भीड़-भाड़ से दूर, सिक्किम के इस छोटे से गाँव में बिताएँ छुट्टियाँ

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सुंदर, शांत और रंगो से भरा हुआ- सिक्किम की जादुई खूबसूरती को बयां करने के लिए ये शब्द कुछ कम पड़ जाते हैं। कंचनजंगा पर्वत की उँचाईयों से घिरे इस राज्य में कई छोटे-छोटे गाँव हैं जहाँ आप कुछ सुंदर शामें बिता सकते हैं। और मेरी मानों तो भीड़-भाड़ वाली टूरिस्ट जगहों को छोड़ आप इन गाँवों में घूमने जाएँ तो आपको ज़्यादा मज़ा आएगा। इको-टूरिज्म अपनाते ये गाँव अब अपनी शांति, सादगी और प्रकृति के खूबसूरत नज़ारों के लिए मुसाफिरों की पसंद बन रहे हैं। ऐसी ही एक जगह है यांगांग

यांगांग

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दक्षिण सिक्किम में बसा यांगांग एक तरफ पहाड़ों से घिरा है और दूसरी तरफ घने हरे-भरे जंगल हैं। यह शांति से एक सप्ताहांत बिताने के लिए एक बढ़िया जगह है। खुशमिज़ाज और मिलनसार गाँव वाले खुले दिल और नर्म मुस्कुराहट के साथ आपका स्वागत करेंगे और आप सिक्किम के आतिथ्य का स्वाद ले सकते हैं।

यांगंग की पहाड़ी की चोटी पर एक बंगला है जहाँ से आप भालेदुंगा पहाड़ियो और उफनती तीस्ता नदी घाटी का एक मनोरम दृश्य देख सकते हैं। गाँव में भी कुछ होम स्टे भी हैं जहाँ आप ठहर सकते हैं।

यांगांग में क्या करें

आराम करें और खुद को तरोताज़ा करें

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यह जगह इतनी खूबसूरत है कि आप यांगांग में आराम से बैठकर रिलैक्स कर सकते हैं। सुबह-सुबह, पक्षियों की मधुर चहक के साथ आपके दिन की शुरुआत होगी। शहर की हलचल और शोर-शराबे से दूर इस जगह की खामोशी आपको पसंद आएगी।

बर्डवॉचिंग के लिए जाएँ

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ये खूबसूरत गाँव बर्डवॉचर्स का स्वर्ग है। यह हिमालयी पक्षियों की कुछ दुर्लभ और विदेशी प्रजातियों जैसे फ्लाईकैचर, सुल्तान टिट, मिनिवेट्स का घर है। मानेम वाइल्डलाइफ सैंकचूरी से नज़दीक होने के कारण, आप पास के जंगलों और गाँव में बड़ी संख्या में पक्षियों को देख पाएँगे। भले ही आप बर्डवॉचर्स न हों, मगर इन सुंदर पक्षियों की तलाश में कुछ समय बिताएँ और उनके बारे में जानने की कोशिश करें,अनुभव काफी अच्छा होगा।

गाँव में सैर लगाँए

यांगंग में ही कुछ आकर्षण हैं। एक लेप्चा हेरिटेज संग्रहालय है जहाँ आप लेप्चा संस्कृति की विभिन्न कलाकृतियों को देख सकते हैं। आपको यहाँ लेप्चा परंपराओं और संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी। गाँव से सिर्फ 3 कि.मी. दूर एक हेलीपैड भी है। एक और मुख्य आकर्षण घने जंगलों से घिरी टिग चो झील है। स्थानीय मठ एक और दिलचस्प जगह है। मठ के पास के गाँव में गुरु पद्मसंभव की एक रॉक पेंटिंग है।

रवांगला जाएँ

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रवांगला दक्षिण सिक्किम का एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है जो यांगंग से लगभग 24 कि.मी. दूर है। आप रवांगला की एक दिन की यात्रा कर सकते हैं और बुद्ध पार्क, जो भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा के लिए जाना जाता है, वहाँ भी जा सकते हैं। रावंगला में देखने के लिए रवांगला मठ और मेनाम वन्यजीव अभयारण्य कुछ और आकर्षणों में से हैं।

लेप्चा व्यंजनों का स्वाद लें

जब तक आप स्थानीय व्यंजनों का स्वाद नहीं लेते हैं, तब तक एक जगह की यात्रा पूरी नहीं होती है। यांगांग में स्वादिष्ट लेप्चा व्यंजनों को चखें। अगर आप एक होमस्टे में रह रहे हैं, तो आप शायद खाने में ये व्यंजन ही मिल जाएँगे। और शाम को, एक गिलास छी या छांग का गिलास पिएँ जो यहाँ कि स्थानिय शराब है।

यांगांग घूमने का सबसे अच्छा समय

आप साल के किसी भी समय यांगांग जा सकते हैं। सर्दियाँ बहुत कड़ाके की नहीं होती और गर्मियों में भी मौसम सुहाना रहता है। यहाँ पूरे साल बर्ड वॉचिंग का आनंद लिया जा सकता है।

कैसे पहुँचें यांगांग?

निकटतम हवाई अड्डा गंगटोक के पास पाक्योंग में है। लेकिन पाक्योंग के लिए उड़ानें संख्या में काफी कम हैं। बागडोगरा में प्रमुख हवाई अड्डा है जो सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

निकटतम रेलवे प्रमुख न्यू जलपाईगुड़ी में है।न्यू जलपाईगुड़ी से, यांगांग सड़क द्वारा लगभग 118 कि.मी. दूर है। गंगटोक से यह 53 कि.मी.। आप या तो गंगटोक या सिलीगुड़ी से यांगांग तक एक गाड़ी किराए पर ले सकते हैं। गंगटोक से यांगांग के लिए शेयरिंग जीप भी मिलती है लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है।

तो आप कब जा रहे हैं सिक्किम के इस छुपे खज़ाने को ढूंढने?

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