श्रीनगर-गुलमर्ग के परे एक दुनिया जो सचमुच है धरती पर स्वर्ग, घुमक्कड़ों को भी नहीं है इसका इल्म

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Photo of श्रीनगर-गुलमर्ग के परे एक दुनिया जो सचमुच है धरती पर स्वर्ग, घुमक्कड़ों को भी नहीं है इसका इल्म by Deeksha Agrawal

कश्मीर की खूबसूरती को शब्दों में बांध पाना नामुमकिन है। ये जगह इतनी शानदार है कि आप इसके सौंदर्य को निहारते थकेंगे नहीं। कश्मीर हमेशा से पर्यटकों के लिए उनकी पसंदीदा जगहों में से रहा है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और श्रीनगर के बारे में तमाम ब्लॉग्स लिखे जा चुके हैं। लेकिन आज भी कश्मीर में कुछ ऐसी जगहें हैं जिनके बारे में ना तो ज्यादा लिखा पढ़ा गया है और ना ही घुमक्कड़ों को इनकी जानकारी है। शायद इसी वजह से इन जगहों की प्राकृतिक छटा आज भी देखने लायक है। कश्मीर की ऐसी ही जगह है दूधपथरी।

दूधपथरी

दूधपथरी का अर्थ होता है दूध की घाटी। कश्मीर की ये शानदार घाटी लगभग 8957 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। क्योंकि इस घाटी के बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है इसलिए इस घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य आज भी बना हुआ है। पीर पंजाल पर्वतमाला की गोद में बसी ये घाटी बेहद खूबसूरत है। मान्यताओं के अनुसार इस घाटी का नाम दूधपथरी यहाँ बहने वाली नदी के ऊपर रखा गया है जो दूर से देखने पर दूध की धारा के समान लगती है। तेज रफ्तार से बहती ये नदी पत्थरों से टकराने पर गाढ़े सफेद झाग जैसी दिखती है जिसके कारण इस घाटी का नाम दूधपथरी रखा गया है।

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कहा ये भी जाता है कि कश्मीरी पंडित शेख नूर दिन नूरानी प्रार्थना करने के लिए इस घाटी में पानी की तलाश कर रहे थे। पानी की खोज करने के लिए वो जमीन पर लकड़ी से छेद करते हुए आगे बढ़ रहे थे जब धरती से पानी की जगह दूध निकलने लगा। शेख नूर दिन नूरानी का मानना था कि दूध केवल खाने-पीने वाले कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है और उससे हाथ-पैर धोना सही नहीं होगा। उनकी इन इच्छाओं के चलते दैवीय शक्तियों की वजह से जमीन से निकलने वाला दूध वापस से पानी में तब्दील हो गया और तबसे इस घाटी का नाम दूधपथरी रख दिया गया। इस बात में कितनी सच्चाई है ये कोई नही जानता है लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि ये घाटी सचमुच में धरती पर किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

क्या करें?

दूधपथरी इतनी खूबसूरत जगह है कि आप हैरान रह जाएंगे। यहाँ देखने के लिए कोई विशाल किले और महल नहीं हैं लेकिन इस जगह के नजारे आपका दिल खुश कर देंगे।

1. टंगनार

टंगनार दूधपथरी से महज 2 किमी. की दूरी पर स्थित एक खूबसूरत घाटी है। देवदार और बलूत के पेड़ों से भरी ये घाटी देखने लायक है। ये घाटी हरे भरे बुग्यालों से ढकी हुई है जो देखने में बेहद प्यारी लगती है। यदि आप दूधपथरी जा रहे हैं तो आपको टंगनार होकर ही जाना होता है। क्योंकि ये घाटी दूधपथरी से केवल 2 किमी. पहले पड़ती है इसलिए आप दूधपथरी में रहते हुए भी इस घाटी की सैर करने आ सकते हैं। यकीन मानिए टंगनार के आकर्षक नजारे आपको निराश होने का एक मौका नहीं देंगे।

2. मुझपथरी

मुझपथरी शब्द का मतलब होता है शलजम की घाटी। मुझपथरी दूधपथरी से केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक खूबसूरत घाटी है जो देखने लायक है। ये घाटी शालीगंगा नदी के किनारे स्थित है। घाटियों को देखना हमेशा मोहक होता है और यदि घाटी मुझपथरी जैसी बेपनाह खूबसूरती से भरी हो तब ये अनुभव और भी खास हो जाता है। मुझपथरी घाटी में आपको सुकून मिलेगा। आप यहाँ बैठकर प्रकृति की इस बेहद हसीन रचना को निहार सकते हैं और पास बहती नदी में डुबकी भी लगा सकते हैं।

3. पलमैदान

पलमैदान का मतलब होता है पत्थरों से भरी जगह। पलमैदान दूधपथरी से तकरीबन 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जगह है जिसका इस्तेमाल ज्यादतर भेड़ बकरी चराने के लिए किया जाता है। गाँव के चरवाहों के बीच ये जगह काफी लोकप्रिय मानी जाती है। पलमैदान असल में हरियाली से भरा एक बड़ा बुग्याल है जो पत्थरों से भरा हुआ है। टंगनार की तरह पलमैदान में भी देवदार के ऊँचे और घने पेड़ों से भरा हुआ है। पलमैदान में एक पतली नहर भी बहती है जिसको देखना आपको रिलैक्स कर देगा।

4. दिशकल

यदि आप ट्रेकिंग पसंद है तो दूधपथरी में दिशकल आपकी पसंदीदा जगह बनने वाली है। दिशकल पहुँचने के लिए आपको शालीगंगा नदी से 10 किलोमीटर लंबा ट्रेक करना होता है। पहाड़ों के ऊपर बसी ये जगह अष्टार ग्लेशियर के विहिंगम नजारों से सजी हुई है। दिशकल आकर आपको दूधपथरी की असल खूबसूरती का एहसास होगा। ये जगह वाकई में इतनी मोहक है कि आपका यहाँ से जाने का मन नहीं करेगा।

5. कैंपिंग और ट्रेकिंग

पहाड़ों में ट्रेकिंग और कैंपिंग करने के तमाम विकल्प होते हैं। दूधपथरी भी उन जगहों में से है जहाँ आप प्रकृति के दृश्यों को देखते हुए ट्रेकिंग और कैंपिंग करने का मजा उठा सकते हैं। क्योंकि दूधपथरी के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं मालूम है इसलिए इस जगह पर आपको भीड़ मिलने की कोई संभावना नहीं है। दूधपथरी में आप अपनी पसंदीदा जगह पर टेंट लगाकर तारों से भरे आसमान के नीचे आराम से कैंपिंग करने का सुख ले सकते हैं।

कहाँ ठहरें?

दूधपथरी में ठहरने के लिए आपको कोई पाँच सितारा होटल या लग्जरी रिजॉर्ट नहीं मिलेगा। क्योंकि ये जगह आज भी भारत की ऑफ बीट जगहों में आती है इसलिए यहाँ आपको कम सुख-सुविधाओं में ठहरना पड़ेगा। दूधपथरी में ठहरने के लिए बहुत ज्यादा विकल्प नहीं हैं। दूधपथरी रोड के रेयार मार्केट एरिया के नजदीक आपको ठहरने के लिए कुछ होटल और होमस्टे मिल जाएंगे। ये सभी होटल दूधपथरी के मुख्य व्यूप्वॉइंट से लगभग 6 किमी. की दूरी पर हैं। इन होटलों में आपको 1,000 रूपए प्रति रात के हिसाब से कमरा मिल जाना चाहिए। दूधपथरी में एक टूरिस्ट रिजॉर्ट की सुविधा भी दी गई है जिसमें ठहरने के लिए आप पहले से बुकिंग कर सकते हैं।

दूधपथरी में आपको होटल जैसा खाना नहीं मिलेगा। ऑफ बीट होने की वजह से मुख्य दूधपथरी घाटी में केवल कुछ चुनिंदा चाय की दुकानें हैं जिनपर आपको कश्मीरी चाय और कुछ छोटे-मोटे स्नैक्स मिल जाएंगे। खानपान के लिए भी आपको रेयार आना होगा जहाँ आपको खाने पीने के लिए रेस्तरां और दुकानें मिल जाएंगे। इन रेस्तरां में आपको चिकन कांति और लवासा (जो एक तरह की कश्मीरी रोटी होती है) जरूर ट्राई करना चाहिए।

कब जाएँ?

दूधपथरी कश्मीर घाटी में स्थित बेहद खूबसूरत जगह है। क्योंकि ये जगह पहाड़ों से घिरी हुई है इसलिए यहाँ का मौसम सालभर खुशनुमा बना रहता है। हालांकि दिसंबर से फरवरी के महीनों के बीच दूधपथरी में भारी बर्फबारी भी होती है जिसके कारण अक्सर सड़कें जाम होने का खतरा बना रहता है। साल के इन महीनों में यहाँ का तापमान भी शून्य से नीचे चला जाता है। सर्दियों के मौसम में यहाँ रहने वाले ज्यादातर लोग भी निचले और मैदानी इलाकों की ओर निकल जाते हैं।

कैसे पहुँचें?

दूधपथरी श्रीनगर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है। श्रीनगर से दूधपथरी आने का सबसे आसान और तेज तरीका वाया रोड है जिसको पूरा करने में आपको कुछ 2 घंटों का समय लग सकता है। यदि आप फ्लाइट से दूधपथरी आना चाहते हैं तो आपको श्रीनगर एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट लेनी होगी जिसके बाद आप कैब बुक करके दूधपथरी पहुँच सकते हैं। यदि आप बजट पर ट्रेवल कर रहे हैं तो फायदेमंद रही रहेगा कि आप किसी ग्रुप के साथ दूधपथरी आने का प्लान बनाएं।

यदि आप वाया रोड आना चाहते हैं तो आपको श्रीनगर के लाल चौक से बडगाम के लिए बस मिल जाएगी। बडगाम आने के बाद आपको अगली बस लेकर खान साहिब आना होगा। खान साहिब पहुँचने के बाद आखिरकार आप कैब लेकर दूधपथरी आ सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान:

1. दूधपथरी में कोई एटीएम नहीं है। दूधपथरी से सबसे नजदीकी एटीएम खान साहिब में है इसलिए जाने से पहले आपने पास जरूरत के हिसाब से कैश जरूर रखें।

2. दूधपथरी में मोबाइल कनेक्टिविटी में आपको परेशानी आ सकती है। इस इलाके में प्रीपेड सिम कार्ड नहीं काम करते हैं। बीएसएनएल नेटवर्क भी रेयार तक ही काम करता है।

3. दूधपथरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है और इस समय यहाँ रहने वाले लोग भी अपने घरों से कूच कर लेते हैं। इसलिए समझदारी इसी में होगी कि आप ठंड के मौसम में दूधपथरी जाने का प्लान बनाने से बचें।

4. यदि आपको ट्रेकिंग करने का शौक है तब आप युसमर्ग से ट्रेक करते हुए भी दूधपथरी के बुग्यालों तक आ सकते हैं।

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