या खेती करना भी सीख सकते है। कुल मिलाकर अगर आप इस रिजॉर्ट में आएँ तो आपको राजस्थान में पूरी तरह से घुल जाना चाहिए हाँ लोगों से बातचीत करना बिलकुल न भूलें।

अगर आपको ये चीजें नहीं पसंद हैं तो डैम के पास बैठकर ढलते हुए सूरज को देखना एक बढ़िया ऑप्शन रहेगा। इसके अलावा आप यहाँ पतंग उड़ा सकते हैं या पूल के किनारे अपने आपको रिलैक्स फील कर सकते हैं। यकीन मानिए यहाँ आप चाहे जो भी करें, लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट आपको एक पल के लिए भी बोर नहीं होने देगा।

क्या करें?

बर्ड वॉचिंग, खाना बनाना सीखें, मछली पकड़ना, हाइकिंग, घुड़सवारी, मिट्टी के बर्तन बनाना सीखें, टूर, सफारी, तारों को निहारें, खेती करना सीखें और योग।

इन बातों का रखें ध्यान

लक्ष्मण सागर आने का बेस्ट टाइमः राजस्थान में बहुत गर्मी पड़ती है इसलिए मई, जून और जुलाई में आने से बचें।

यहाँ आने का सबसे सही समय नवंबर से फरवरी के बीच है। इस समय यहाँ का मौसम खुशनुमा रहता है और तब आपको रहने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट हनीमून के लिए बढ़िया जगह है। अरावली पहाड़ियों से सटी ये जगह रोमांस और लग्जरी के चारों ओर घूमती है। ये रिजॉर्ट कपल्स के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।

खर्चः शुरुआती कीमत 12,000 रुपए।

कैसे पहुँचेः राजस्थान के मारवाड़ और मेवाड़ इलाकों के बीच बने इस रिजॉर्ट तक नेशनल हाईवे 14 से पहुँचा जा सकता है। ये रिजॉर्ट हाईवे से 10 किमी. की दूरी पर है। यहाँ पाली से होते हुए आराम से पहुँचा जा सकता है।

यहाँ से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोधपुर एयरपोर्ट है जो 2 घंटे दूर है। हरिपुर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी स्टेशन है जिसकी दूरी 3 किमी. है।

पताः लक्ष्मण सागर रिजॉर्ट, रायपुर रोड, हरिपुर रेलवे स्टेशन के पास, जिला पाली, राजस्थान 306304।

फोन नंबरः 911139585266

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