जाइरो : प्राकृतिक सुंदरता की ज़बरदस्त मिसाल है जाइरो

Tripoto
2nd Dec 2017
Day 1

अरूणाचल प्रदेश के सबसे प्रचीन शहरों में से एक, जाइरो एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो धान के खेतों से घिरा रहता है और चीड़ के सुन्दर पेड़ों के बीच स्थित है। पूरे क्षेत्र में फैले घने जंगल ही आदिवासी लोगों के घर हैं। यह छोटा सा सुन्दर शहर समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह स्थान पौधों और जन्तुओं के मामले धनी है तथा इसकी विविधता ही इसे प्रकृति प्रमियों के लिये आदर्श स्थान बनाती है।
यहाँ के अपा टनी आदिवासी लोग प्रकृति की भगवान के रूप में पूजा करते हैं और खेती के अलावा हस्तशिल्प तथा हैन्डलूम उत्पादों को बनाकर अपना जीवनयापन करते हैं। अन्य आदिवासी लोगों से अलग अपा टनी लोग खानाबदोश नहीं होते हैं। वे जाइरो क्षेत्र के स्थाई निवासी हैं।
जाइरो तथा इसके आस-पास के पर्यटक स्थल
जाइरो के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में हरी-भरी शाँन्त
टैली घाटी , जाइरो पुटु, तरीन मछली केन्द्र, कर्दो में स्थित ऊँचा शिवलिंग शामिल हैं। अपा टनी द्वारा मनाये जाने वाले कई पर्व हैं जिनमें मार्च में मनाया जाने वाला म्योको त्यौहार, जनवरी में मनाया जाने वाला मुरुंग त्यौहार और जुलाई का द्री त्यौहार प्रमुख हैं।
जाइरो का मौसम
जाइरो की जलवायु मौसम के अनुसार बदलती रहती है। पर्यटक साल भर जाइरो आते हैं। जलवायु स्थान के भूभाग तथा उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। अक्टूबर तथा नवम्बर के महीने मौसम के बदलाव के महीने होते हैं। हलाँकि सर्दियों को छोड़कर सालभर आर्द्रता अधिक पाई जाती है।

Photo of जाइरो : प्राकृतिक सुंदरता की ज़बरदस्त मिसाल है जाइरो by Shareef
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