राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाडि़यों पर बने हुए सुंन्धा माता मंदिर की यात्रा

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Photo of राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाडि़यों पर बने हुए सुंन्धा माता मंदिर की यात्रा by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता का प्राचीन मंदिर राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाडि़यों के बीच बना हुआ है| एक दिन मैंने राजकोट के बस स्टैंड पर राजकोट-सुंन्धा माता की बस देखी थी| उस समय तो मैंने धयान नहीं दिया लेकिन कालेज में जाकर एक दिन मैंने गूगल पर सुंन्धा माता मंदिर के बारे में सर्च किया| तब माता के इस मंदिर के बारे में जानकारी मिली|  मैंने मन बना लिया था जब अगली अपने घर पंजाब जायूंगा तो रास्ते में सुंन्धा माता मंदिर के दर्शन करके जायूंगा| इस अप्रैल में जब राजकोट कालेज से घर जाने का प्रोग्राम बनाया तो सुंन्धा माता मंदिर का प्रोग्राम बना दिया| गुजरात रोडवेज की यह बस रात को 7.30 बजे राजकोट के बस स्टैंड से चलती है और अगले दिन सुबह सात बजे तक सुंन्धा माता पहुँच जाती है| मैंने GSTRC की साईट पर जाकर 20 नंबर वाली विंडो सीट बुक कर ली थी| कालेज में दिन लगाकर मैं शाम को राजकोट पहुँच गया| जहाँ रात को 7.30 बजे बस में बैठ कर अगले दिन सुबह 8 बजे तक मैं सुंन्धा माता पहुँच गया| बस का समय 6 बजे था पहुंचने का लेकिन बस काफी लेट हो गई| फिर भी सुबह बस ने सुंन्धा माता पहुंचा दिया था यह अच्छी बात थी|

Photo of राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाडि़यों पर बने हुए सुंन्धा माता मंदिर की यात्रा by Dr. Yadwinder Singh
Photo of राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाडि़यों पर बने हुए सुंन्धा माता मंदिर की यात्रा by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता पहुँच कर सबसे पहले मैंने मंदिर ट्रस्ट की ओर से बनाए हुए लाकर मैं अपना सामान जमा करवाया| लाकर के पास ही शौचालय और बाथरूम बने हुए हैं | नहा धोकर फ्रैश होकर मैं मंदिर जाने के लिए तैयार हो गया| सुंन्धा माता का मंदिर अरावली की पहाडि़यों के बीच बना हुआ है| जहाँ पर या तो आप पैदल चल कर सीढ़ियों को चढ़ कर जा सकते हो या फिर आप रोपवे का ईसतमाल कर सकते हो| मेरे पास समय की कमी थी कयोंकि मुझे सुंन्धा माता से 90 किमी दूर आबू रोड़ रेलवे स्टेशन से दोपहर 2.40 बजे पंजाब के लिए ट्रेन पकड़नी थी | इसलिए मैंने सुंन्धा माता मंदिर जाने के लिए रोपवे से जाने का निर्णय लिया| मैंने सुंन्धा माता मंदिर के लिए रोपवे में आनेजाने की टिकट ले ली जिसका शुल्क 135 रुपये था| कुछ देर में मैं रोपवे वे की ट्राली में बैठ गया| सुंन्धा माता के पास खूबसूरत पहाडि़यों के नजारे देखते हुए कुछ ही पलों में मैं सुंन्धा माता मंदिर के पास रोपवे से उतर गया| यहाँ से थोड़ा रास्ता चल कर मैं सुंन्धा माता मंदिर के पास पहुंच गया| रास्ते में काफी सारी धर्मशालाएँ बनी हुई है श्रदालुओं के रहने के लिए| सुंन्धा माता मंदिर राजस्थान में गुजरात बार्डर के पास है| यहाँ गुजराती श्रदालु बहुत आते हैं| मैंने एक दुकान से मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रसाद लिया | फिर मैं सुंन्धा माता मंदिर की ओर चल पड़ा|

सुंन्धा माता रोपवे

Photo of Sundhamata by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता रोपवे

Photo of Sundhamata by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता रोपवे

Photo of Sundhamata by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता मंदिर एक गुफा मंदिर की तरह एक पहाड़ पर बडे़ बड़े चट्टान रूपी पत्थरों के बीच बना हुआ है| कुछ सीढ़ियों को चढ़कर मैं भी सुंन्धा माता मंदिर के अंदर प्रवेश कर गया| जहाँ मैंने सुंन्धा माता के दर्शन किए| मंदिर में फोटोग्राफी करने की मनाही है| मैंने भी मंदिर के बाहर फोटोग्राफी की| सुंन्धा माता चौहान वंश के राजाओं की कुल देवी है| जालोर जिले के चौहान राजाओं ने ही इस मंदिर का निर्माण करवाया| ऐसा कहा जाता है सुंन्धा माता दुर्गा देवी का ही रुप है| ऐसा कहा जाता है यहाँ पर माता ने एक राक्षस का वध किया था| ईतिहास में यह भी लिखा हुआ मिलता है  महाराणा प्रताप ने हलदी घाटी युद्ध के बाद सुंन्धा माता की शरण ली थी| मंदिर के दर्शन करने के बाद मैं मंदिर के पास ही बने हुए बालू रेत के टीले की ओर चल पड़ा| धीरे धीरे चलकर मैं इस रेत के टीले के ऊपर चढ़ गया| यहाँ आपको राजस्थान के असली नजारे देखने के लिए मिलेगें| रेत के टीले पर कुछ फोटोग्राफी करने के बाद मैं चलते चलते दुबारा रोपवे की ओर आ गया| रोपवे की ट्राली मैं बैठकर मैं मंदिर की तलहटी पर पहुँच गया| सुबह 10.30 का समय हो रहा था| वहाँ पर माता का लंगर चल रहा था जो सुबह दस बजे शुरू होता है| मैंने भी माता के लंगर का आनंद लिया| फिर मैं वहाँ से शेयर टैक्सी में बैठ कर आगे एक कस्बे की ओर चल पड़ा| जहाँ से बस में बैठकर मैं आबू रोड़ रेलवे स्टेशन चला गया| जहाँ से ट्रेन में बैठकर मैं पंजाब वापस आ गया|

सुंन्धा माता मंदिर के सामने घुमक्कड़

Photo of Sundha Mata Temple by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता मंदिर के पास रेत के टीले पर घुमक्कड़

Photo of Sundha Mata Temple by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता मंदिर राजस्थान के जालोर जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच बना हुआ है| सुंन्धा माता मंदिर अहमदाबाद से 250 किमी, पालनपुर से 110 किमी, आबू रोड़ रेलवे स्टेशन से 87 किमी, जालोर से 85 किमी और जोधपुर से 248 किमी दूर है| अहमदाबाद, राजकोट, पालनपुर, आबू रोड़, जालोर आदि जगहों से आप बस मार्ग से सुंन्धा माता मंदिर पहुँच सकते हो| सुंन्धा माता मंदिर में आपको रहने के बहुत सारी धर्मशालाएँ और होटल मिल जाऐंगे|

सुंन्धा माता मंदिर के पास अरावली के पहाड़

Photo of Sundhamata by Dr. Yadwinder Singh

सुंन्धा माता मंदिर

Photo of Sundhamata by Dr. Yadwinder Singh