
कहते हैं ना कि नजरिया बदल दो, नजारा बदल जाता है। ठीक वैसे ही घुमक्कड़ी आपकी सोच और विचार में बड़ा बदलाव लाता है। ये सब कुछ होता है नई-नई जगहों पर जाने से। उत्तराखंड में ऐसी कई खूबसूरत और शानदार जगहें हैं। मैं आपको उत्तराखंड की ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहा हूं जो काफी फेमस है लेकिन घूमने के लिए नहीं बल्कि एक पड़ाव के लिए। इस जगह से उत्तराखंड के कई फेमस ट्रेक शुरू होते हैं। इस जगह का नाम है, सांकरी।
सांकर उत्तराखंड का एक छोटा और खूबसूरत गाँव है। ट्रेक करने वालों के लिए हिमालय में बसा ये गाँव किसी जन्नत से कम नहीं है। सांकरी गाँव उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आता है। गोविंद बल्लभ पंत सैंक्चुरी में जाने के लिए सांकरी ही आखिरी गाँव है और बेस कैंप भी इसी को कहा जा सकता है। इस छोटे-से गाँव से हिमालय के सुंदर नजारों को देखा जा सकता है।

देहरादून से सांकरी गाँव 200 किमी. की दूरी पर है। बस से देहरादून से सांकरी पहुँचने 10-12 घंटे का समय लग जाता है। अगर आप खुद की गाड़ी से आते हैं तब समय कम लगता है। हरियाली और पहाड़ी से घिरे इस गाँव में स्थानीय संस्कृति के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। इसके अलावा घाटी के नीचे यमुना और टौंस नदी बहती हुई दिखाई देती है।
कब जाएं?
सांकरी उत्तराखंड के सबसे अंदरूनी इलाकों में से एक है। बारिश का मौसम छोड़ दिया जाए तो आप यहाँ कभी भी आ सकते हैं। अगर आपको बर्फ के दीदार करने हैं तो दिसंबर से जनवरी का समय बढ़िया माना जाता है। हरियाली देखने के लिए अप्रैल से जून का समय सबसे बढ़िया समय माना जाता है।
ट्रेक:
1- केदारकंठा ट्रेक
सांकरी गाँव से कई सारी ट्रेक शुरू होते हैं लेकिन जो सबसे फेमस है वो केदारकंठा ट्रेक है। सांकरी गाँव से केदारकंठा का ट्रेक करने में 3 दिन का समय लगता है। अगर आपके पास ट्रेकिंग का अनुभव नहीं है तब आपको ज्यादा समस्या होगी। सांकरी से सबसे पहले आप जुड़ा का तालाब पहुँचेंगे। वहाँ से ट्रेक का बेस कैंप और अगले दिन वहाँ पीक पर पहुँच जाएंगे। हिमालय का ऐसा नजारा आपने जिंदगी भर नहीं दिखा होगा।
2- हर की दून ट्रेक
केदारकंठा के बाद हर की दून सबसे फेमस ट्रेक में से एक है। सांकरी गाँव से ही ये ट्रेक शुरू होता है। अगर आपको ट्रेकिंग का अनुभव नहीं है या फिर शुरूआत करना चाहते हैं तो ये ट्रेक बढ़िया माना जाता है। ये ट्रेक केदराकंठा से लंबा और समय भी ज्यादा लगता है। इस ट्रेक में आपको हरियाली, पहाड़ी गाँव, नदियां और ग्लेशियर देखने को मिलेंगे।
3- बाली पास ट्रेक
बाली पास ट्रेक पूरे उत्तराखंड के सबसे दुर्गम ट्रेक में से एक माना जाता है। यहाँ से आपको हिमालय की बंदरपूंछ और स्वर्गरोहिणी जैसी चोटियां दिखाई देती हैं। बाली पास ट्रेक भी सांकरी गाँव से शुरू होता है। रास्ते में आपको सीमा, तालुका, थच और रुइनसारा ताल भी मिलेगा। इस ट्रेक में आपको दामिनी फॉरेस्ट ग्राउंड और जानकी चट्टी जैसी जगहें देखने को मिलेंगी। अगर आपको रोमांच पसंद है तोइस ट्रेक को जरूर करना चाहिए। इसके अलावा भी सांकरी गाँव से कई सारे ट्रेक शुरू होते हैं। जिसमें रुइनसारा ताल, बरासु पास ट्रेक, देव क्यारा बुग्याल, भराड़सर लेक ट्रेक, सारू ताल, नल्गान पास और मलडारू ट्रेक शामिल है।
सांकरी गाँव
सांकरी गाँव को घूमने के उद्देश्य से देखा नहीं गया है। इसे केदारकंठा और हर की दून ट्रेक का एक बेस कैंप ही माना जाता है। पहाड़ों से घिरे इस गाँव में कुछ चीजें हैं जो आप कर सकते हैं।
1- मंदिर
सांकरी गाँव में एक बेहद पुराना मंदिर है जिसकी बनावट काफी आकर्षक है। लकड़ी से बने इस मंदिर का आर्किटेक्टर शानदार है। आप सांकरी गाँव में इस मंदिर को देखने के लिए जा सकते हैं। मंदिर के पुजारी से इस मंदिर के बारे में पौराणिक कथाओं और बनावट के बारे में जान सकते हैं। इस जगह की किवदंती सुनकर आपको वो सच ही लगेगीं।
2- गाँव घूमें
किसी भी नई जगह पर जाओ तो उस जगह को पैदल घूमो। कहा जाता है कि पैदल घूमते हुए आप उस जगह के बारे में ज्यादा जान पाते हैं। सांकरी जैसी पहाड़ी गाँवों में पैदल चलने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं होता है। पैदल घूमते हुए आप इस गाँव के लोगों से बातें कर सकते हैं। वे आपको इस जगह के बारे में अच्छे से बताएंगे। आपको भी गाँव घूमने में काफी मजा आएगा।
3- फूड
सांकरी कई ट्रेकों का बेस कैंप है और यही वो आखिरी जगह है जहाँ आपको अच्छा खाना नसीब होगा। यहाँ होटलों में तो अपना रेस्टोरेंट है ही, इसके अलावा कुछ ढाबे जैसे बने हुए हैं। यही आपको शानदार खाना और नाश्ता मिलेगा। गर्म गर्म परांठा का स्वाद लेकर आपका तो दिल खुश हो जाएगा। यहाँ रहेंगे तो आपको खाने का मौका भी मिल जाएगा।
कहाँ ठहरें?
सांकरी गाँव में वैसे तो ठहरने के लिए कई सारे होटल और होमस्टे हैं लेकिन उनमें जगह मिलेगी या नहीं मिलेगी ये समय पर निर्भर करता है। अगर आप सर्दियों में आते हैं तब आपको कमरा मिलने थोड़ा मुश्किल होगा। उस समय यहाँ आने से पहले ही ऑनलाइन बुकिंग कराना ठीक रहेगा। अगर आप गर्मियों के समय में आएंगे तब आपको कमरा मिलने में कोई समस्या नहीं होगी।
कैसे पहुँचे?
फ्लाइट: अगर आप हवाई मार्ग से सांकरी आने का प्लान बना रहे हैं तो सबसे निकटतम देहरादून में जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। देहरादून से सांकरी गाँव आप बस या कैब बुक करके जा सकते हैं।
ट्रेन: यदि आप रेल मार्ग से सांकरी गाँव जाना चाहते हैं सबसे नजदीक देहरादून रेलवे स्टेशन है। यहाँ से आपको सांकरी के लिए बसें आराम से मिल जाएंगी।
बस: देहरादून पहुँचने के बाद आपको सांकरी के लिए बस लेनी है तो उसके लिए देहरादून के आईएसबीटी जाने की जरूरत नहीं है। सांकरी के लिए आपको बस रेलवे स्टेशन के पास में बने बस स्टैंड से मिलेगी। सांकरी के लिए बस आपको सुबह 5 बजे से 8 बजे के बीच में मिलेगी। उसके बाद कोई बस नहीं मिलेगी।
शेयर टैक्सी: आप शेयर्ड टैक्सी से भी सांकरी पहुँच सकते हैं। इसके लिए आपको कई सारी ट्रैक्सी बदलनी पड़ेगी। सबसे पहले देहरादून से पुरोला, पुरोला से मोरी, मोरी से नैतवार और आखिरी टैक्सी से नैतवार से सांकरी गाँव पहुँचा जा सकता है। वैसे भी ऐसे खूबसूरत गाँव में आने के लिए थोड़ा रोमांच तो बनता है।
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