गंगासागर धाम: कपिल ऋषि के शाप और गंगा के धरती पर उतरने का प्रमाण

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क्रेडिट्स: विकिमीडिआ कॉमन्स

Photo of गंगासागर धाम: कपिल ऋषि के शाप और गंगा के धरती पर उतरने का प्रमाण by Kanj Saurav

हिन्दुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गंगासागर, बंगाल की खाड़ी में स्थित एक द्वीप है।कोलकाता से 100 कि.मी. दूर, गंगासागर सुंदरबन डेल्टा का हिस्सा है पर यह अपनी भौगोलिक विशेषता से ज़्यादा अपनी धार्मिक विशेषता के लिए जाना जाता है।

हर साल गंगासागर मेला इस सागर द्वीप के छोर पर मनाया जाता है जहाँ से गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करती है। इसी प्रयाग को गंगासागर का नाम दिया गया है। यहाँ पर कपिल मुनि का एक मंदिर है जो ख़ास महत्व रखता है। कुम्भ मेले के बाद गंगासागर सबसे बड़ा तीर्थ है जहाँ सैंकड़ों लोग पवित्र स्नान के लिए आते हैं। मकर संक्रांति के दिन 2018 में क़रीब 20 लाख लोग यहाँ पर स्नान के लिए आए थे।

गंगासागर से जुड़ी कहानियाँ

हिन्दू ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु धरती पर कपिल मुनि के रूप में आए थे। उन्होंने इस स्थान पर अपना आश्रम बनाया और तपस्या में लीन हो गए।इसी दौरान पृथ्वीलोक पर राजा सागर अपने कर्मों की वजह से काफी पुण्य कमा रहे थे जिसके कारण देवताओं के राजा इंद्र को अपनी गद्दी हिलती दिख रही थी। इंद्र ने एक चाल चली और राजा सागर का बलि में चढ़ाए जाने वाला अश्व चुरा कर कपिल मुनि के आश्रम के पास छोड़ दिया। राजा सागर ने अपने 60000 पुत्रों को उस अश्व को ढूँढ लाने के लिए भेजा। जब राजा सागर के पुत्रों को अश्व कपिल मुनि के आश्रम के पास मिला, उन्होंने चोरी के लिए कपिल मुनि पर आरोप लगाया।

इंद्र की चाल से अनजान कपिल मुनि इस झूठे आरोप से क्रोधित हो गए और उन्होंने राजा सागर के सभी पुत्रों को भस्म कर दिया और उन्हें पाताल लोक में भेज दिया। जब कपिल मुनि को असल बात पता चली तो वे अपना श्राप वापस तो नहीं ले सकते थे पर उन्होंने राजा सागर के पुत्रों को मोक्ष दिलाने का उपाय बताया। अगर माता पार्वती धरती पर जल के रूप में उतर कर राजा सागर के पुत्रों के अस्थियों को स्पर्श कर लेती हैं तो हिन्दू मान्यताओं के अनुसार उनकी अंतिम क्रिया पूरी हो जाती और वो मोक्ष प्राप्त कर स्वर्ग लोक को चले जाते।

राजा सागर के पुत्रों को मोक्ष दिलाने के लिए उनके सम्बन्धी राजा भगीरथ ने घोर तपस्या की ताकि माता पार्वती धरती पर आ जाएँ।और अंततः पार्वती देवी गंगा के रूप में धरती पर उतरीं और उनके स्पर्श से राजा सागर के पुत्रों को मोक्षप्राप्ति हुई। गंगा के धरती पर आने की तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार उत्तरायण या मकर संक्रांति पर होती है।इसीलिए लाखों लोग इस दिन गंगासागर में स्नान करते हैं ताकि वे स्वर्ग प्राप्त कर सकें।

गंगासागर कैसे जाएँ

कोलकाता में आपको किसी भी स्थान से काकद्वीप जाने के लिए बसें और टैक्सी मिल जाएँगी। काकद्वीप से आपको गंगासागर के लिए आसानी से फ़ेरी मिल जाएँगी।

निकटतम एयरपोर्ट: कोलकाता का सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गंगासागर से निकटतम एयरपोर्ट है।

निकटम रेलवे स्टेशन: प्रमुख रेलवे स्टेशनों में सियालदाह यहाँ से सबसे क़रीब है।

गंगासागर कब जाएँ

जनवरी में यहाँ सबसे ज़्यादा पर्यटक और तीर्थ यात्री आते हैं। इस समय यहाँ का मौसम भी अच्छा होता है। इसके अलावा आप ठंड के मौसम में कभी भी यहाँ जाएँ तो यह बढ़िया रहेगा।

क्या आप गंगासागर या किसी और तीर्थ स्थल गए हैं? अपने अनुभव Tripoto के साथ बाँटें।

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