मनोकाना मन्दिर(नेपाल): आस्था के रंगों के बीच प्रकृति के अद्भुत नजारे......

Tripoto
9th Jul 2019
Photo of मनोकाना मन्दिर(नेपाल): आस्था के रंगों के बीच प्रकृति के अद्भुत नजारे...... by Ravi Singh
Day 1

मनोकाना देवी मन्दिर: आस्था के रंगों के बीच प्रकृति के अद्भुत नजारे......

प्रिय मित्रों...
भारत के मित्र राष्ट्र नेपाल में यू तो पर्यटन के अनगिनत रंग है, हिमालय की विशाल पर्वत मालाओं से सजे नेपाल में हर कदम आंखों को सुकून देने वाले अद्भुत नजारे है। पहाडों से कल कल करते उतरती पहाडी नदीयों और बादलों को छुते पहाडों को देख मन प्रफुल्लित हो उठता है। नेपाल के आस्था और पर्यटन के चटख रंगों में से एक है मनोकामना मन्दिर, यह नेपालीजन के आस्था का दूसरा सबसे प्रमुख केन्द्र है। नेपाल की राजधानी काठमाडू स्थित पशुपतिनाथ मन्दिर के बाद मनोकामना देवी मन्दिर दूसरी ऐसी मन्दिर है, जहां बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है।नेपाल के साथ साथ भारत से भी बडी संख्या में लोग माता मनोकामना देवी के दर्शन के लिए आते है। नवरात्र के नौ दिन यहां बडी भींड होती है। मनोकामना देवी मन्दिर में बडी संख्या में लोगों के पहुंचने का एक कारण यह भी है कि यहां आस्था के साथ साथ प्रकृति के बेहद खूबसूरत नजारे है।जो फैलमी टूर के लिए खासा लोकप्रिय है। नेपाल के प्रमुख नदी त्रिशुली के ऊपर से उठती और पहाडों के शिखर तक चढती अत्याधुनिक रोप-वे सफर यात्रा को और भी आकर्षक बना देता है। ऊंची पहाडी के बीच बादलों के बीच से निकल कर हमारी रोप-वे कब मनोकामना देवी मन्दिर स्टेशन पहुंच गई पता ही नहीं चलता।पुरे रास्ते पहाडों से लुका-छुपी खेलते बादलों के अद्भुत नजारों को देख आंखो को जो सुकुन मिलता है, उसे शायद शब्दों में बया नहीं किया जा सकता।
नेपाल में आस्था और पर्यटन का इन मनोरम संगम को देखने के लिए सडक मार्ग से भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली (महराजगंज उ०प्र०) और ठूठीबारी (महराजगंज उ०प्र०) के रास्ते आसानी से पहुंचा जा सकता है।इसके अलावा हवाई मार्ग से काडमाडू और पोखरा से भी मनोकामना पहुंचा जा सकता है।
सोनौली बार्डर से करीब 183 किमी की दूरी पांच से छह घण्टे में तय की जा सकती है। सोनौली से भैरवहां, नारायणघाट होते मुंगलिंग और वहां से काठमाडू हाईवे पर पांच किमी का सफर तय कर मनोकामना पहुंचा जा सकता है।मनोकामना मन्दिर पहुंचने के लिए आपको मनोकामना रोपवे स्टेशन से रोप-वे से सफर करना होगा जो सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक चलता है। मनोकामना मन्दिर के पास पहाडी पर भी रहने खाने का उचित प्रबंध है।यहां साधारण होटल और रेस्टोरेंट उपलब्ध है।इसके अतिरिक्त मनोकामना पहाडी के नीचे रोपवे स्टेशन के बाहर भी दर्जनों होटल व खान पान की दुकाने है। मनोकामना मन्दिर जाने के लिए साल के 12 महीनें उत्तम है।
कुल मिला कर परिवार के साथ छुट्टी बिताने का इससे बेहतर और कोई जगह नहीं हो सकती। आस्था और पर्यटन के बीच प्रकृति के मनोरम दृश्य को देखना है तो एक बार मनोकामना जरुर आयें....!!

रवि सिंह "प्रताप"

Photo of मनोकाना मन्दिर(नेपाल): आस्था के रंगों के बीच प्रकृति के अद्भुत नजारे...... by Ravi Singh
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