कसार देवी ट्रेवल गाइ़़ड: उत्तराखंड की इस जन्नत जैसी जगह को 2 दिन में इस तरह घूमें

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Photo of कसार देवी ट्रेवल गाइ़़ड: उत्तराखंड की इस जन्नत जैसी जगह को 2 दिन में इस तरह घूमें by Musafir Rishabh

दुनिया कितनी खूबसूरत है ये सिर्फ घूमते हुए समझा जा सकता है। घुमक्कड़ इंसान किसी चीज से नहीं डरता है, वो डरता है तो सिर्फ ठहरने से। कहते हैं न जिंदगी बहुत छोटी है तो उसे घूमते हुए क्यो नहीं जिया जाए? जो घूमते हैं वो ही इस जिंदगी के असल मायने समझ पाते हैं, बाकी सब को जिंदगी काट रहे होते हैं। ऐसे ही घूमते हैं वो पहुँच जाते हैं किसी जन्नत जैसी जगह पर। जब आप उत्तराखंड की धरती पर होंगे तो आपको अनगिनत ऐसी ही खूबसूरत जगह मिलेंगी। देवभूमि उत्तराखंड की धरती पर ऐसी ही एक जगह है, कसार देवी।

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कसार देवी पहाड़ पर स्थित कुमाऊँ का एक छोटा-सा गाँव है। कम लोग, कम घर लेकिन खूबसूसरती ऐसी कि आपको दीवाना बना देवी। कसार देवी अल्मोड़ा से सिर्फ 8 किमी. की दूरी पर है। यहाँ पैदल चलते समय आप दुनिया की सबसे खूबसूरत वादी को देख पाएंगे। आप यहाँ के मंदिरों की घंटियों की गूंज पहाड़ों में सुन पाएंगे। शांति और सुकून वाली इस जगह पर हर किसी को आना चाहिए। कसार देवी आएं तो कम से कम दो दिन घूमने के लिए लेकर आएं। तभी आप कसार देवी को अच्छे-से देख पाएंगे। इस जगह पर दो दिन में कहाँ और कैसे घूमें? इसका जवाब हम आपको देते हैं।

कसार

कसार देवी उत्तराखंड का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। ये जगह यहाँ की स्थानीय देवी कसार देवी के नाम पर है। हजारों लोग कसार देवी मंदिर में आते हैं। 1890 में स्वामी विवेकानंद कसार देवी आए और यहाँ ध्यान किया। उन्होंने अपने लेखन में कसार देवी की खूबसूरती का जिक्र किया है। इसके अलावा बाॅबी डिलन और जाॅर्ज हैरीसन जैसे जाने-माने लोग भी कसार देवी आए। आपको भी इस बेहतरीन जगह पर आपको जरूर आना चाहिए।

कैसे पहुँचे?

फ्लाइट सेः सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर है जो कसार देवी से 124 किमी. है। आप वहाँ से बस या टैक्सी बुक करके कसार आ सकते हैं।

ट्रेन सेः कसार देवी से सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। काठगोदाम से कसार देवी आप बस या टैक्सी बुक करके पहुँच सकते हैं।

वाया रोडः कसार देवी अल्मोड़ा से सिर्फ 8 किमी. की दूरी पर है। आप अल्मोड़ा तक बस या खुद की गाड़ी से आराम से पहुँच सकते हैं। यहाँ से आपको कसार देवी के लिए गाड़ी मिल जाएगी।

दिन 1:

1- मंदिर से करें शुरूआत

इस जगह को जिस देवी के नाम पर जाना जाता है, आप उस जगह से अपने दिन की शुरूआत कर सकते हैं। सिर्फ इसलिए नहीं कि ये इसके नाम पर है बल्कि यहाँ से बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। कसार देवी मंदिर से आपको सिर्फ कसार ही नहीं अल्मोड़ा और हबलबाग घाटी का नजारा भी दिखाई देगा। इसके अलावा आप कसार देवी से हिमालय का पैनारोमा व्यू देख पाएंगे। आपको हिमालय की बन्द्रापूंछ भी दिखाई देगी। यकीन मानिए कसार देवी की ये खूबसूरती आपको हैरान कर देगी। ये मंदिर दो समूह में बंटा हुआ है एक कसार देवी का और दूसरा शिव और भैरव का। इस मंदिर की ज्योति 24 घंटे जलती रहती है।

2- गाँव घूमें

किसी नई जगह की सबसे अच्छी बात ये होती है कि आप उस जगह के बारे में कुछ नहीं जानते है। शायद यही वजह है कि नई जगह पर हम जैसा चाहें घूम सकते हैं। मंदिर को देखने के बाद आप पैदल गाँव को एक्सप्लोर करने के लिए निकल सकते हैं। ये घुमक्कड़ों को मौका देता है कि इस नई जगह के बारे में जानें, यहाँ के कल्चर और परंपरा को समझने की कोशिश करें। कसार देवी में घूमते हुए आप लोगों से बात कर सकते हैं। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको गाँव घूमते हुए बहुत अच्छा लगेगा।

3- चितई मंदिर

इसके आप कसार देवी के और प्राचीन चितई मंदिर को देखने के लिए जा सकते हैं। भगवान शिव का ये मंदिर गौड़ भैरव के रूप में है। कहते हैं कि जो भी बाबा भैरव से सच्चे मन से कुछ मांगता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। चितई मंदिर कसार देवी से 15 किमी. की दूरी पर है। इसके लिए आपके पास गाड़ी होनी चाहिए। कसार देवी जब लौटेगे तो शाम होने वाली होगी।

4- जीरो प्वाइंट

पहाड़ों में एक जगह बैठक शाम होते दिखना सबसे खूबसूरत पलों में से एक होता है। इसके लिए कसार देवी में जीरो प्वाइंट सबसे अच्छी जगह है। पहाड़ की सबसे ऊँची जगह से सनसेट को देखना आपको खुश कर देगा। जब आप आसमान की लालिमा देखेंगे, आपको कसार आने का फैसला सही लगेगा। रात में आप तारों से भरे आसमां को देखते हुए नींद की आगोश में जा सकते हैं।

दूसरा दिन

1- सनराइज देखें

कसार देवी में दिन की शुरूआत आप सूरज को उगते हुए देख सकते हैं। इसके लिए आपको फिर से गाँव से दूर एक पहाड़ी पर जाना होगा। जहाँ से आप दिन की शुरूआत से अच्छे-से कर सकते हैं। पहाड़ों में सुबह उठकर पता चलता है कि ये जहाँ कितना खूबसूरत है और हम अब तक इससे अनजान हैं।

2- बिनसर वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी

यदि आप नेचर लवर हैं तो आप दूसरे दिन बिनसर वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी जाने का प्लान बना सकते हैं। बिनसर वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी कसार देवी से 16 किमी. की दूरी पर है। कुछ ही मिनटों में आप कसार से वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी पहुंच जाएंगे। ये सैंक्चुरी 1988 में बनी थी। इसमें बंदर, हिरण और जंगली बिल्ली जैसे कई जानवर हैं। ये एक अलग दुनिया है। यहाँ आपको चारों हरे-भरे जंगल और हरियाली दिखाई देगी। आप इस सैंक्चुरी में घंटों घूम सकते हैं।

3- कसार देवी मेला

अगर आप नवंबर-दिसंबर में कसार देवी आने का प्लान बनाते हैं तो आप यहाँ के सबसे बड़े मेला कसार देवी मेला को देख सकते हैं। दूर-दूर से लोग इस मेले को देखने आते हैं। उस समय कसार की रौनक की कुछ और होती है। आपको इस जगह का कल्चर इस मेले में शानदार तरीके से देखने को मिलेगा। ये मेला कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है तो उसी को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा का प्लान बनाएं।

4- शॉपिंग

इसके अलावा अल्मोड़ा की कुछ जगहों को देखने का प्लान बना सकते हैं लेकिन मेरा सुझाव यही है कि अल्मोड़ा को अच्छे-से देखने के लिए अलग से वक्त लेकर चलें। जिसमें आप सभी जगहों को कवर कर सकें। कसार देवी में आप शॉपिंग कर सकते हैं। स्थानीय लोग अपनी बनी हुई चीजों को बेचते हैं। आप इस जगह की याद के लिए कुछ खरीद सकते हैं। आप सर्दियों वाले कपड़े और ज्वेलरी भी खरीद सकते हैं। आपको सब कुछ बजट में मिल जाएगा।

क्या खाएं?

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श्रेय: फेसबुक।

कसार देवी में आपको बहुत बड़े-बड़े रेस्तरां नहीं मिलेंगे, जहाँ आपको खाने में बहुत कुछ वैरायटी मिल सके। हाइवे पर जरूर कुछ कैफे हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा एक बढ़िया ऑप्शन है या फिर आप कसार देवी में ही किसी से अपने घर में खाने के लिए पूछ सकते हैं? शायद आपको कसार देवी में लोकल खाना खाने का मौका मिल जाए।

कहाँ ठहरें?

कसार देवी में आपको रहने में कोई दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि यहाँ पर बजट के हिसाब से आपको होटल मिल जाएंगे। आप अपने हिसाब से उनको चुन सकते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड टूरिज्म का गेस्ट हाउस भी है। आप चाहें तो अल्मोड़ा में भर रह सकते हैं।

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