दिल्ली से मनाली रोड ट्रिप पर जाने का है प्लान? ये तीन रूट आपकी यात्रा यादगार बना देंगे

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Photo of दिल्ली से मनाली रोड ट्रिप पर जाने का है प्लान? ये तीन रूट आपकी यात्रा यादगार बना देंगे by Deeksha Agrawal

हम जिस भी चीज को छिपा कर रखते हैं वो हमेशा हमारे लिए बहुत खास हो जाती है। उससे एक अपनापन जुड़ जाता है जिसे हम हमेशा अपने करीब रखना चाहते हैं। धीरे-धीरे हमारे अंदर यादों का स्टोर रूम जैसा बन जाता है। उसमें कुछ किस्से परिवार के होते हैं तो कुछ पल दोस्तों के साथ बिताए हुए होते हैं। लेकिन एक बात है जो इन सबमें बिल्कुल एक जैसे रहती है और वो है अपनों का साथ। दोस्तों के बीच की महफिलों की शुरुआत हमेशा रोड ट्रिप से होती है। शायद ही ऐसा कोई दोस्तों का ग्रुप होगा जिसने गोवा और मनाली जाने के बारे में नहीं सोचा होगा। तो आज एक ऐसी ही रोड ट्रिप के बारे में बात करते हैं।

दिल्ली-मनाली रोड ट्रिप

अगर आप सड़क के रास्ते दिल्ली से मनाली जाने का सोच रहे हैं तो ये फ़ैसला आपके जीवन के सबसे सफल फ़ैसलों में से एक होगा। दिल्ली से मनाली तक का सफ़र बेहद लुभावना होता है। ये रोड ट्रिप आपको दिल्ली के शोर और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से निकालकर गाँवों और छोटे कस्बों तक ले जाती है। इसके बाद शुरू होता है आपकी रोड ट्रिप का दूसरा पड़ाव। ट्रिप का दूसरा चरण तब शुरू होता है जब आप इन गाँवों से आगे बढ़कर हिमाचल की हरी भरी घाटियों और पहाड़ियों में दाखिल होते हैं। शहरीय चकाचौंध से निकलकर खिलखिलाती वादियों के नज़ारे आँखों को सुकून देते हैं। इस रोड ट्रिप में हर थोड़ी दूर पर लैंडस्केप बदल जाता है जो इस रास्ते को बेहद रोचक बनता है।

कैसे पहुँचें?

दिल्ली से मनाली जाने के लिए 3 रास्ते हैं और यकीन मानिए ये तीनों ही रास्तों पर खूबसूरती की बिल्कुल कमी नहीं है।

1. अंबाला-चंडीगढ़ रूट

दिल्ली-पानीपत-कुरुक्षेत्र-अंबाला-चंडीगढ़-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली

दिल्ली से सबसे पहला ऑप्शन है चंडीगढ़ से होते हुए मनाली पहुँचना। इस रास्ते में आपको कई ऐसी जगहें देखने के लिए मिलेंगी जिनको देखकर आप खुश हो जाएँगे। आपके सफर की शुरुआत दिल्ली से होगी। सबसे पहले दिल्ली से चलकर पानीपत आना होगा जिसके लिए आपको 100 किमी. का सफर तय करना होगा। इसको करने के लिए लगभग तीन घंटों का समय लगता है और नेशनल हाईवे 44 के रास्ते आप आसानी से पानीपत पहुँच सकते हैं। पानीपत में आप पुराना क़िला देख सकते हैं। पानीपत से आगे बढ़कर करनाल के रास्ते कुरुक्षेत्र आइए। यहाँ शेख़ चिल्ली का मक़बरा देखिए। 

इसके अलावा कुरुक्षेत्र में भगवद गीता से जुड़ी एक जगह भी है। ये वो जगह है जहाँ भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान गीता से जुड़े प्रवचन दिए थे। कुरुक्षेत्र से आपको अंबाला के रास्ते चंडीगढ़ आना होगा। चंडीगढ़ में रॉक गार्डन और सुखना झील जैसी जगहों को देख सकते हैं। इसके बाद बिलासपुर पहुँचिए। चंडीगढ़ से बिलासपुर का रास्ता मोहक नज़ारों से भरा हुआ है। ये वो रास्ता है जहाँ से आपको छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखनी शुरू हो जाएँगी। 

पेंड्रा रोड पर अचानकमार वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी देख सकते हैं और बिलासपुर से निकलते समय रेवालसर झील भी देख सकते हैं। एक तरह से बिलासपुर के बाद आप सही तरीके से हिमाचल पहुँच चुके होंगे। बिलासपुर से मंडी और कुल्लू होते हुए आखिर में मनाली पहुँचें। आप पाराशर झील देख सकते हैं। ये झील मंडी से थोड़ी दूर पर है। इसके अलावा बरोत घाटी भी देख सकते हैं।

दूरी: 560 किमी.।

समय: 12 से 13 घंटे।

रास्ता: नेशनल हाईवे 44 और नेशनल हाईवे 154।

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2. बानूर-पालमपुर रूट

दिल्ली-पानीपत-कुरुक्षेत्र-अंबाला-बानूर-पालमपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली

पहले वाले रास्ते के मुकाबले इस रास्ते से मनाली जाने में आपको ज़्यादा समय लगेगा। लेकिन पहली की ही तरह इस रूट पर भी सबसे पहले आपको अंबाला आना होगा जहाँ से ये रास्ता चंडीगढ़ की तरफ़ ना जाकर बानूर और पालमपुर की तरफ़ मुड़ जाता है। अंबाला से बानूर आने के लिए आपको नेशनल हाईवे 205 ए लेना होता है। बानूर पंजाब का एक जिला है जो अंबाला के करीब 30 किमी. की दूरी पर है। अंबाला से बानूर आने में लगभग 1 घंटे का समय लगता है। पंजाब में आप भाकरा नंगल डैम देख सकते हैं जो अपनी चौंका देने वाले ढांचे और खूबसूरत नज़ारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। 

पंजाब से आगे बढ़ने पर आप कांगड़ा घाटी पहुँचेंगे। यहाँ कांगड़ा फोर्ट देख सकते हैं। इसके अलावा धर्मशाला की नोरबुलिंगका मोनेस्ट्री देखिए। अगर आपको कल्चर और आर्ट में रुचि है तो आप पालमपुर मेंअंद्रेत्ता आर्टिस्ट विलेज की सैर कर सकते हैं। हिमाचल में ऐसी कई जगहें हैं जहाँ बौद्ध धर्म का ख़ास प्रभाव है। पालमपुर भी उन्हीं जगहों में से है। पालमपुर में आप ताशी जोंग मोनेस्ट्री देख सकते हैं। ये मोनेस्ट्री इतनी खूबसूरत है कि आपका मन मोह लेगी।

दूरी: 670 किमी.।

समय: 15 से 16 घंटे।

रास्ता: नेशनल हाईवे 44 और नेशनल हाईवे 205।

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3. शिमला रूट

दिल्ली-पानीपत-कुरुक्षेत्र-अंबाला-ज़ीरकपुर-शिमला-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली

ये रास्ता भी बाकी सभी रास्तों की तरह चंडीगढ़ से होकर गुज़रता है लेकिन फ़र्क ये है कि इसमें आपको चंडीगढ़ शहर को पार नहीं करना होता है। इस रास्ते से मनाली जाने के लिए आपको अंबाला से चंडीगढ़ के बदले जीरकपुर जाने वाली सड़क पर मुड़ जाना होता है। क्योंकि आप चंडीगढ़ के बाहर से निकलेंगे इसलिए आप पिंजौर गार्डन देख सकते हैं। पिंजौर गार्डन की ख़ास बात है कि यहाँ आपको बहुत सारे फाउंटेन देखने के लिए मिलेंगे। 

पूरे गार्डन में आम के पेड़ हैं जो गर्मियों के मौसम में फलों से भर जाते हैं। इसके बाद जीरकपुर होते हुए शिमला आइए। शिमला भारतीयों का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल है। साल के लगभग हर समय ये जगह घुमक्कड़ों से खचाखच भरी रहती है। शिमला में आप वायसरॉय लॉज, एनाडेल गोल्फ कोर्स और शाडविक वाटरफॉल देख सकते हैं। शिमला से निकलकर कसोल और मनिकरण भी देख सकते हैं। शिमला के बाद बिलासपुर और मंडी के रास्ते मनाली पहुँचा जा सकता है।

दूरी: 580 किमी.।

समय: 15 घंटे।

रास्ता: नेशनल हाईवे 44 और नेशनल हाईवे 5।

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कब जाएँ?

पहाड़ों पर जाने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे बढ़िया होता है। इसलिए आपको अक्टूबर से मार्च के बीच मनाली आना चाहिए। इस समय कड़ाके की ठंड होती है और आप स्नोफॉल का मज़ा भी उठा सकते हैं। अगर आप चाहें तो गर्मियों में भी मनाली आ सकते हैं। इस समय जब मैदानी इलाकों में तेज़ गर्मी पड़ रही होती है यहाँ मौसम खुशनुमा बना रहता है। कुछ लोग बारिश के मौसम में भी पहाड़ों पर आना पसंद करते हैं। मॉनसून में यहाँ के सभी झरने और झील वापस से जीवित हो उठते हैं जिनकी खूबसूरती देखकर ये पूरा इलाका जादुई लगने लगता है।

इन बातों का रखें ध्यान:

- अगर आपके पास पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी या बाइक चलाने का अनुभव है तो आप अपनी गाड़ी से मनाली जा सकते हैं लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो ड्राइवर को साथ रखना चाहिए।

- इस रोड ट्रिप में आपको हेयरपिन मोड़ भी मिलेंगे इसलिए गाड़ी स्पीड में बिल्कुल नहीं चलानी चाहिए।

- रात में ठहरने के लिए आप चंडीगढ़ या अंबाला में रुक सकते हैं। दिल्ली से मनाली का रास्ता बेहद लंबा और थका देने वाला है इसलिए बीच में रुककर आराम कर लेना ज़रूरी है।

- रास्ते में जगह-जगह पर ट्रोल मिलेंगे। इसलिए हर मौके पर आईडी प्रूफ साथ रखें।

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