मेहंदीपुर विज्ञान को चैलेंज करता है मेहन्दीपुर बालाजी धाम, दरबार में भूतों को मिलती है थर्ड डिग्री,

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Photo of मेहंदीपुर विज्ञान को चैलेंज करता है मेहन्दीपुर बालाजी धाम, दरबार में भूतों को मिलती है थर्ड डिग्री, by nomadic_mahendra

मेहंदीपुर बालाजी धाम राजस्थान के दौसा जिले में पड़ता है. ये मंदिर हनुमान जी पर केंद्रित है. हनुमानजी ने बाल रूप में ढेर सारी लीला रची थी और भगवान के बाल रूप में से एक रूप यहां भी विद्यमान है. मेहंदीपुर में वह बालाजी के रूप में विद्यमान हैं. श्री मेहंदीपुर बालाजी #MehandipurBalaji महाराज जी का धाम दो पहाड़ियों के बीच स्थित है. इन्हीं दो पहाड़ियों के बीच होने की वजह से इन्हें घाटा मेहंदीपुर बालाजी के नाम से भी जाना जाता है.

बजरंग बली यहां पर बाल रूप में विद्यमान हैं. बालाजी के साथ ही श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार जी भी यहां साक्षात् विराजमान हैं. श्री बालाजी महाराज के दरबार के ठीक समक्ष ही श्री सीताराम जी का दरबार भी है. आप सीताराम के चरणों के पास खड़े होकर सीधा बालाजी के दर्शन कर सकते हैं. श्री बालाजी महाराज भी सदैव मां सीता और प्रभु श्री राम के दर्शन करते रहते हैं. श्री राम के दरबार से कुछ दूरी पर ही श्री गणेशपुरी जी का समाधि स्थल है.

गणेशपुरी जी और श्री बाला जी महाराज का संबंध भी अनोखा है. गणेशपुरी जी बालाजी के बालपन से ही उनके उपासक थे. पहले महंत श्री गणेश पुरी जी महाराज ही हुए जिन्हें आज समाधि वाले बाबा के नाम से जाना जाता है. श्री बालाजी के दर्शन के बाद भक्त समाधि बाबा की परिक्रमा कर उन्हें जलेबियां चढ़ाते हैं. ऐसा करने पर ही यात्रा पूर्ण मानी जाती है.

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मेहंदीपुर बालाजी में दर्शन का समय...

श्री बालाजी महाराज के मंदिर में दिनचर्या हर सुबह 5 बजे मुख्यद्वार के खुलने के साथ ही शुरू हो जाती है. मंदिर की धुलाई और सफाई के बाद श्री बालाजी महाराज की पूजा अर्चना होती है. महाराज जी का जलाभिषेक गंगाजल से किया जाता है. मंत्रोच्चारण भी वैदिक रीति से किया जाता है. इस काम में मंदिर के ही 5 पुजारी लगते हैं. ये मंदिर एक परिवार के ही पास है और उसी परिवार के पुजारी इसमें हैं. मंदिर प्रांगण में एक दिन में लगभग 25 ब्राह्मणों की सेवा रहती है, लेकिन बालाजी महाराज के श्रृंगार में सिर्फ पुजारी ही शामिल रहते हैं. गंगाजल से बालाजी महाराज का स्नान कराने के बाद चोला चढ़ाया जाता है. यह हर हफ्ते में 3 बार सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को चढ़ाया जाता है.

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मेहंदीपुर बालाजी की आरती...

हर सुबह और शाम को बालाजी महाराज की आरती का समय होते-होते मंदिर के बाहर भक्तों का जनसूमह इकट्ठा हो जाता है. सभी की आंख में प्रभु से अपने बाधाओं को हर लेने की चाह होती है. आरती के पश्चात मंदिर के पुजारी भक्तों पर विशेष जल से छिड़काव करते हैं. जल की इस एक छींट के लिए भक्त सर्दी, गर्मी, बरसात में घंटों मंदिर के बाहर और प्रांगण में बैठे रहते हैं. इस जल को बाधा दूर कर लेने वाला जल माना जाता है.

मंदिर में होने वाली आरती लगभग 40 मिनट तक चलती है. आरती के बाद भक्त भगवान के दर्शन करते हैं. बालाजी महाराज के दर से भक्तों को डिब्बा बंद विशेष प्रसाद दिया जाता है. भक्तों के दर्शन का सिलसिला रात 9 बजे तक चलता है. सिर्फ दोपहर को एवं रात्रि भोग के वक्त आधे आधे घंटे के लिए बालाजी मंदिर के पट बंद किए जाते हैं, ऐसा पर्दा डालकर किया जाता है. मेंहदीपुर वाले बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ हर दिन उमड़ती है लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां जनसैलाब आ जाता है. देश में दूर दूर से भक्तगण यहां पहुंचते हैं.

प्रेतराज जी

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प्रेतराज जी महाराज...

श्री बालाजी महाराज के दर्शन करने के बाद सीढ़ियों से होकर एक रास्ता प्रेतराज जी महाराज के कक्ष तक जाता है. इसी कक्ष में भूत प्रेत और बाधाओं से घिरे भक्त आपको झूमते दिखाई देंगे. महाराज जी की महिमा से दूर दूर से भक्त समस्याओं से मुक्ति के लिए यहां पहुंचते हैं. मैं जब यहां दर्शन के लिए गया था. दर्शन के लिए लगी लाइन में ही कई लोग मुझे झूमते दिखाई दिए. कुछ लोग तो लाइन छोड़कर सड़क पर भागने लगते हैं और पीछे पीछे उनके परिजन उन्हें पकड़ने के लिए दौड़ते हैं. ध्यान रहे, ये भगवान का दर है, आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता लेकिन शर्त ये है कि आपका दिल साफ होना चाहिए. बालाजी महाराज के दर पर आपको किसी प्रकार का डर मन में लेकर आने की जरूरत नहीं है. बस हर महिमा को देखकर आप जय बालाजी, श्री बालाजी बोलते चले जाएं और आगे बढ़ते चले जाएं.

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तीन पहाड़ वाले बाबा का मंदिर...

मंदिर के दर्शन करने के बाद और समाधि बाबा को जलेबी चढ़ाकर परिक्रमा के बाद भक्त तीन पहाड़ वाले बाबा के दर्शन भी कर सकते हैं. एक लंबी चढ़ाई के बाद आप एक पहाड़ी पर पहुंचेंगे जहां से आपको पूरा मेहंदीपुर कस्बा दिखाई देगा और बजरंग बली जी की विशालकाय प्रतिमा के भी आप दर्शन करेंगे. पहाड़ी पर 3 पहाड़ी बाबा के मंदिर के दर्शन करने के साथ ही आपको एक साथ छोटे और बड़े कई मंदिरों की श्रृंखला दिखाई देगी. ये मंदिर किसी न किसी भक्त ने ही बनाए हैं, वो भी किसी मनोकामना के पूर्ण होने पर. यहां भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं. भक्तों ने यहां बेंच, कुर्सियों का निर्माण भी करवाया है. सच ये है कि यहां से आप बालाजी धाम की मनोरमता का आनंद ले पाते हैं. बेहद खूबसूरत दृश्यों को अपनी आंखों से देखने का अनुभव ही अलग है.

मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन के लिए कहां ठहरें, कैसे ठहरें...

श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम में ढेर सारी होटल और धर्मशालाएं हैं. धर्मशालाओं की तो यहां बहुतायत है. आपको हर श्रेणी की धर्मशाला यहां मिल जाएगी. 100 रुपये से लेकर 1500 रुपये प्रतिदिन तक. आप अपनी सुविधानुसार इनका चयन कर सकते हैं. यहां खाने की, गीजर, ठंडे-गर्म पानी की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है. यही नहीं, हर धर्मशाला में पार्किंग की व्यवस्था भी रहती है. अगर आप एक दिन के लिए आ रहे हैं तो बिना ठहरे भी दर्शन कर लौट सकते हैं.

मेहंदीपुर बालाजी धाम में कैसे पहुंचे...

आप अपने वाहन से या किराए के वाहन से, रोडवेज बस या टूरिस्ट बस, ट्रेन यात्रा कर, हवाई यात्रा से बालाजी महाराज के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. बालाजी धाम से सबसे पास जो हवाई अड्डा है वह जयपुर का है. जयपुर एयरपोर्ट यहां से 100 किलोमीटर हैं जबकि दिल्ली हवाई अड्डा 260 किलोमीटर है. अगर आप ग्रुप में यात्रा कर रहे हैं या संगत के साथ हैं तब तो आप बस से आ सकते हैं लेकिन रोडवेज बस ये यात्रा आपको थका सकती है. इसमें 9 से 10 घंटे लग जाते हैं और जाम दुश्वारी पैदा कर देता है. मैं अपने अनुभवों के आधार पर आपको ट्रेन की यात्रा करने के लिए कहूंगा. आप देश के किसी कोने से यहां पहुंच सकते हैं. नजदीकी रेलवे स्टेशन बांदीकुई है जो यहां से 40 किलोमीटर दूर है. वहां से बालाजी धाम के लिए 24 घंटे वाहन सेवा उपलब्ध रहती है

एक बार इस धाम के दर्शन के लिए अवश्य जाएं. बालाजी महाराज की महिमा आपपर और आपके परिवार पर बरसे. मेरी यही प्रार्थना है. जय हो #मेहन्दीपुर बालाजी की 🙏🙏🙏

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