पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं....

Tripoto
Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 1/9 by लफंगा परिंदा

ऊँचाइयाँ तो शहर में भी देखने को मिलती हैं, मगर हिमालय की चोटियों में जो बात है, वो शहरी इमारतों में कहाँ।

ठंडी-बर्फीली चोटियों पर चढ़ कर हाँफते-कांपते जब चारों और निगाह डालते हो तो दिखता है ऐसा गज़ब नज़ारा, जो चित्त को स्थिर कर देता है।

खामोशी की आवाज़ इतनी साफ़ और कहाँ सुनाई देगी, जितनी साफ़ हिमालय के पहाड़ों में सुनाये देती है।

उस इंसान की हिम्मत को कौन नाप सकता है, जो नुकीले जूते पहने नाप आया कई हज़ारों मीटर ऊंचे हिमालय को।

अगर आप भी उन जांबाज़ दिलेरों में से हैं, जो मौका मिलते ही बैग उठा कर निकल जाते हैं नयी जगह ट्रेकिंग करने, तो हो सकता है आज आपको एक ऐसे ट्रेक के बारे में पता चलेगा जो हिमालय के पीर-पिंजल पर्बतों की ही एक मशहूर छोटी की और ले जाता है, जिसका नाम है फ्रेंडशिप पीक।

फ्रेंडशिप पीक : हिमालय की ये 5,289 मीटर ऊँची चोटी , हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले की पीर-पिंजल पर्वत श्रंखला का हिस्सा है। इस चोटी तक पहुंचाने वाला ट्रेक व्यास कुंड से होता हुआ शिखर पर ले जाता है, जहाँ से पीर-पिंजल की और भी चोटियाँ जैसे हनुमान टिब्बा, शीतिधर, इंद्र आसन , देव टिब्बा ठीक सामने दिखती हैं।

ये ट्रेक आपको सोलंग वैली से होते हुए चीड़-देवदार के घने जंगलों में घुमाता हुआ हरे-भरे घास के मैदानों में ले आएगा, जहाँ से चोटी की चढ़ाई शुरू होती है।

फ्रेंडशिप पीक पर चढ़ने के लिए ज़रूरी नहीं कि आप अनुभवी पर्वतारोही हों। मगर हाँ, बर्फ से ढके शिखर की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के लिए आपके पास क्रैम्पॉन और रस्सियों जैसे औजार होने ज़रूरी हैं। औजारों के साथ अपनी फिटनेस पर भी ध्यान देना होगा।

चलिए ज़रा खुल कर बात करें

पहला दिन

मनाली

सुबह मनाली पहुंचिए और पहाड़ी आबो-हवा से तालमेल बैठाने की कोशिश कीजिये।

दूसरा दिन

धुंदी

मनाली- धुंदी (गाडी से ) -बकरथाच (21 किलोमीटर की ड्राइव और 5 किलोमीटर का ट्रेक)

दुसरे दिन जितना जल्दी हो सके, मनाली से निकल लीजिये। गाड़ी से सोलंग वैली होते हुए धुंदी पहुंचिए, जहाँ से कुछ ही ऊपर चढ़ाई करने पर आप बकरथाच पहुँच जायेंगे। फ्रेंडशिप पीक के लिए बकरथाच बेस कैम्प है।

धुंदी से बकरथाच जाने वाली पगडण्डी व्यास नदी के सहारे-सहारी चलती है और एक जगह पर आपको लकड़ी का पुल भी पार करना होता है, जिस पर पकड़ने के लिए कोई रेलिंग नहीं बनी होती।

पगडण्डी पर चलते हुए आपको व्यास नदी की कई सहायक नदियां भी देखने को मिलेंगी। बकरथाच में आप कैम्प लगाएंगे।

Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 3/9 by लफंगा परिंदा

तीसरा दिन

बकरथाच

बकरथाच - फ्रेंडशिप बेस कैम्प १ लेडी लेग (4 किलोमीटर का ट्रेक)

तीसरे दिन के ट्रेक का हिस्सा बकरथाच से शुरू होगा और व्यास कुंड के ऊपर लेडी लेग नाम की कैंपसाइट तक पहुंचाएगा। ट्रेक पर चलते हुए आपको रास्ते में कई बड़ी-छोटी चट्टानों पर चढ़कर बढ़ना होगा जो उतना आसान नहीं होगा। मगर रास्ते में पड़ने वाले व्यास कुंड को देखकर तबियत तरोताज़ा हो जाएगी।

आगे डेढ़ घंटे की चढ़ाई के बाद व्यास नदी के कटाव में पहुँच जायेंगे जहाँ से नीचे देखने पर कुंड और सामने देखने पर हनुमान टिब्बा चोटी का ज़बरदस्त नज़ारा देखने को मिलेगा। कटाव से थोड़ा नीचे उतरेंगे और आज के दिन की कैंपसाइट लेडी लेग पर पहुँच जायेंगे। यहाँ बस्ते रख कर आस-पास आराम से घूमने जा सकते हैं।

चौथा दिन

बेस कैम्प - लेडी लेग एडवांस बेस कैम्प (3,840 मीटर)

सुबह 6 बजे चढ़ाई शुरू करेंगे और सुबह 11.30 तक लेडी लेग के एडवांस बेस कैम्प तक पहुँच जायेंगे। यहाँ अपने बस्ते रख कर पास ही की बर्फीली पहाड़ी पर जायेंगे और यहाँ बर्फ में क्रैम्पॉन, रस्सियॉँ, आईस एक्स जैसे तकनीकी औजार काम में लेना सीखेंगे, क्यूंकि अगले दिन बर्फीली चढ़ाई का कुछ भाग पूरा करना है।

पाँचवाँ दिन

आज हम बर्फ पर चढ़ाई करने की कोशिश करेंगे। पिछले कल जो कुछ सीखा था, उसी की थोड़ी प्रैक्टिस की जायेगी। दोपहर तक समिट कैम्प तक पहुँचने की कोशिश करेंगे। अगर बर्फ कम मिलती है तो आप समिट कैम्प को थोड़ा और ऊपर भी लगा सकते हैं। ऐसा करने के पीछे मकसद ये है कि हम समिट के जितना करीब आ सकते हैं, आ जाएँ।

छठा दिन

समिट की चढ़ाई - बेस कैम्प पर वापसी

अपने स्नोबूट, गार्टर, हेलमेट, हेडलैम्प और औजार ले लीजिये, क्यूंकि हम सुबह के 2 बजे घनघोर अँधेरे में ही शिखर की और चढ़ाई शुरू करने वाले है। समिट कैम्प से शिखर का रास्ता साफ़ है, मगर चढ़ाई खड़ी है। 4-5 घंटे के बाद शिखर के ठीक नीचे पहुँच जायेंगे और तब तक सुबह हो जाएगी।

इसके बाद शिखर तक की चढ़ाई एकदम खड़ी है। 2-3 घंटे और चढ़ने के बाद आप सोलो समिट तक पहुँच जायेंगे और इसके बाद 1 घंटे की चढ़ाई के बाद समिट पर पहुँच जायेंगे।

अगर सबकुछ प्लान के हिसाब से रहा तो सुबह के 10 बजे तक आप शिखर पर होंगे। इतनी मेहनत के बाद अपनी जीत का नज़ारा देखिये, मगर ज़रा संभल कर क्यूंकि शिखर की चौड़ाई ज़्यादा नहीं है।

Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 6/9 by लफंगा परिंदा
Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 7/9 by लफंगा परिंदा
Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 8/9 by लफंगा परिंदा

नीचे आने के लिए फिक्स्ड रोप्स की मदद लेनी होगी। शिखर से नीचे उतर कर समिट बेस कैम्प तक आएं, फिर एडवांस बेस कैम्प तक। अगर अब भी हिम्मत बाकी है, तो एक ही दिन में शिखर से नीचे बेस कैम्प तक का रास्ता भी नाप सकते हैं।

सातवाँ दिन

एडवांस बेस कैम्प - बकरथाच

बकरथाच उतर कर तम्बू में आराम करें।

आठवाँ दिन

बकरथाच -धुंदी -मनाली

बकरथाच से धुंदी तक ट्रेक करके उतर आईये और फिर यहाँ से मनाली गाड़ी में ड्राइव करके।

Photo of पहाड़ों का बुलावा : पीर-पंजल के नज़ारे तो फ्रेंडशिप पीक की ट्रेकिंग करते हुए ही देख सकते हैं.... 9/9 by लफंगा परिंदा

मनाली कैसे पहुँचें

फ्रेंडशिप पीक पर जाने के लिए मनाली पहुँचना ज़रूरी है। मनाली के सबसे पास में कुल्लू हवाई अड्डा है, जहाँ से एक घंटे में मनाली पहुँच सकते हैं।

सड़क के रास्ते मनाली जाने के लिए दिल्ली के आईएसबीटी बस स्टैंड से वॉल्वो बस ले सकते हो। बस से मनाली जाने में १२-१४ घंटे लग जाते हैं।

कुछ ज़रूरी तथ्य

ट्रेक कैसा है : मुश्किल

सबसे सही मौसन : जून या सितम्बर से अक्टूबर

कितना अनुभव : अगर आपने बेसिक माउंटेनेयरिंग कोर्स किया हुआ है तो बहुत ही बढ़िया, अगर नहीं किया हुआ तो भी चलेगा। मगर अच्छा होगा कि आपने हिमालय में २-३ ट्रेक कर रखे हों। कुल २०-३० दिन का ट्रेकिंग का अनुभव है तो वारे-न्यारे।

अपनी यात्रा के दिनों में एक दिन ज़्यादा लेकर चलें, ताकि स्थिति को देखते हुए आराम से ट्रेक किया जा सके।

___________________________________________

यह आर्टिकल अनुवादित है। ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

2 Comment(s)
Sort by:
Information is good.....
Fri 09 20 19, 05:36 · Reply · Report
Have You completed this Summit?
Fri 09 20 19, 05:36 · Reply · Report