
दिल्ली का हमारे देश की राजधानी होने के पीछे काफ़ी कारण हैं | हो सकता है कि इसके पीछे सौ तरह के राजनैतिक कारण हों, मगर हमें तो मुख्य रूप से हज़ार तरह के सांस्कृतिक कारणों में ही दिलचस्पी है |
दिल्ली में कई सदियों से बहुत से धर्मों के लोग शांति और सदभाव के साथ में रहते आ रहे हैं | यही कारण है कि इस शहर की ऐतिहासिक धरोहर देश के बाकी कई शहरों से ज़्यादा समृद्ध और विकसित है | अगर कोई नया व्यक्ति दिल्ली घूमने जाता है तो वह जीतने भी आदमियों से बात करता है उसे उतने तरह के ही सुझाव और टिप्पणियाँ मिलती आईं | इससे व्यक्ति की मदद तो कम होती है बल्कि वह भ्रमित और परेशान ज़्यादा हो जाता है |
दिल्ली इतनी विशाल और तरह तरह की क़िस्मों की चीज़ों से भारी हुई है कि यहाँ कर किलो मीटर चलने पर आप को वास्तु कला बदली हुई मिलती है |
आप के इन्ही भ्रमों को दूर करने और यात्रा को आसान बनाने के लिए हमने आप के लिए सप्ताह के अंत में दिल्ली में घूमने के कार्यक्रम की सूची तैयार की है | इस सूची की मदद से आप केवल 2 ही दिन में दिल्ली के ज़्यादातर दृश्यों और ज़ायकों का मज़ा ले सकते हैं |
पहला दिन
कनॉट प्लेस
1. शनिवार सुबह 10 बजे

अच्छा रहेगा कि दिल्ली घूमने की शुरुआत हम दिल्ली के दिल से ही करें | कनॉट प्लेस में करने को बहुत कुछ है | पूरे दिल्ली से लोग यहाँ खरीदारी करने आते हैं | इसलिए अगर आप को अपने लिए या अपने प्रियजनों के लिए बढ़िया और असली चीज़ों की खरीदारी करनी है तो उसके लिए यहाँ से बढ़िया जगह ओर कोई नहीं हो सकती | अगर आप सुबह लज़ीज़ नाश्ता करना चाहते हैं तो यहाँ आप के पास इतने विकल्प हैं कि आप चुनाव करने में ही बौखला जाएँगे |
होटल सरवण भवन
क) दक्षिण भारतीय खाने के लिए
बजट - 2 लोगों के लिए 600 रुपये
पता - नंबर 50, जनपथ रोड, नई दिल्ली, दिल्ली 110001।
इंडियन कॉफी हाउस
ख) उत्तर भारतीय भोजन, आमलेट, सैंडविच आदि के लिए।
बजट - 2 के लिए 300 रुपये
पता - दूसरी मंजिल, मोहन सिंह पैलेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस, टिवोली सिनेमा के पास, नई दिल्ली, दिल्ली 110001।
इम्पीरियल
ग) उत्तर भारतीय, चीनी, इतालवी, दक्षिण भारतीय खाने आदि के लिए
बजट - 2 के लिए 6,000 रुपये
पता - 1 जनपथ, नई दिल्ली 110001
जब आप खरीदारी कर चुके हों और अपने बजट के अनुसार सुबह का नाश्ता भी निबटा लिया हो तो आप आस पास के धार्मिक स्थलों जैसे हनुमान मंदिर और बंगला साहिब के दर्शन करने भी जा सकते हैं |
चांदनी चौक
2. दोपहर 2 बजे

सुबह सुबह का समय दिल्ली के आधुनिक स्थान कनॉट प्लेस पर बिताने के बाद आइए मेट्रो रेल में बैठे और चले दिल्ली के सबसे पुराने भाग की ओर जिसका नाम है चाँदनी चौक | चाँदनी चौक की इन भूल भुलैया जैसी पतली पतली गलियों में से ही असली दिल्ली की पैदाइश हुई थी | अगर आप शौकीन इंसान हैं तो पुरानी दिल्ली के चाँदनी चौक की लज़ीज़ चाट से ले कर बेहद सुंदर वास्तु कला वाली आज़ादी से पहले की इमारतें आप को ज़रूर लुभाएँगी |
पुनारी दिल्ली के चाँदनी चौक इलाक़े में आप ये सभी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं |
लाल किला
क) आइए ज़रा इतिहास के पन्नों को पलटें

यह भारत में मुगल शासन का एक अमित प्रतीक है जहाँ आज भी हर साल स्वतंत्रता दिवस पर आज़ाद भारत के प्रधान मंत्री तिरंगा झंडा फहराते हैं | लाल किले को घूम कर आप भी इस जगह की भव्यता का अनुभव कर सकते हैं |
जामा मस्जिद
ब) सांस्कृतिक स्वर्ग

दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद होने के साथ ही जामा मस्जिद बेहद भव्य भी है | जामा मस्जिद देखने के बाद एक मुसाफिर का दिल बाग बाग कर उठता है | यहाँ की सबसे ऊँची मीनार से दूर दूर का नज़ारा देखते ही बनता है, इसलिए अगर जामा मस्जिद जाए तो यहाँ से नज़ारे का लुत्फ़ ज़रूर लें |
हौज काजी चौक
ग) यहाँ के ज़ायक़े के क्या कहने

सबसे बढ़िया मुगलई माँस खाने का मन हो रहा है ? समझिए की आप सही जगह आ पहुँचे हैं | करीम, अल जवाहर से लेकर असलम चिकन जैसे जाने माने रेस्तराँ इस चौक में मौजूद हैं जहाँ का ज़ायक़ा आप के होश उड़ा देगा | दावा करते हैं कि ऐसा स्वाद देश में अवधी इलाक़े को छोड़ कर और कहीं नहीं मिलेगा |
परांठे वाली गली
द) यहाँ के किस्से तो ज़रूर सुने होंगे

पराठे वाली गली के बारे में तो किसने नहीं सुना है ? इस गली में हमेशा ही स्थानीय लोगों और सैलानियों की भीड़ लगी रहती है जो यहाँ की पराठे बेचने के लिए मशहूर दुकानों के तले हुए लज़ीज़ पराठे के दीवाने हैं |
अब जबकि आप देश की राजधानी के लज़ीज़ खाने का स्वाद चख ही चुके है, आइए कुछ पी कर तरोताज़ा हो लिया जाए |
पीने का आनंद लेने के लिए आप चाहे तो मेट्रो रेल में सवार हो कर राम कृष्ण आश्रम मार्ग स्टेशन पर उतर जाइए | आप पहुँच गये हैं पहाड़गंज जहाँ आप को दिल्ली का एक अनोखा स्वरूप देखने को मिलेगा |
पहाड़गंज
3. शाम 7 बजे

ये शायद दिल्ली की सबसे कम समझी जाने वाली और अनावश्यक रूप से बदनाम जगह है, मगर यही बात इसे इतना लुभावना बना देती है | एक बार के लिए महँगे बारों को छोड़िए और पहाड़गंज के रंगीन बारों में खुशी का एक जाम उठाइए | यहाँ के बारों में आप को फिल्म देव डी की तरह महसूस होगा | यहाँ के कुछ बेहतरीन विकल्प कुछ इस प्रकार हैं :
माय बार लाउंज एंड रेस्तरां
क) अपनी तरह की पहली जगह है
बजट - 2 के लिए 1,200 रुपये
पता - 5136, मुख्य बाजार, पहाड़गंज, दिल्ली 110055
सैम्स कैफे एंड बार
ख) युवाओं में बहुत ही लोकप्रिय जगह है
बजट - 2 के लिए 1,200 रुपये
पता - 1548 एम / एफ, मुख्य बाजार, पहाड़गंज, दिल्ली 110055
क्लब इंडिया
ग) खुली छत पर मस्ती
बजट - 2 के लिए 1,000 रुपये
पता - 4797, दूसरी मंज़िल, 6, मुख्य बाजार रोड, तूती चौक, पहाड़गंज, दिल्ली 110055
ऊपर दिए गये तीन में से किसी भी बार में चले जाइए | आप का समय बड़े मज़े से व्यतीत होगा | इस मौज मस्ती के बाद आप का सोने का समय हो जाएगा | आराम से सो कर पूरे दिन की थकान उतारिये और अगले दिन के घूमने के लिए तरोताज़ा हो जाइए |
दूसरा दिन
कैफे लोटा
4. रविवार सुबह 9 बजे

हम आप को खाने पीने के लिए कई और विकल्प भी दे सकते थे, लेकिन अगर दिल्ली भ्रमण पर निकले ही है तो कैफ़े लोटा जाना तो बनता ही है | इस कैफ़े में लाजवाब फ़्यूज़न फूड और नाश्ते के खूब सारे लज़ीज़ विकल्प तो मिल ही जाएँगे मगर ख़ास बात यह है कि ये कैफ़े नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम के अंदर स्थित है | इसलिए यहाँ से ही आप के दिल्ली में बिताए जाने वाले दूसरे और आख़िरी दिन की शुरुआत होनी चाहिए |
बजट - 2 के लिए 800 रुपये
पता - राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय, गेट नंबर 2, भैरों मार्ग, प्रगति मैदान, दिल्ली 110001
इंडिया गेट
5. सुबह 11:30 बजे

प्रगती मैदान से इंडियन गेट मात्र आधा किलो मीटर दूर ही है | अगर आप दिल्ली आए हैं और आप ने इंडिया गेट जैसा शिल्पकारी का अद्भुत नमूना नहीं देखा तो माफी चाहेंगे मगर आप ने दिल्ली ठीक से नहीं देखा | एक बार आप इंडिया गेट देखने पहुँच गये तो पास ही स्थित अमर जवान ज्योति का नज़ारा भी आप को बहुत पसंद आएगा | दिल्ली की सर्दी में आप को इन इलाक़ों में घूमने में बड़ा मज़ा आएगा मगर गर्मियों में इस जगह पर घूमना किसी सज़ा से कम नहीं है | तो चलिए अब अपने अगले गंतव्य की ओर चलते हैं जो है नैशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट | इंडिया गेट के ठीक सामने वृत्ताकार परिधि में स्थित इस प्रमुख गैलेरी का रखरखाव और संचालन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जाता है | अगर आप कला के पारखी इंसान हैं तो आप इस गैलेरी में आराम से घंटों तक घूम सकते हैं |
दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन
6. दोपहर 2 बजे

नैशनल गैलेरी ऑफ मॉडर्न आर्ट से ऑटो लीजिए और मात्र 4 किलो मीटर की दूरी पर आप अपने आप को बिल्कुल अलग तरह की दुनिया में पाएँगे | ये अलग सी दिखने वाली जगह है संत हज़रत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह। एक बार आप यहाँ पहुँच गये तो यहाँ के माहौल को देख कर समझ जाएँगे कि दिल्ली आकर इस जगह पर आना कितना ज़रूरी है | देश की राजधानी के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए इस दरगाह के दर्शन करना बहुत ज़रूरी है | दरगाह की कुछ ख़ास बातें आप का ध्यान सबसे ज़्यादा आकर्षित करेंगी, चाहे वो पैसे दान करने की गुहार लगाते हुए भटकते पीर बाबा हों या इस जगह पर लगे सस्ते और स्वादिष्ट पकवानों के खोमचे | अगर आप को यह जगह पसंद आई तो आप यहाँ गुरुवार की शाम को ज़रूर आइए | यहाँ गायी जाने वाली भावपूर्ण कव्वाली सुन कर आप का दिल भर आएगा |
इसी दौरान अगर आप का मन दोपहर का भोजन करने का हो गया हो तो ज़बरदस्त मटन कोरमा और सीक कबाब का स्वाद लेने के लिए यहाँ बाहर ही स्थित ग़ालिब कबाब कॉर्नर पर जा सकते हैं | पूरा पैसा वसूल होगा और समय व पेट दोनो तृप्त हो जाएँगे |
क़ुतुब मीनार
7. शाम 4:30 बजे

अब आप दिल्ली में अपनी सप्ताहांत यात्रा के भी अंत में पहुँच चुके हैं तो आइए चलते हैं दिल्ली की सबसे ज़्यादा जानी मानी जगहों में से एक, कुतुब मीनार की ओर | दिल्ली सुल्तानत की ये सबसे ऊँची प्रतिमा हज़रत निज़ामुद्दीन की दरगाह से आधे घंटे की दूरी पर है और कुतुब मीनार के दरवाज़े दिन के केवल 5 बजे तक ही खुले रहते हैं | ऐसे में अगर आप को मुगल काल के इस ऊँचे अजूबे को देखना है तो उसी हिसाब से अपने समय का प्रबंधन करना होगा | इस मीनार के पास ही एक लौह स्तंभ भी देख सकते हैं | अपने पास पानी की बोतल रखे और लगातार पानी पीते रहें या जहाँ भी पानी मिले पी लीजिए क्यूंकी भीड़ भाड़ के कारण क़ुतुब मीनार परिसर से निकालने में आप को बहुत समय लग जाएगा |
डीएलएफ साइबरहब
8. शाम 7 बजे

मध्यकालीन सदियों के पुराने वास्तु कला के नमूनों में दिन भर बिताने के बाद आप अपनी सप्ताहांत दिल्ली यात्रा दिल्ली/एनसीआर के इस अत्याधुनिक स्थल पर ख़तम कर सकते हैं | डीएलएफ साइबर हब तक आने के लिए आप मेट्रो रेल की सहायता ले सकते हैं जो आप को 30 से 40 मिनट में क़ुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन से साइबरहब तक पहुँचा देगी | इस जगह पर आप को इतने सारे भव्य खाने पीने के रेस्तराँ और बार मिल जाएँगे कि एक बार तो समझ ही नहीं आएगा कि दिन का अंत किस रेस्तराँ और बार में सुकून से बैठ कर किया जाए | तो चलिए आप की इसी पसोपेश को दूर करने के लिए ले कर आए हैं साइबर हब में कुछ बेहतरीन विकल्पों की सूची |
फ़र्ज़ी कैफे
क) भारतीय फ्यूजन व्यंजन
बजट - 2 के लिए 2,200 रुपये
पता - 7-8, ग्राउंड फ्लोर, साइबर हब, डीएलएफ साइबर सिटी, गुरुग्राम
हार्ड रॉक कैफे
ख) दुनिया भर में मशहूर नाम
बजट - 2 के लिए 2,500 रुपये
पता - यूनिट 4/5/104/105, आर ब्लॉक, साइबर हब, डीएलएफ साइबर सिटी, गुरुग्राम
केओए (KoA) - किचन ऑफ एशिया
ग) पूर्वांचल का असली ज़ायक़ा
बजट - 2 के लिए 2,000 रुपये
पता - शॉप 106-107, साइबर हब, डीएलएफ साइबर सिटी, गुरुग्राम
हम आप को दूसरे दिन गुरुग्राम में ही रुकने की सलाह देते हैं क्यूंकी यहाँ से हवाई अड्डा भी बेहद पास ही है |
देखते ही देखते हमने अपने सप्ताहांत दिल्ली दर्शन की यात्रा के कार्यक्रम की सूची को समाप्त कर दिया | जाहिर है कि इस विशाल शहर में आप इससे बहुत ज़्यादा गतिविधियों में सम्मिलित हो सकते हैं, लेकिन अगर आप इस यात्रा के कार्यक्रम की सूची के हिसाब से दिल्ली घूमेंगे तो कम समय में सबसे ज़्यादा मज़ा कर पाएँगे | तो अब फ़िक्र ना करें | दिल्ली घूमने के लिए अब आप को अपने यारों और दूर के भाई बहनों की सलाह लेने की कोई ज़रूरत नहीं है | ये सूची उठाइए और निकल जाइए इस बेहद सुंदर शहर का भ्रमण करने |
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