चुड़ैल की पूजा होती है पाटन के इस चुड़ैल मंदिर में

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वैसे तो भारत में करोड़ों देवी देवताओं को समर्पित मंदिर हैं, मगर एक मंदिर ऐसा भी है जो चुड़ैल को समर्पित है | चुडेल माता मंदिर के रूप में जाना जाने वाला यह मंदिर पाटन के कुंगेर गांव में स्थित है। ये मंदिर यहाँ के लोगों के लिए अदालत का काम भी करता है, जो यहाँ चुड़ैल माता से न्याय की गुहार लगाने आते हैं | कुंगेर में चुड़ैल माता को कलियुग की आदिशक्ति के रूप में जाना जाता है और यह पहली शक्ति / महाशक्ति है जो अखंड ज्योति (ज्योति) के रूप में यहाँ मौजूद है।

गाँव के लोग इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और इनका मानना है कि उनकी समस्याओं का समाधान यहाँ मिलता है | हर रविवार और मंगलवार यहाँ सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है जो यहाँ शांति और सुरम्यता के साथ ही स्वास्थ्य, व्यक्तिगत, पेशेवर, कानूनी, वित्तीय या किसी भी प्रकार की सांसारिक समस्याओं का समाधान पाने आते हैं |

कहावतों के अनुसार:

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लोक कथाओं के अनुसार 250 साल पहले श्री रायचंददास पटेल ने वरखड़ी ( पेड़ जहाँ अच्छी आत्माएं रहती हैं) वृक्ष के सहारे पाँच ईंटों के नीचे चुड़ैल माता को स्थापित किया था और तभी से इन्हें देवी की तरह पूजा जाने लगा |

समय बीतने के साथ लोगों को श्री चुड़ैल माता की कृपा से उनका खोया सामान मिल जाने का अनुभव होने लगा | धीरे-धीरे लोगों का विश्वास काफ़ी बढ़ गया और आस-पास के इलाक़ों में भी चुड़ैल माता की ख्याति छाने लगी | विक्रम संवत 2047 यानी सन 1991 में गाँव के मुखिया बुजुर्गों ने एक अखंड ज्योति की स्थापना की जो आज भी प्रज्ज्वलित है |

कहाँ: कुंगेर की ओर, तालुका-पाटन, जिला-पाटन, जिला-, गुजरात 384255

प्रवेश शुल्क: निशुल्क

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