कोरोना के बाद रोड ट्रिप का बनाना है प्लान? ये 6 सदाबहार ट्रिप्स आपके वीकेंड को ख़ास बना देंगी

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Photo of कोरोना के बाद रोड ट्रिप का बनाना है प्लान? ये 6 सदाबहार ट्रिप्स आपके वीकेंड को ख़ास बना देंगी by Deeksha Agrawal

घुमक्कड़ी को खुलकर महसूस करने का सबसे आसान और बेजोड़ तारीक है रोड ट्रिप पर जाना। कोरोना के पहले रोड ट्रिप पर जाना कितना आसान होता था। बस बैग उठाकर निकल जाना होता था। लेकिन अब किसी पास वाली जगह पर जाने में भी कई बार सोचना पड़ता है तो रोड ट्रिप पर जाना तो बहुत दूर की बात है। धीरे-धीरे टूरिज्म वापस से पटरी पर लौट रहा है लेकिन अब भी सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना ज़रूरी है। इसलिए रोड ट्रिप के लिए जगह का चुनाव करते समय कोरोना से जुड़े सभी नियमों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। ऐसे में उन जगहों पर जाने से बचना चाहिए जहाँ लोगों की भीड़ मिलने की संभावनाएँ हैं। इसलिए हमने उन जगहों की सूची तैयार की है जहाँ आप सड़क की स्थिति और भीड़ के बारे में चिंता किए बिना ड्राइव का मज़ा उठा सकते हैं।

1. टहला

अगर आपके लिए बढ़िया रोड ट्रिप का मतलब ड्राइविंग की खुशी का अनुभव लेना है फिर आपको दिल्ली से टहला की रोड ट्रिप पर जाना चाहिए। टहला राजस्थान के अलवर जिले में बसा एक छोटा-सा गाँव है। अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित ये गाँव सारिस्का वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी के बेहद करीब है। दिल्ली से सारिस्का की ओर जाने वाला रास्ता सुंदर होने के साथ-साथ बढ़िया तरीके से बना हुआ है। इस रास्ते की समय-समय पर मरम्मत होती रहती है इसलिए इन सड़कों पर गाड़ी चलाने में कोई दिक्कत नहीं होती है। लेकिन टहला पहुँचने के पहले का आखिरी 20 किमी. वाला रास्ता ख़राब है और गाड़ी चलाने में मुश्किल हो सकती है।

क्योंकि गाँव का ये हिस्सा पहाड़ी है इसलिए यहाँ गाड़ी चलाने में मिलने वाले सुख की बराबरी कर पाना मुश्किल है। घूमने के बात करें तो टहला में इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जगहें हैं जिन्हें आपको देख लेना चाहिए। इसमें सबसे ज़रूरी है टहला का किला। सालों पुरानी ये इमारत अब एक खंडहर में बदल गई है। अगर आप अपने वीकेंड को यादगार बनाना चाहते हैं तो दिल्ली से टहला की इस रोड ट्रिप पर ज़रूर जाना चाहिए।

दूरी: 225 किमी. (दिल्ली से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 48

2. भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी और राजा भोज की नगरी भोपाल, दिल्ली और मुंबई दोनों से लगभग समान दूरी पर स्थित है और इसलिए अगर आप एक शांत जगह पर तीन से पाँच दिनों की ट्रिप पर जाने के लिए सोच रहे हैं तो भोपाल अच्छा विकल्प है। भोपाल में आबादी ज़रूर है लेकिन इस शहर की बनावट इतने सलीके से की गई है कि यहाँ आपको किसी भी जगह पर ज़्यादा भीड़ नहीं मिलेगी। भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में आता है और इसकी वजह आपको भोपाल जाकर पता चल जाएगी।

भोपाल में घूमने के लिए जगहों की कमी नहीं है। यहाँ आप ट्राइबल म्यूज़ियम, ताज-उल-मस्जिद, वन विहार नेशनल पार्क, उदयगीरी गुफाएँ देख सकते हैं। भोपाल को झीलों का शहर भी कहा जाता है इसलिए यहाँ बहुत सारी झीलों भी हैं। अगर इसके बाद भी आपके पास समय बचता है तो आप सांची स्तूप देख सकते हैं जो शहर से 46 किमी. की दूरी पर है। कुल मिलाकर एक बढ़िया रोड ट्रिप के लिए आपको भोपाल आना चाहिए।

दूरी: 775 किमी. (मुंबई से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 52

3. रणथंभौर

अगर आप थोड़ी लम्बी रोड ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो राजस्थान का रणथंभौर घूमने के लिए शानदार जगह है। खासकर यदि आपको वन्य जीवों को देखने में दिलचस्पी है फिर ये जगह आपको खूब पसंद आएगी। कोरोना के बाद रणथंभौर नेशनल पार्क को अभी हाल में पर्यटकों के लिए दोबारा खोला गया है इसलिए वाइल्डलाइफ की झलक लेना आपकी इस रोड ट्रिप की सूची में ज़रूर होना चाहिए। कुछ छोटे इलाकों को छोड़कर, दिल्ली से रणथंभौर तक की सड़कें काफी अच्छी और चिकनी हैं जिससे गाड़ी चलाने का मज़ा दोगुना हो जाता है।

दिल्ली के आस-पास काफी हिल स्टेशन हैं। लेकिन उन हिल स्टेशनों की तुलना में ये जगह थोड़ी दूर है इसलिए यहाँ भीड़-भाड़ होने की संभावना कम है। इस इलाके के लोकल लोग कोरोना से जुड़े सभी नियमों का पालन करते हैं जिससे आपकी और उनकी सुरक्षा बनी रहती है। पार्क के अलावा आप रणथंभौर किला देख सकते हैं जो भगवान गणेश के सबसे पुराने मंदिर का घर है। शहरीय शोर से दूर और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर ये जगह आपके मन को खुश कर देगी।

दूरी: 394 किमी. (दिल्ली से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 48

4. अजमेर-पुष्कर

अजमेर राजस्थान का दिल है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये शहर राजस्थान के बिल्कुल बीच में बसा हुए है जिसकी वजह से ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। अजमेर में कई दर्शनीय स्थल हैं। इनमें सबसे मशहूर है ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और इसीलिए इस जगह को अजमेर शरीफ के नाम से भी जाना जाता है। अरावली पर्वत की तारागढ़ पहाड़ी पर बसा ये शहर पुष्कर के लिए भी मशहूर है। पुष्कर जाने के लिए आपको अजमेर से होकर गुजरना होता है इसलिए एक तरह से अजमेर पुष्कर जाने वालों के लिए दरवाज़े का काम करता है।

पुष्कर की बात करें तो भगवान ब्रह्मा को समर्पित दुनिया का इकलौता मंदिर यहीं पुष्कर में है। इसके अलावा पुष्कर मेला जिसको देखने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। ये साल का वो समय होता है जब पुष्कर की धरती राजस्थानी संस्कृति और लोगों की चहलकदमी से जगमगा उठती है। पुष्कर में राजस्थान की सबसे स्वादिष्ट मिठाइयाँ मिलती हैं। अगर आप पुष्कर और अजमेर की यात्रा करने जाते हैं तो सोहन हलवा और मालपुआ का स्वाद लेना ना भूलें।

दूरी: 400 किमी. (दिल्ली से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 48

5. केसरोली

शांति और सुकून की बात आते ही सबसे पहले खयाल गाँव का आता है। ये देश के वो इलाके होते हैं जहाँ ज़िन्दगी भी सुस्त पड़ जाती है और राजस्थान में ऐसे गाँवों की कमी नहीं है। केसरोली राजस्थान में बसा छोटा गाँव है। गाँव ज़्यादा बड़ा नहीं है लेकिन सुंदरता में किसी भी हिल स्टेशन को पीछे छोड़ देगा। दिल्ली से केसरोली जाने वाली सड़कें काफी हद तक अच्छी स्थिति में हैं जो पूरे राजस्थान का आम दृश्य है। केसरोली में घूमने के लिए बहुत कुछ नहीं है लेकिन एक फेमस नीमराना होटल है जो ठहरने के लिए बढ़िया जगह है।

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श्रेय: आईपीएच786

केसरोली भारत के प्राचीन शहरों में से है। इस शहर का ज़िक्र महाभारत के समय पर भी होता था। केसरोली में आप हिल फोर्ट देख सकते हैं। क्योंकि ये जगह अब भी लोगों की नज़रों से बची हुई है इसलिए आपको आस-पास ज़्यादा लोग नहीं मिलेंगे। यहाँ केवल लोकल लोग ही हैं इसलिए आपकी सुरक्षा में कमी नहीं होगी। हरियाली से परिपूर्ण ये जगह रोड ट्रिप पर जाने के लिए बढ़िया ऑप्शन है।

दूरी: 172 किमी. (दिल्ली से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 48

6. जोधपुर

अगर आप एक लंबे वीकेंड की तलाश कर रहे हैं तो आपको जोधपुर आना चाहिए। राजस्थान के बाकी बड़े शहरों की तुलना में जोधपुर में कम भीड़ होती है इसलिए कोरोना से जुड़े नियमों को आसानी से मना जा सकता है। राजस्थान की ब्लू सिटी के नाम से मशहूर इस जगह को मेहरानगढ़ किले के लिए गर्व से जाना जाता है। ये किला शहर से थोड़ी ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ से नीचे बसे जोधपुर का बेहद मोहक नज़ारा दिखता है। जोधपुर में ज़्यादातर इमारतें नीले रंग की हैं और किले के ऊपर से देखने में लगता है जैसे शहर ने नीली चादर ओढ़ रखी है। इसके अलावा उम्मेद भवन पैलेस और मंडोर गार्डन देख सकते हैं। समय बचने पर आप जोधपुर के स्थानीय बाजारों में टहल सकते हैं। इन बाजारों में आप राजस्थानी कल्चर से जुड़ी चीजें खरीद सकते हैं।

दूरी: 618 किमी. (दिल्ली से)

रास्ता: नेशनल हाईवे 48

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