हरी पहाड़ियों के बीच नीली झीलों का नज़ारा, हिमाचल की ये जगह है रंगों का छुपा खज़ाना

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Photo of हरी पहाड़ियों के बीच नीली झीलों का नज़ारा, हिमाचल की ये जगह है रंगों का छुपा खज़ाना by Aastha Raj

अकेले घूमने वालों की पसंदीदा जगह, हनीमून मनाने के लिए एक बेहतरीन जगह या अपने दोस्तों और परिवार के साथ वक़्त बिताना हो, मनाली में हर तरह के यात्री आते हैं। हम इस बात से भी इनकार नहीं कर सकते कि यह सामान्य हिमाचल का शहर अब यात्रियों से भरा हुआ होता है, तो अगर आप मनाली के होटल में अपनी जेब ढीली नहीं करना चाहते, अगर आप घंटों ट्रैफिक में नहीं फंसे रहना चाहते तो हमारे पास इन परेशानियों का निदान है।

इस मशहूर शहर से सिर्फ 15 कि.मी. दूर पहाड़ हैं जो आपको गूगल मैप्स पर भी नहीं मिलेगा। इसलिए समय आ गया है की मनाली को बाय बाय बोले दे और असल में पहाड़ों से प्रेम करने वाले व्यक्ति की तरह घूमना शुरू करें।

फुट्टा सौर ट्रेक पर क्यों जाना चाहिए?

फुट्टा सौर आपको सबसे अलग अनुभव देगा। माउंटेन ऑफ़ लेक्स कहा जाना वाला फुट्टा सौर यात्रियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। इस ट्रेक को आम तौर पर दूसरे ट्रेक्स से हटकर माना जाता है और ये आपको हिमालय के पीर पंजाल से लेकर जाता है जो आपने आप एक बेहतरीन अनुभव है। दूसरे ट्रेक्स आपको टूरिस्ट स्पॉट्स से लेकर जाते हैं पर ये ट्रेक आपके अन्दर के खोजी को जगाता है और आपको नए अनुभव देता है।

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श्रेय : यूट्यूब

निवासियों के अनुसार यहाँ पहाड़ों के आस-पास 12 झील हैं और हर झील की सुन्दरता और ठहराव आपको निशब्द कर देगी। इन सभी झीलों में सबसे मशहूर है फुट्टा सौर और इसी झील के नाम पर पहाड़ का नाम रखा गया है। माना जाता है की साधू जमदाग्नि किसी समय में यहाँ तपस्या किया करते थे। फुट्टा सौर पर ट्रेकिंग आपको बर्फ से ढके रास्तों पर ले जाएगा, रास्ते में आपको अनेकों प्रकार की जड़ी बूटियाँ दिखेंगी और आपको मंत्रमुग्ध कर देने वाले पहाड़ और हरे भरे खेत भी नज़र आएँगे।

कितने दिनों में आप फुट्टा सॉर ट्रेक पूरा कर सकते हैं?

फुट्टा सौर ट्रेक का बेहतरीन अनुभव आप 6 दिन और 5 रातों में पूरा कर सकते हैं।  हर दिन के लिए आप ऐसे अपना प्लान बना सकते हैं।

Day 1

अपने घर से मनाली के लिए बस पकड़ें और मनाली से 16 की.मी. दूर पाटलीकूल पर उतर जायें। आप वहाँ उन लोगों से मिलेंगे जो आपके साथ ट्रेकिंग करने वाले हैं। उसके बाद हरीपुर में आपके लिए रुकने की व्यवस्था की जाएगी। उसके बाद आपको कुल्लू के सबसे पुराने गाँव सॉय्ल तक ले जाया जाएगा जहां से आपकी चढ़ाई की शुरुवात होगी। अपनी चढ़ाई शुरू करने से पहले वहाँ के जमदाग्नि ऋषि और कबीर के मंदिर के दर्शन ज़रूर करें, इससे आपको सकारात्मकता मिलेगी। सॉय्ल से 5 घंटे की चढ़ाई के बाद आप पहले कैंप तक पहुँच जायेंगे और आप वहाँ पहली रात गुज़ार सकते हैं।

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Day 2

अगली सुबह जल्दी उठकर खूबसूरत सूर्योदय का आनंद ले सकते हैं और अपने साथियों के साथ नाश्ता कर लें। अब आपको ओक के जंगलों की तरफ बढ़ना हैं जहाँ आपको दूसरा कैंप मिलेगा और आप अपनी दूसरी रात गुजारेंगे।

Day 3

ट्रेक के तीसरे दिन आप सनौबर, रोडोडेंड्रन और जुनिपर के घने जंगलों से गुज़र कर तीसरे कैंप तक पहुंचेंगे। अपने साथियों के साथ आप वहाँ रात का खाना खा लें और जल्दी सो जाएँ क्योंकि अगले दिन की चढ़ाई के लिए आपको जल्दी उठना है।

Day 4

आप सुबह अपनी ट्रेकिंग की शुरूवात में ही छुपे हुए झीलों की तलाश के लिए निकल सकते हैं, पहाड़ पर अपने रास्ते खुद बना सकते हैं। उन झीलों के ठहराव को आप घंटों महसूस कर सकते हैं, उस प्राकृतिक सुन्दरता को निहारते हुए आप घंटों बिता सकते हैं। अपना दिन खूबसूरत बनाने के बाद आप तीसरे कैंप की ओर लौट जाएँ और चैन की नींद सो जाएँ।

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Day 5

पाँचवे दिन आप तीसरे कैंप से पहले कैंप पर वापस आ जाएँ और अपनी रात वहीं गुजारें।

Day 6

पहले कैंप से हरीपुर की ओर वापस लौट जाएँ जहाँ से आप अपने घर के लिए बस पकड़ सकते हैं। अगर आपको उस दिन हरीपुर की बस नहीं मिलती है तो बिना किसी खर्चे के हरीपुर में ही एक रात रुक सकते हैं।

तो अगर आप भी किसी अंजान जगह से गुज़रते हुए ट्रेक करने की इच्छा रखते हैं तो ये ट्रेक आपका सपना पूरा कर सकती है। 

अपने सफर को पूरा करने के बाद हमसे अनुभव बाँटना मत भूलिएगा। सफरनामा लिखने के लिए यहाँ क्लिक करें। 

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