Gurudongmar Lake 1/undefined by Tripoto
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Gurudongmar Lake

Gurudongmar Lake, also noted as Gurudogmar Lake, the lake is named after Guru Padmasambhava, otherwise called Guru Rinpoche, originator of Tibetan Buddhism who went to the lake in the eighth century. It is one of the most noteworthy lakes on the planet, situated at a height of 17,800 ft in the Indian state of Sikkim. The lake can be reached by street from Lachen via Thangu. As indicated by a legend, when Padmasambhava went to the lake he saw a favorable phenomenon in the lake and after that he thought of it as a decent augury to enter the territory of Sikkim, then known as Demojong. It is currently said that the lake provides a shelter to any pregnant lady offering prayers to God at the lake. The lake looks small at the spot where devotees offer love, yet the bigger piece of the lake is not visible because of uneven geography impeding the complete perspective at this area.
traveller man
हिन्दुओं और बौद्धों के बीच लोकप्रिय यह झील सिक्किम की सबसे पवित्र झीलों में एक मानी जाती है। समुद्र तल से 17800 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील गंगटोक से 190 किलोमीटर की दूरी पर है।  गुरुडोंगमार झील उत्तरी सिक्किम में स्थित है। यह 17800 फीट के साथ दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची झील है, ऑक्सीजन का स्तर बहुत है। इतनी ऊंचाई पर कम। इस झील की सुंदरता मनमोहक है। गुरुडोंगमार झील उत्तर के एक छोटे और स्वर्गीय गाँव लाचेन में स्थित है,
Explore with Parli
The following day, at precisely three o'clock in the morning, we headed for Gurudongmar Lake. Around 7 AM, I arrived in Thangu, the final settlement before the Indo-Chinese Border. Because it is mostly covered by a military installation, you may expect to witness a variety of regiments, armour, tanks, shelling equipment, and other military equipment. When I saw how diligently our Indian Army works to keep us safe year-round in -15 degrees Celsius, I was filled with pride.
Dharmveer
आज हम लाचेन से गुरूडोंगमार झील जाने वाले है। बीते कल का पूरा दिन बारिश ने खराब कर दिया तो आज के लिए सिर्फ इतनी सी प्रार्थना थी कि सिर्फ बारिश मत होना। होटल से निकलते वक़्त ही रास्ते के लिए नाश्ता पैक करवा लिया था।रास्ते काफी शानदार है और मंजिल उससे भी खूबसूरत।17800 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह झील दुनिया के सबसे खूबसूरत और ऊँचाई पर स्थित झीलों में से एक है। हम जैसे जैसे झील के करीब आ रहे थे वैसे वैसे खूबसूरती और बढ़ रही थी। अगले ही कुछ पल में हम झील के पास थे और इस झील की खूबसूरती को शब्दों में बयां करना मुमकिन नहीं, मैं मंत्र मुग्ध हो गया था, खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा । अगले एक घंटे हम इसी झील के आस-पास घूमते रहे और यादों को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे। ध्यान देने वाली बात -ये झील काफी ऊँचाई पर स्थित है इसलिए जिन लोगों को साँस संबंधित समस्या है वो काफी सावधानी बरतें और समान्य लोग भी बहुत ही आराम से यहाँ के दृश्यों का आनंद ले। यहाँ तक आने के लिए आप अपनी गाड़ी अथवा टैक्सी से आ सकते हैं। यहाँ के लिए परमिट अनिवार्य है। नॉर्थ सिक्किम
Aawara Mushafir
5,430 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुरुडोंगमार लेक की बात ही अलग है। इस लेक की खूबसूरती की जितनी तारीफ की जाए कम ही है। दूर-दूर तक फैला इसका नीला पानी और चारों तरफ घिरे पहाड़ इसे 'जन्नत' जैसा रूप देते हैं।इस लेक को बौद्ध और सिख धर्म के मानने वाले पवित्र स्थल मानते हैं। माना जाता है कि जब गुरू नानकदेव जी तिब्बत जा रहे थे, तब वह यहां अपनी प्यास बुझाने के लिए रुके थे। अपनी छड़ी से उन्होंने यहां जमी बर्फ में छेद कर पानी पीने की कोशिश की थी और तभी से यहां लेक यानी झील बन गई।
Pankaj Mehta Traveller
      गुरुदोनगमार झील भारत के नार्थ सिक्किम में है, दावा किया जाता है की इसकी ऊँचाई  5430 मीटर है। लेकिन अगर ये दावा सही है तो ये दुनियाँ की सबसे ऊँची झील क्यों नहीं है। मुझे तो लगता है इसकी हाइट का जो दावा किया जाता है वो गलत है। गूगल बाबा इसकी हाइट 5400 मीटर से ऊपर ही बताता है। बहुत संसय है।