
ऋषिकेश जिसे हम सब भारत में अध्यात्म और योग नगरी के रूप में जानते है।गंगा किनारे बसा ऋषिकेश बहुत से मंदिर और घाट है जो श्रद्धालु के साथ ही साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी है।मंदिर की जो सबसे अहम बात होती है वो है लोगो की आस्था इसके साथ ही साथ मंदिर की वास्तुकला जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने का कार्य करती है लेकिन एक और चीज है जो आपको मंदिर की ओर आकर्षित करने का कार्य करती है और वो है मंदिर में मिलने वाला प्रसादम।जी हां मंदिर जाने के बाद हर कोई भगवान की कृपा का पात्र बनाना चाहता है और उसका प्रमाण है वहां मिलने वाला प्रसाद।भारत में अनेकों मंदिर है और वहां पर आपको अलग अलग तरह के प्रसाद मिलेंगे।लेकिन हर मंदिर में जाना और प्रसाद पाना हर किसी के लिए संभव नहीं है ऐसे में हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जहां पर आपको पूरे देश के मंदिरों के प्रसाद एक ही जगह पर मिल जाएंगे और वो जगह है ऋषिकेश में स्थित एक रेस्टुरेंट तो आइए जानते है इस रेस्टुरेंट के विषय में।

वर - टेम्पल फूड ऑफ इंडिया
ऋषिकेश के कोयल घाटी में स्थापित वर रेस्टोरेंट एक बेहद ही खूबसूरत रेस्टुरेंट है जहां का भोजन खा कर आपका पेट ही नहीं बल्कि आत्मा भी तृप्त हो जायेगी।इस रेस्टुरेंट का नाम वर है जिसका अर्थ है वरदान अर्थात भगवान के द्वारा दिया गया आशीर्वाद।इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां स्वादिष्ट भोजन के साथ ही साथ भारत के विभिन्न मंदिरों के प्रसाद भी परोसे जाते है।इस रेस्टुरेंट की स्थापना तीन साल पहले हुई थी तब तब से अब तक यह हर किसी का दिल जीतते आ रही है। यहां के मैनेजर बताते है कि यहां पर मिलने वाला भोजन एकदम शुद्ध और शाकाहारी होता है।यहां पर बनने वाला भोजन सबसे पहले भगवान को अर्पण किया जाता है तत्पश्चात ही इसे प्रसाद के रूप में परोसा जाता है।

भारत के विभिन्न मंदिरों का प्रसाद परोसा जाता है यहां
इस रेस्टूरेंट की सबसे खास बात यह है कि यहां मिलने वाला व्यंजन केवल व्यंजन नहीं बल्कि भगवान को अर्पित भोजन जिसे हम प्रसाद के रूप में ग्रहण करते है भोजन है। यहां पर मिलने वाला भोजन ठीक वैसे ही तैयार किए जाते है जैसा कि भारत के विभिन्न मंदिरों में भगवान को चढ़ाने के लिए किया जाता है।यहां का भोजन बनने के सबसे पहले भगवान को भोग के रूप में चढ़ाया जाता फिर उसे परोसा जाता है।यहां पर मिलने वाले कई भोजन तो सीधे मंदिरों से भी आते है।

सबसे पहले करना पड़ता है आचमन
इस रेस्तरां में भोजन ग्रहण करने से पहले आचमन करवाया जाता है जैसा की हम मंदिरों में भगवान को भोग लगाने से पहले करते है।रेस्तरां में टेबिल पर खाना परोसने से पहले हर ग्राहक को आचमन करवाया जाता है। इसके बाद पंचामृत दिया जाता है, जिसमें दूध, घी, शहद, गंगाजल और तुलसी शामिल होती है। इसके बाद ग्राहकों को छाछ परोसी जाती है और साथ में फ्रेश जूस भी दिया जाता है। किसी भी आम रेस्तरां की तरह यहां पर भी आपको स्टार्टर, मेनकोर्स और आखिर में डेजर्ट परोसा जाता है।आप अपनी पसंद का कुछ भी ऑर्डर कर सकते है आप चाहे तो भोग की थाली भी मंगवा सकते है ।इस रेस्तरां में चार तरह की भोग की थाली परोसी जाती है जो अलग अलग दिन आपको मिल जाएंगी।यहां पर भोजन को कांसे या फिर मिट्टी के बर्तन में ही परोसा जाता है।आप चाहे तो कुछ अलग डिश भी ट्राई कर सकते इनके मेनू में आपको 22 तरह के व्यंजन मिल जायेंगे जोकि काफी स्वादिष्ट और पौष्टिक भी है।

क्या क्या है इस रेस्तरां के मेन्यू में
जैसा की इस रेस्तरां का नाम है टेंपल फूड ऑफ इंडिया,जहां आप भारत के विभिन्न मंदिरों के प्रसाद आपको एक ही साथन पर मिल जाएगा।इस रेस्तरां में भगवान को अर्पित किया गया भोग प्रसाद ही परोसा जाता है जिसमे आपको चार धाम की सबसे खास "अरबी के गट्टे" माता वैष्णो देवी में मिलने वाला चने', ब्रजभूमि की 'खिचड़ी', अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर का 'आलूवड़ी', मथुरा के 'पेड़े' आदि शामिल हैं। इसके अलावा अगर आप बद्रीनाथ मंदिर और पुरी के जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद और मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर का पारुप्पु सोराक्कई कुटू का स्वाद लेना चाहते हैं तो इस रेस्तरां में आपको वो भी मिल जाएगा।जब भी आप इस रेस्तरां में जाए तो यहां का सिग्नेचर ड्रिंक 'धुआं' ट्राई करना मत भूलें। यह स्मोकी फ्लेवर वाला छाछ होता है, जिसका स्वाद आपकी जुबान पर लंबे समय तक बना रहेगा।

टाइमिंग और टैरिफ
गंगा किनारे स्थित इस रेस्तरां में आप लंच दोपहर 12.30 से शाम को 3 बजे तक है और डिनर शाम 7.30 से रात 10 बजे तक कर सकते है।दो लोगो के लिए आपको यहां पर 1200 रूपये खर्च करने पड़ेंगे।
यकीनन आप अपनी अगली ऋषिकेश यात्रा पर इस रेस्तरां में जाना नही भूलेंगे।अगर आप भारत के विभिन्न मंदिरों में नहीं जा पा रहे है तो आप यहां जाकर विभिन्न मंदिरों के प्रसाद को ग्रहण कर सकते जिसके लिए आपको कम से कम यहां चार दिन भोजन करना होगा।

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