Rock Shelters of Bhimbetka 1/undefined by Tripoto
: The best time would be from September to February.
7:00 am to 6:00 pm all through the week.
Visit the Ratapani Sanctuary only 10 kilometers away.
INR 10.00 need to be paid by Indians to gain entry while INR 100.00 is charged for foreign tourists. To park vehicles, INR 20.00 is charged while for a minibus INR 100.00 is charged.
All year
Families, Friends
2 out of 52 attractions in Bhopal

Rock Shelters of Bhimbetka

These caves lie 45 kilometers away from Bhopal in Madhya Pradesh and are a famous tourist destination on the Bhopal- Hoshangabad Highway. It is believed that these were the very caves where the Pandavas sought shelter when they were exiled. Dr. Vishnu Wakankar, a professor at the Vikram University in Ujjain discovered these caves while on an excavation during 1957-58. He strayed far from the site and stumbled upon these caves. One cannot afford to miss this place when one visits Madhya Pradesh.
Aishwarya Rao
After visiting the temple we drove to another UNESCO World Heritage Site The Bhimbetka Rock shelters. There are 700 Rock shelters out of which 15 rock shelters are for public viewing
भीमबेटका: एक विश्व धरोहर भीमबेटका जो कि एक यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व विरासत स्थल के रूप में भी जाना जाता है और यह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  से लगभग 40 किलोमीटर दूर विंध्य पर्वत के दक्षिणी किनारे पर हरे भरे जंगलों के बीच  स्थित है ।भीमबेटका के बारे में ऐसा माना जाता है कि इसके नाम का इतिहास महाभारत से जुड़ा हुआ है जानने वाले यह भी बताते हैं कि अपने वनवास के दौरान पांडव यहां पर आए थे और पांच पांडव में से भीम जिस जगह पर बैठे उसका नाम भीमबेटका के नाम से प्रचलित हुआ ।ये गुफाएं इतिहास की एक अमूल्य क्रोनिकल हैं। इतिहास के विभिन्न अवधियों में निर्मित, कुछ पेंटिंग लगभग 30,000 साल पुरानी हैं। चित्रों में जीवन शैली, त्योहारों, शिकार और कृषि जैसे पूर्व-ऐतिहासिक मानव जाति के पहले निशान हैं। कई में से, हालांकि केवल 12 गुफाएं सार्वजनिक देखने के लिए खुली हैं, और इसकी खोज के बाद से कई पुरातत्वविदों के लिए रुचि का विषय रहा है।2003 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित, यह 500 से अधिक गुफाओं और रॉक शेल्टर का घर है, ये सभी चित्रों से सजी हैं। प्राकृतिक रंगों के उपयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि पेंटिंग समय के साथ और भी खूबसूरत हुई हैं।समय की कसौटी पर खरे उतरने वाले प्राकृतिक रंगों से निर्मित चित्रों की खोज वी.एस. वाकणकर ने 1957 में एक उत्खनन अभियान के दौरान की थी, और एक खोए हुए समुदाय के जीवन को प्रदर्शित करता है जो हजारों साल पहले यहां रहते थे। घोड़े और हाथी की सवारी, शहद संग्रह, भोजन शिकार, नृत्य आदि के दृश्य जटिल विवरण में देखे जा सकते हैं। भीमबेटका की गुफा में बने सुंदर चित्र और इसके आसपास की प्राकृतिक सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।अगर आप कभी भीमबेटका आने का मन बनाते हैं, तो पहले आप भोपाल आ सकते हैं, भोपाल आने के लिए देश के विभिन्न शहरों से रेल मार्ग, वायु मार्ग एवं सड़क मार्ग से आया जा सकता है, यहां से आप कोई भी छोटी-बड़ी टैक्सी करके भीमबेटका लगभग 1 घंटे में पहुंच सकते हैं ।
PG
Hidden within a jungle, the Bhimbetka rock shelters are proof of India’s agelessness.
Snehal
After Sight seeing proceed to explore Bhimbetka Rock Shelter which is approximately 25 km from Bhojpur. It is declared as UNESCO world heritage site.
Place - #Bhimbetka#About -The Bhimbetka rock shelters are an archaeological site in central India that spans the prehistoric paleolithic and mesolithic periods, as well as the historic period. It exhibits the earliest traces of human life on the Indian subcontinent and evidence of Stone Age starting at the site in Acheulian times.