ट्रेन टिकट बुक करने के ये 6 जुगाड़ हर यात्री के बहुत काम आएँगे!

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अंग्रेज़ी में एक कहावत सुनी होगी आपने, "Don't work hard, work smart."। मैंने लोगों को अक्सर देखा है कि ट्रेन पर अच्छा पैसा खर्च करने के बाद भी वो संतुष्ट नहीं होते। शायद वो नहीं जानते कि हैक्स यानि जुगाड़ नाम की कोई चीज़ भी हुआ करती है।

अगर इन हैक्स का इस्तेमाल करोगे, तो उम्मीद करता हूँ, कोरोना खत्म होने के बाद जब आप अपना ट्रिप प्लैन करेंगें तो आने वाले सफ़र में दिक्कतें नहीं होंगी।

1. बस एक क्लिक की दूरी पर, स्टेशन पर ही मौजूद है होटल

फ़र्ज़ करिए कि आपकी ट्रेन लेट हो गई। जो ट्रेन रात को 11 बजे आ रही थी, अब उसके आने का समय सुबह 4 बजे हो गया है। आप स्टेशन पर खड़े होकर रेल मंत्री पर गुस्सा हो सकते हो, या अपने आस पास कोई होटल ढूँढ़ सकते हो।

किसी दूसरी संस्था पर भरोसा करने से अच्छा है कि रेलवे के ही शयनगृहों में रहा जाए। हर स्टेशन के नज़दीक में कुछ शयनगृहों में आप रह सकते हैं, जिसके लिए कुछ कम खर्चा देना होगा।

इस लिंक पर क्लिक करें और अपनी पसन्द की जगह चुनें, होटल बुक करें।

2. तत्काल टिकट बुक ना होने का झंझट ख़त्म

तत्काल टिकट तो बहुत बार बुक करने की कोशिश की होगी। फिर पैसा कट जाता होगा, लेकिन टिकट बुक नहीं होती होगी। फिर आप बोलते होंगे, 'रेलवे वाले तो किसी काम के नहीं हैं। IRCTC को तो बन्द हो जाना चाहिए।' फिर आप उम्मीद करते हो कि हफ़्ते भर में पैसे वापस आ जाएँ।

इससे अच्छा IRCTC की वेबसाइट पर ही ई वॉलेट पर अपना खाता खोल लीजिए। जितने पैसे में टिकट बुक हो जानी चाहिए, उतने पैसे डालिए। अब तत्काल में जब टिकट बुक करेंगे तो पैसे कटने का डर नहीं होगा। इसके लिए आपको ज़रूरत होगी तो अपने पैन कार्ड की।

3. अपनी हाईजीन किट ख़ुद साथ रखें

ट्रेन के बारे में दो बातें याद रखें। ट्रेन सरकारी संपत्ति है, और दूसरा ये कि आप भारत में हैं। अभी भारतीय रेल के मानक उतने अच्छे नहीं हैं जितने हम उम्मीद करते हैं, ख़ासकर सफ़ाई के मामले में।

इसलिए मैं उम्मीद करता हूँ कि अपनी हाईजीन किट को साथ लेकर चलते होंगे। हो सकता है 2060 तक कभी ट्रेन के हालात सुधरे और तो हाईजीन का ख़्याल भी रेलवे रखने लगेगा, लेकिन अभी तो नहीं।

4. आपका मनचाहा खाना, अब आपकी सीट पर

इस समय आपको लगभग हर ट्रेन में ठीक ही खाना मिलता है। शायद ही कहीं आप खाने की क्वालिटी से नाख़ुश हों। खाना ख़राब तो नहीं होता लेकिन उसमें ज़्यादा चुनाव की गुंजाइश भी नहीं होती कि मन किया तो नूडल्स ऑर्डर कर लिया या फिर पिज़्ज़ा ऑर्डर कर लिया।

इसके लिए कई सारी फ़ूड डिलीवरी सर्विस चलती हैं। इन वेबसाइट्स पर खाना ऑर्डर करिए। अगर यहाँ उपलब्ध है तो बस, हो गया आपके खाने का इंतज़ाम।

दूसरी वेबसाइट्स के अलावा भारतीय रेलवे भी ऐसी सुविधा देने लगी है। इस लिंक पर जाकर आप भी अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं। बस अपना PNR नम्बर ज़रूर साथ रखें।

खाना कैसे ऑर्डर करना है, इस लिंक पर जानें।

5. ये रही ट्रेन की बेस्ट बर्थ

ट्रेन में बर्थ ढंग की मिल जाए तो सफ़र अपने आप ही कमाल का हो जाता है। लेकिन अधिकतर लोगों को पता ही नहीं कि ट्रेन की बेस्ट बर्थ कौन सी होती है। तो याद रखिए, ट्रेन की बेस्ट बर्थ निर्भर करती है आपकी ज़रूरत के आधार पर।

Photo of ट्रेन टिकट बुक करने के ये 6 जुगाड़ हर यात्री के बहुत काम आएँगे! 5/6 by Manglam Bhaarat
श्रेयः अंशुल

अगर आपको खिड़की की हवा चाहिए, तो आपको लोअर बर्थ का चुनाव करना चाहिए। वहीं अगर फ़ोन चार्ज करना सबसे ज़रूरी है तो मिडिल बर्थ पकड़िए। वहीं आप दुनिया से ज़्यादा लेना देना नहीं रखते, ट्रेन का इस्तेमाल केवल सोने के लिए करना चाहते हैं तो पकड़िए अपर बर्थ।

हर सीट के अपने फ़ायदे नुकसान भी होते हैं। जैसे सर्दी के मौसम में लोअर बर्थ चुनने से सर्द हवा का नुकसान झेलना पड़ता है, वहीं अगर आपने मिडिल बर्थ ली है तो किसी भी टाइम सो नहीं सकते। जब लोअर बर्थ वाले को नींद आएगी, तो ही आप सो पाओगे। वहीं अगर बुढ़ापे का दौर है और आप आर्थराइटिस से गुज़र रहे हो तो अपर बर्थ तक पहुँचना वैष्णो देवी चढ़ने के बराबर है।

6. मनोरंजन का जुगाड़ अब अपने हाथ

ट्रेन का सफ़र कई बार बहुत लम्बा हो जाता है। लोग चाहें ना चाहें, दस घंटे लेने वाली ट्रेन बीस घंटे भी लगा देती है। इसके साथ ही ट्रेन में तमाम तरह के लोग आते जाते रहते हैं जिनसे किसी का भी परेशान होना लाज़मी है। अगर आपको नहीं पता कि ट्रेन में लोगों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो ये आर्टिकल एक बार देख कर अंदाज़ा लगा लीजिए।

तो ऐसे सफ़र में अपने मनोरंजन का इंतज़ाम कर लीजिए। कब तक ट्रेन में आने जाने वालों के मज़े लीजिएगा। कोई क़िताब साथ रखें या फिर मोबाइल पर गाने लगा लीजिए। बीस घंटे का सफ़र भी 10 घंटे का हो जाएगा। अगर मोबाइल और क़िताब के अलावा आपके ज़हन में कुछ दूसरा है, तो कमेंट बॉक्स में हमसे भी साझा कीजिए।

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