गोआ: अगर सुकून चाहिये तो मानसून में आइये...

Tripoto
7th Aug 2019
Photo of गोआ: अगर सुकून चाहिये तो मानसून में आइये... by Ravi Singh
Day 1

अगर सुकून चाहिये तो मानसून में गोआ आइये...
$ गोआ की बारिस में पीछे छूट जायेगा चेरापूंजी, किश्तों में होती मूसलाधार बारिस ने तन मन सबको उत्साह में भिगो दिया....

प्रिय मित्रों...
अगर मानसून के दिनों में आप गर्मी से बेहाल है, और सुकून की तलाश में है तो सीधा गोआ जाईये और बस गोआ ही जाईये, गोआ का मांसून आपको चेरापूंजी का एहसास न दिला दे फिर कहिये, यहां जब तब बसरते बदरा और अपनी बेग में उफान मारती समुद्ध की खूबसूरत लहरे आपके मन मस्तिष्क को प्रफुल्लित कर देंगी, ऐसा बस मै नहीं कह रहा इन दिनों गोआ आने वाले हजारों घुमक्कडों की ऐसी ही राय है।ये अलग बात है कि इन दिनों बीचों पर विदेशी सैलानी भले कम दिखें लेकिन देशीजन का जोश ऊफान पर जरुर दिखेगा। दिन में चमकती गोआ रात के पहर कैसे चमचामा उठती है उसे यहां आकर ही देखा जा सकता है।

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गोआ गये और समुद्ध तटो की "रानी" को नहीं देखा तो क्या देखा..

गोआ के बीचों में से सबसे प्रमुख कलंगूट बीच को ‘समुद्र तटों की रानी’ कहा जाता है। ब्रिटिश पर्यटकों के लंबी छुट्टियां बिताने के लिए सबसे लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक कलंगूट और कैंडोलिम बीच बेहद खास हैं। यहां के रिसॉर्ट्स में बहुत ही अनुकूल वातावरण है, और यहां पर स्वादिष्ट व्यंजन पर्यटकों की फेवरेट है। कलंगूट बीच अपनी सुनहरी झिलमिलाती रेत के लिए प्रसिद्ध है और उत्तरी गोवा का सबसे बड़ा समुद्र तट है। यह गोवा में जाने के लिए सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है। यह समुद्र तट नरम रेत के साथ थोड़ा चौड़ा है लेकिन समुद्र की लहरें यहां काफी तेज होती हैं। इसके अलावा आप यहां, पैरासेलिंग और वाटर-स्कूटर राइड्स जैसी कुछ बेहतरीन वॉटर स्पोर्ट्स भी कर सकते हैं। लेकिन याद रहे वाटर स्पोर्ट का आनन्द आप मानसून के दिनों में नहीं ले सकते है।

बागा बीच दिन में शांत रात में मच जाता है धमाल...
कलुगुट बीच से सटा बागा बीच की बात ही सबसे खास है। यह गोआ का सबसे मसहूर बीच है।यहां का माहौल अपने आप में बेहद खास है जो अलग अनुभव कराता है। यहां आपको एकदम शांत माहौल और प्यारा वातावरण देखने को मिलेगा और इसके साथ-साथ कैफे, और सुनहरे रंग की रेत में एन्जॉय करने लोगों की भींड सर्वाधिक होती है।यहां भी  वाटरर्स्पोर्ट्स गतिविधियों का मजा ले सकते है जैसे की जेट स्की, स्पीड बोट, बनाना राइड आदि। यह बीच अपनी नाईट लाइफ के लिए और भी मसहूर है।दिन के उजाले में जितना शांत रहता है रात में बीच उतना ही हर्षोल्लास वाला है।बीच से सटे क्लब और बार में म्यूजिक की धुन पर थिरकते युवाओं का मनोरंजन देखते ही बनता है। बागा बीच अपने स्वादिष्ट सी फूड, नाईट लाइफ, टीटोस और मेंबोस नाइट क्लब, और मैकीज सैटरडे नाईट के लिए फेमस है।

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बेहद शांत है और खूबसूरत है बागातोर बीच...

उत्तरी गोवा में स्थित बागातोर बीच समुद्र की रेतीली पट्टी के पीछे काले लाल रंग की चट्टानों का एक  द्रश्य देखने को मिलता है। चट्टानों के नीचे की सुनहरी रेत है। पूरा समुद्र तट भी ऊंचे ताड़ के पेड़ों से भरा पड़ा है। वागातोर को क्रेजी ट्रान्स पार्टियों के लिए जाना जाता है। यहां के क्राउड में ज्यादातर यूरोपीय और भारतीय युवा होते हैं। अन्य समय में वागातोर एक मधुर और शांत  समुद्र तट है, और शायद ही यहां कभी भीड़ होती है। बागातोर में खाने, पीने और रहने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। सुखद और आरामदायक छोटे तटीय स्थानों का एक अलग ही सौंदर्य और आकर्षण है। रेत की छोटी-छोटी क्यारियां, खाड़ी की चट्टानों और खदानों से समृद्ध हैं, और यहां के सूर्यास्त का आनंद उठाना बहुत बेहतरीन दृश्य है।

बेहद खास है गोआ के बीचों का अपना अपना रंग..

वैसे तो गोआ में दर्जनों छोटे बडे बीच है और हर बीच की अपनी अपनी खासियत, बीचों में तमाम ऐसे भी बीच है जो हम भारतीयों को तो ज्यादा पसंद नहीं आते लेकिन विदेशी सैलानियों के लिए वह किसी जन्नत से कम वहीं है।तभी तो अपनी छुट्टिया बताने आने वाले तमाम विदेशी सैलिनीं महिनों गोआ की आबो हवा में विखरी शांति और सुकुन को महसूस कर यही के रंग में रंग बस जाते है।ऐसा माना जाता है कि विदेशी सैलानियों को ज्यादा क्राउड वाले बीच पसंद नहीं आते और वे हमेशा एकांत और शांत बीच पर ही ज्यादा समय बिताते है, फिर कलुंगूट से लेकर मोरजिम बीच तक विदेशी सैलानियों की मौजूदी से गोआ दिसम्बर से जनवरी तक अपनी रंगीनियों के लिए जाना जाता है। लेकिन मई से सितम्बर तक यहां का सिजन नहीं होता है, इस दौरान यहां बरसात ज्यादा होती है और विदेशी सैलानी लौट जाते है। लेकिन इनदिनों में हम भारतियों की भींड ज्यादा होती है, हनीमून ट्रिप पर आने वाले जोडों से यहां का मासून सीजन गुलजार रहता है।

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हमने भी देखा.... और मजेदार रहा हमारा गोआ का सफर

हमारा यह गोआ का पहला ट्रिप था।मन में तमाम सवाल और एक ही जवाब अब तो बस देखना ही है, 2 अगस्त को लखनऊ से हमारी गोआ की फ्लाईट थी। करीब 3:30 बजे हम एअरपोर्ट पहुंच गये और शाम हमारी फ्लाईट ने 5:50 पर ऊडान भरी और 8:15 पर हम गोआ एअरपोर्ट पर लैंड कर गये। बाहर निकले तो टैक्सी यूनियन के हडताल की खबर मिली, ओला वगैरह सब बंद था। आपको बता दें कि गोआ एअरपोर्ट से कलुंगूट की दूरी करीब 42 किमी की है।इस लिए सोच कर थोडा टेंसन हुआ कि कैसे पहुंचेंगे, पर सुकुन इस बात की हमारे तरह वहां कुछ और भी लोग थे।इनमे कुछ फैमिलियर भी थे। लेकिन हमे थोडा इंतजार करने के बाद सरकारी बस मिली और हम आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचे गये। कलुंगूट चौक पहुंचे पर हम सीधा अपने होटल पहुंचे और खाना वगैरह खाकर आराम करने लगे।इंज्वाय का सपना सजाये हम जब अगली सुबह उठे और मूसलाधार पानी देखी तो मन थोडा अपसेट हुआ।लेकिन नाश्ता कर जब हम रेंट पर स्टूटी लेकर बारिस में भींगने का मन बनाया तो फिर बारिस के चंद फुहारों ने हमारे उत्साह को और बढा दिया। फिर क्या था बारिस थी कि थमने का नाम नहीं ले रही थी, तो भला हम कहा रुकने वाले थे जस जस बारिस बढती गयी हमारा उत्साह भी बढता चला गया है।फिर कलुंगूट बीच, बागा बीच, अंजूना बीच, मोरजिम, कैंडोलिम से लेटर वागातोर बीच और चपोरा फोर्ट से गोआ के बीचों की सैर कर हमने खूब मस्ती की।इन बीचों को देखने का तो सुकुन था उसे शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है। पणजी से सटे ओल्ड गोआ में अतिप्राचीन " बोम जीसस का महागिरिजा घर" और समुद्ध की छोर पर बसा पणजी शहर की खूबसूरती अपने आप अद्भुत है। यहां समुद्ध में बडे बडे क्रूज और उसमे कैसिनों और डिस्को जैसी चीजे भी थी जिसे हमने बाहर से ही देखना मुनासिब समझा, इसके बाद रात में बागा बीच की नाइट लाइफ और फिर टिटोस के डांस क्लब में मस्ती, अगली सुबह बीचों पर मौज के बाद शाम को बागा बीच पर कैंडिल लाइट डिनर और बीच पर मिले नये दोस्तों के साथ डांस और मस्ती का माहौल लाजवाब था।

रवि सिंह "प्रताप"

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