
वैसे तो जयपुर के बारे में सभी लोग जानते हैं कि खूबसूरत शहर है। यहां बहुत सारी पुरानी इमारतें हैं। चांदपोल से लेकर बड़ी चौपड़ तक का हिस्सा जयपुर का गुलाबी शहर कहलाता है जिसे हम पिंक सिटी भी कहते हैं। जयपुर में घूमने के लिए सभी के लिए बहुत कुछ है। इतिहास से प्रेम करने वालों के लिए, प्रेमी जोड़ों के लिए, एक्सप्लोर करने वालों के लिए, आध्यात्म में रूचि रखने वालों के लिए बहुत है। आमेर का किला, नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला, जंतर मंतर, सिटी पैलेस, हवा महल, अल्बर्ट हॉल म्यूजियम, मोती डूंगरी मंदिर, बिरला मंदिर, जवाहर सर्किल जैसी बहुत सी जगह हैं जहां आप घूमने जा सकते हैं।
जयपुर केवल अपने पॉपुलर डेस्टिनेशन के लिए नहीं जाना जाता बल्कि अपने बाजार के लिए भी जाना जाता है। पिंक सिटी का स्ट्रीट मार्केट सभी को लुभाता है यहां आपको देसी से लेकर विदेशी सभी लोग नजर आ जाते हैं। केसरिया, गुलाबी साफों से सजी बड़ी चौपड़ हो या जौहर बाजार के चमकते सोने-चांदी के गहने सबको एक नजर में मोह लेते हैं। बंधेज हो या लहरिया हो, गोटा हो या किनारी की साड़ी सभी की आंखों को भा जाती हैं। जयपुर की इन्हीं बाजार की एक और खासियत है यहां का खाना।
जयपुर फूड लवर्स के लिए जन्नत से कम नहीं है। आप जब भी जयपुर जाएं तो यहां कि अदरक और इलायची की चाय की चुस्की ले सकते हैं। इसके अलावा यहां आप शाही चाय का आनंद ले सकते हैं। जयपुर में तंदूरी चाय को पीकर अपने मुंह का स्वाद बदल सकते हैं। ब्रेकफास्ट से लेकर रात के खाने तक सबकुछ अनोखा मिलेगा आपको यहां पर। ब्रेकफास्ट में तरह-तरह की कचौड़ियां ट्राई कर सकते हैं। इन कचौड़ियों में दाल की कचौड़ी, प्याज की कचौड़ी और आलू की कचौड़ी हैं। इन कचौड़ियों को खाने का तरीका भी अनोखा है। कोई इन कचौड़ियों को आलू की सब्जी में खट्टी और मीठी चटनी के साथ खाता है तो कोई इन्हें राजस्थान की कढ़ी के साथ जायका बनाकर खाता है। राजस्थान की कढ़ी के साथ कचौड़ी खाने पर एक अलग ही लेवल पर स्वाद देता है।
इसके अलावा यहां आप मूंग दाल के भजिये जरूर चखिए। पोहा, जलेबी, समोसा, ब्रेड पकौड़े जैसे ब्रेकफास्ट को भी ट्राई कर सकते हैं। जयपुर में रोड साइड फूड और स्ट्रीट फूड बेहतर ऑप्शन है। जयपुर में एक जगह है 'मसाला पार्क'। यह कोई पार्क नहीं है बल्कि फूड लवर्स के लिए नया अड्डा है। यहां सुबह के ब्रेकफास्ट से लेकर आपको रात के डिनर तक का ऑप्शन है। चाय से लेकर जूस तक और लस्सी से लेकर सूप तक सब कुछ आपकी खिदमत में हाजिर है। मसाला पार्क से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम और जू एकदम नजदीक है तो दोनों जगहों पर घूमने जा सकते हैं।
राजस्थान आए और दाल-बाटी चूरमा ना खाएं ऐसा हो ही नहीं सकता है। दाल-बाटी चूरमा का जायका लिए बिना आप कैसे जा सकते हैं। कुछ ऐसे रेस्टोरेंट हैं जो आपको बढ़िया क्वालिटी की दाल-बाटी चूरमा देते हैं। राजस्थानी खाना थोड़ा तीखा और मिर्च मसाले वाला होता है। आप लक्ष्मी मिष्ठान भंडार की राजस्थानी थाली का जायका ले सकते हैं। इस थाली में 17 तरह के व्यंजनों को परोसा जाता है। इस थाली में सबसे महत्वपूर्ण डिशेज में कैर-सांगरी की सब्जी, गट्टे की सब्जी, कढ़ी और बेसन की रोटी है। सूप के रूप में आपको उड़द दाल की बड़ी का सूप दिया जाता है। मीठे में रबड़ी दी जाती है।
जिन लोगों को मीठा खाने का शौक है उनके लिए जयपुर एक शानदार जगह है। यहां मावे से बनी मिठाइयों के अलावा इमरती खाने को मिलती है। कढ़ाई दूध का स्वाद तो निराला ही है। लस्सी, कलाकंद, काजूकतली का मजा ले सकते हैं। राजस्थान की सबसे यूनिक डिश घेबर के कहने ही क्या? जो एक बार घेबर खाता है बार-बार खिंचा चला आता है।
ये है जयपुर की फूड जर्नी🙂
#VinayKushwaha





























