
यह बात बिल्कुल सही है कि एडवेंचर हमारे जिंदगी में एक नई ऊर्जा ला देता है। एडवेंचर का मजा हम अक्सर दोस्त के साथ लेना चाहते हैं क्योंकि हम दोस्तों के साथ खुल कर जीना जानते है।पर ऐसा नहीं है अगर आप खुले विचारों के हो और आपकी फैमली सपोर्टिव विचारों की है तो अपने एडवेंचर का मजा फैमिली ट्रिप पर भी ले सकते है।ऐसा ही एक ट्रिप मैं ,मेरे पति और मेरी 5 साल की बेटी ने भी किया ।यह एक अनप्लान ट्रिप था।मतलब हमने भी बाकियों की तरह ही अपनी ट्रिप प्लान की थी की हम मसूरी जायेंगे और कैब बुक करेंगे और पूरा मसूरी एक्सप्लोर करेंगे।पर आज कल के बढ़ते पर्यटन ने हमारा सारा प्लान ही बदल दिया।जब हम मसूरी पहुंचे तो हमने पाया की हमारे जैसे बहुत से लोग पहले से ही यही प्लान करके आए हैं।जिसका कारण था गर्मी की छुट्टियां।जिस कारण बहुत से लोगो ने इस हिल्स स्टेशन का प्लान बनाया था। चलो ये तो अच्छा था कि हमने होटल पहले से ही बुक कर रखी थी।हमारे होटल की दूरी बस स्टैंड से बस कुछ कदम की दूरी पर ही था तो हम पैदल ही होटल की तरफ निकल पड़े।होटल पर पहुंचने के बाद हमने चेक इन किया।

पहला दिन
चेक इन करने के बाद हमलोग फ्रेश होकर शुरू कर दी अपनी यात्रा हमने होटल वाले से cab के लिए बात की तो उन्होंने हमे सजेस्ट किया की हम स्कूटी ले, क्योंकि इस टाइम मसूरी में काफी ट्रैफिक थी।पहले तो हमें थोड़ा सा डर लगा की पहाड़ो पर ड्राइविंग कैसे करेंगे।पर होटल मैनेजर ने हमे कन्वेंस किया तो हम भी तैयार हो गए और स्कूटी ले और निकल पड़े।सबसे पहले हम जॉर्ज एवरेस्ट गए।
जॉर्ज एवरेस्ट
जॉर्ज एवरेस्ट ऊंची पहाड़ी पर स्थित एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है और यह एक हेरिटेज बिल्डिंग है।यह जगह सन 1832 में सर जॉर्ज एवरेस्ट का घर हुआ करता था।ऊपर तक जाने के लिए लगभग एक किलोमीटर का खूबसूरत रास्ता है जहां पर आप ट्रेक करके या फिर ऑटो से भी जा सकते है। यहां से मसूरी के सुंदर नजारे दिखते है।पर्यटक यहां सनसेट देखने भी आते है।

तिब्बती बौद्ध मंदिर
जॉर्ज एवरेस्ट से कुछ ही दूरी पर तिब्बती बौद्ध मंदिर था तो हमने अपनी स्कूटी घुमाई और चल दिए रास्ता नीचे की तरफ बहता ढलाऊ वाला था पर हम डरते डरते पहुंच गए।आपको बता दें मसूरी की हैप्पी वैली को मिनी तिब्बत भी कहा जाता है।ऐसा इसलिए क्योंकि इस बस्ती में लगभग 5000 तिब्बती का आवास है।यहां का बौद्ध मंदिर काफी शांत और खूबसूरत है खूबसूरत घाटी के नजरो के साथ आपको मंदिर परिसर में विभिन्न प्रकार चित्र दिखाई देंगे।
दलाई हिल्स
बौद्ध मंदिर के पास से ऊपर पहाड़ी की तरफ लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दलाई हिल्स है । जहां पर आपको भगवान बुद्ध की एक बहुत ऊंची मूर्ति दिखाई देगी साथ ही यहां ढेर सारे प्राथना झंडे भी लगे हुए हैं।ऊंचाई से घाटी के सुंदर दृश्य देखने को मिलते है। यहां का सनराइज और सनसेट काफी आकर्षक लगता है।

दूसरा दिन
पहले दिन हमने मसूरी की ट्रैफिक देख रखी थी इस लिए हमने दूसरे दिन भी स्कूटी से ही घूमने की सोची और निकल पड़े अपने डेस्टिनेशन की ओर दूसरे दिन हम सबसे पहले केम्प्टी फॉल्स।
केम्प्टी फॉल्स
आपको बता दें केम्पटी फॉल्स मसूरी के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। जहां हजारों पर्यटक प्रतिदिन घूमने आते है। चारों तरफ़ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ केम्प्टी फॉल्स समुद्र तल से लगभग 4500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। झरने का पानी एक तालाब में गिरता है जहां लोग नहा भी सकते है।नहाने के लिए आपको घर से कपड़े लाने की जरूरत नहीं है यहां आस पास बहुत से दुकान है जहां रेंट पर आपको कपड़े मिल जायेंगे।

मसूरी लेक
मसूरी लेक मसूरी के सबसे खूबसूरत जगह में से एक है।यह कृत्रिम रूप से बनाई गई एक झील है जो बेहद ही खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करती है।झील के आस पास बहुत ही मनमोहक नजारे देखने को मिलते है।झील में आप बोटिंग वाटर ज़ोरबिंग और ज़िपलाइनिंग का भी मजा ले सकते हैं।
माल रोड
यह मसूरी की सबसे व्यस्त जगहों में से एक है। यह जगह अंग्रेजो के जमाने का बना हुआ है।यहां पर आप खरीदारी कर सकते है यहां आपको हर तरह की छोटी बड़ी दुकानें मिल जायेगी।मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड का ताल्लुक भी इसी जगह से है आप यहाँ के कैम्ब्रिज बुकस्टोर में उनकी किताबें देख सकते हैं।

तीसरा दिन
तीसरे दिन हमें धलौनॉटी निकलना था जोकि वहां से लगभग 35 किमी की दूरी पर था।इसलिए हम सुबह जल्दी निकल गए अब हम बाइक पर मजा आने लगा था वो इसलिए क्योंकि हम अब पहाड़ों के रास्तों को समझने लगे थे।
सुरकंडा देवी
सबसे पहले हमने सरकंडा देवी मंदिर के दर्शन किए ।यह एक शक्तिपीठ है।जो दूरी एक पहाड़ी की चोटी पर बसा है। जहां तक पहुंचने का रास्ता काफी दुर्गम है।मंदिर बेहद ही खूबसूरत है जिस पर लकड़ी की सुंदर नक्काशी है।मंदिर परिसर में अन्य देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित है।सर्दियों में यह मंदिर बंद रहता है क्योंकि बर्फ के कारण यहां का रास्ता बंद रहता है।दूर दूर से श्रद्धालु यहां माता के दर्शन को आते है।

धनोल्टी
प्रकृति का एक खूबसूरत नजारा देखना हो तो आप धनोल्टी आ जाए।आपको ऐसा लगेगा की आप किसी पोस्टर में छपे हुए खूबसूरत सी सीनरी में पहुंच गए है। चारों तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़ और उन पर फैली बादलों की चादर।हरे भरे देवदार के पेड़ और एक खुशनुमा मौसम आपको जन्नत का एहसास कराएगा। ठंड के दिनों में यहां बर्फबारी भी देखी जाती है।यहां पर बहुत सारे ऐडवेंचर पार्क है जिसमे आप खूब सारे फन कर सकते है। यहां पर जगह जगह कई सारी एक्टिविटी भी कर सकते है।
लाल टिब्बा
और सबसे लास्ट में हम गए लाल टिब्बा जोकि मसूरी की सबसे ऊंची चोटी है। यहां से आप हिमालय की ऊंची चोटी के साथ ही साथ केदारनाथ और बद्रीनाथ के बर्फ की चादरों से ढके हुए पहाड़ों को दूरदर्शी के द्वारा देख सकते है।इस जगह से पूरे मसूरी के सुंदर दृश्य दिखाई देते है।
इस तरह हमने पूरी मसूरी बाइक पर ही एक्सप्लोर कर डाली और यकीन मानिए ये बहुत अच्छा और एक नया एक्सपीरियंस था।
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