भारत की 9 अनछुई अनसुनी जगहें जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए

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Photo of भारत की 9 अनछुई अनसुनी जगहें जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए by Deeksha Agrawal

कहते हैं हर नई सुबह आशा की एक किरण लेकर आती है। हमें कुछ नया करने की संभावनाएँ और किए हुए को ठीक करने का एक मौका मिलता है। आपने महसूस किया होगा सुबह उठना हमेशा पॉजिटिव एनर्जी से भरा होता है। लेकिन ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए क्योंकि जब हम रातभर के आराम के बाद उठते हैं तो हम नया जोश महसूस करते हैं। घुमक्कड़ी का भी कुछ ऐसा गणित है। आप बार-बार एक ही जगह पर घूमने जाते रहेंगे तो कुछ समय के बाद आपको बोरियत होने लगेगी। आप ना चाहकर भी उस जगह से दूर होते जाएंगे। इसलिए आपको नई जगहें एक्सप्लोर करते रहना चाहिए। अगर आप सोच रहे हैं कि भारत में अब भी अनछुई और अनसुनी जगहें कौन सी हैं तो आपकी कुछ मदद हम कर देते हैं।

1. यिंग्कियोंग

पूर्वोत्तर राज्यों की खूबसूरती से कौन नहीं वाकिफ है। ये सभी राज्य अपने आप में इतने खूबसूरत हैं कि इन्हें देखकर हर घुमक्कड़ का दिल खुश हो जाता है। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में स्थित यिंग्कियोंग घूमने लायक जगहों के से एक है। यिंग्कियोंग भारत की उन खास जगहों में से है जिसका प्राकृतिक सौंदर्य आज भी बरकरार रखा गया है। समुद्र तल से लगभग 200 मीटर की ऊँचाई पर बसी इस छोटी-सी जगह में आपको ढेर सारी हरियाली देखने के लिए मिलेगी। यिंग्कियोंग का ज्यादातर भाग हरे-भरे पहाड़ों से घिरा हुआ है जो इस जगह को और भी खूबसूरत बना देता है। यिंग्कियोंग एक छोटे कस्बे की तरह है। ये जगह सियांग नदी के तट पर है। अगर आपको पहाड़ों से लगाव है तो यिंग्कियोंग घूमकर आपका दिल खुश हो जाएगा।

2. संदकफू

संदकफू शब्द का मतलब होता है जहरीले पौधों की ऊँचाई। असल में संदकफू पश्चिम बंगाल की एक ट्रेक का नाम है। जिसमें आपको पहाड़ के ऊपर तक ट्रेक करना होता है। ये ट्रेक लंबी और थका देने वाली होती है। इस जगह का नाम संदकफू इसलिए पड़ा क्योंकि पहाड़ की चोटी के पास जहरीले पौधों की अच्छी खासी तादाद पाई जाती है। 3,336 मीटर ऊँचाई वाली ये चोटी दार्जिलिंग की सबसे ऊँचे पहाड़ों में से है। संदकफू जाने के लिए आप दार्जिलिंग जाने वाले रास्ते का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहे तो ट्रेक करके ज सकते हैं। लेकिन यदि आपका ट्रेक करने का मन नहीं है तो आप गाड़ी लेकर भी वहाँ जा सकते हैं। संदकफू भारत की उन अनछुई जगहों में से है जिन्हें हर घुमक्कड़ को जरूर देखना चाहिए।

3. किला रायपुर

इस बात में कोई शक नहीं है कि पंजाबियों में एक अलग से जोश होता है। किला रायपुर पंजाब की एक जगह का नाम है जहाँ के लोगों में आपको कुछ वैसे ही जोश और जुनून देखने के लिए मिलेगा। किला रायपुर की पहचान यहाँ आयोजित होने वाले ग्रामीण ओलंपिक हैं जिसमें सभी लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस ओलंपिक में खेलों के साथ-साथ पारंपरिक नृत्य, गानों और नाटकों का प्रदर्शन किया जाता है। अगर आप यहाँ के ग्रामीण ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनना चाहते हैं तो आपको फरवरी के महीने में अपनी ट्रिप प्लान करनी चाहिए। इस समय किला रायपुर का माहौल बेहद जोशीला होता है। लोगों के अंदर खेलों को लेकर रोमांच होता है जो देखने लायक होता है।

4. मोहम्मदपुर उमरी

भारत में ज्यादातर मामलों में किसी जगह के फेमस होने की वजह उसकी प्राकृतिक सुन्दरता, पहाड़, झील और वॉटरफॉल होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं उत्तर प्रदेश में एक जगह ऐसी है जो अपनी जुड़वां बच्चों की कहानी के लिए जानी जाती है? अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें यूपी के मोहम्मदपुर उमरी को ट्विन टाउन होने के खिताब से नवाजा जा चुका है। लगभग 900 लोगों की आबादी वाली इस जगह में कुल 65 जोड़े ऐसे हैं जो ट्विन हैं। खास बात ये है कि ये मामला केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं है। यहाँ तक कि मोहम्मदपुर उमरी की गाय भी जोड़ीदार बछड़ों को जन्म देती हैं और मुर्गियाँ भी एक साथ दो अंडे देती हैं। वजह चाहे जो भी हो लेकिन मोहम्मदपुर उमरी का ये रहस्य देखने लायक है।

5. अमादुबी

अगर आप उन लोगों में से हैं जिनको आर्ट के प्रति कुछ खास लगाव है तो आपको एक बार झारखंड के अमादूबी की यात्रा जरूर करनी चाहिए। इस गाँव की पहचान यहाँ रहने वाले चित्रकारों और आर्टिस्टों से होती है। जिनको पैटकर पेंटिंग बनाने में महारथ हासिल है। पाटकर पेंटिंग के अलावा अमदुबी में आपको ढोकरा क्राफ्ट और मिथिला साड़ियों का भी बड़ा खजाना देखने के लिए मिलेगा। इस जगह के कोने-कोने में आर्ट बसता है। हर थोड़ी दूर पर आपको कोई ना कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाएगा जो या तो चित्रकार होगा या उसको किसी अन्य क्राफ्ट की जानकारी होगी। एक बार जब इस कस्बे के आर्ट को देखने से आपका मन भर जाए तो आप यहाँ उगाए जाने वाले चावल से बने कुछ स्थानीय व्यंजन भी चख सकते हैं।

6. मैनपाट

क्या आप जानते हैं छत्तीसगढ़ में एक ऐसी जगह है जहाँ आप बर्फबारी एन्जॉय करने का मजा ले सकते हैं? सुनने में ये यकीनन अजीब लग रहा होगा लेकिन मैनपाट छत्तीसगढ़ का वो नगीना है जहाँ स्नोफॉल होती है। इसी वजह से मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है। मैनपाट आपको सीधे शिमला की वादियों की याद दिलाएगा। मैनपाट में बौद्ध धर्म का भी काफी प्रभाव देखा जा सकते हैं। ये जगह तमाम बौद्ध मठों का घर भी है। इनमें से एक है थाकपो शेडुप्लिंग मोनास्ट्री। 1970 में बनाई गई ये मोनास्ट्री दिखने में बेहद खूबसूरत है। मोनास्ट्री के बाहर चटख लाल और पीला रंग किया गया है। इसके अंदर आपको बौद्ध धर्म से जुड़ी कई सारी कलाकृतियाँ देखने के लिए मिलेंगी। मैनपाट में आप मोनास्ट्री के अलावा कूटू के खेतों की सैर भी कर सकते हैं।

7. वेलास

वेलास महाराष्ट्र में स्थित एक छोटा-सा कस्बा है जो कच्छुओं की खास वैरायटी के लिए जाना जाता है। वेलास के तट पर आपको हजारों की संख्या में कछुए ऐसे ही घूमते हुए दिख जाएंगे। इस जगह पर ना केवल कछुओं की आम प्रजातियों कि देख रेख की जाती है बल्कि यहाँ कई प्रजातियाँ ऐसी भी हैं जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। वेलास में आप कछुओं के पैदा होने से लेकर बड़े होने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जान सकते हैं। अगर आपको इसमें रुचि नहीं है तो आप यहाँ के समुद्र तटों पर टहलने का मजा ले सकते हैं जो बेहद शानदार और सुखद एहसास होता है।

8. मूडबिद्री

अगर आपको इतिहास और उससे जुड़ी जगहों से थोड़ा भी लगाव है तो कर्नाटक का मूडबिद्री आपको किसी स्वर्ग से कम नहीं लगेगा। ये जगह खास अपने मंदिरों के लिए फेमस है। मूडबिद्री में कई मंदिर ऐसे भी हैं जो सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। ये जगह जैन धर्म को मानने वाले लोगों के लिए भी बेहद खास है। मूडबिद्री में जैन मंदिरों की भी बड़ी संख्या मौजूद हैं। ये सभी मंदिर दिखने में इतने शानदार हैं कि आप हैरान रह जाएंगे। इनमें एक जैन मंदिर ऐसा भी है जिसमें कुल 1000 स्तंभ हैं। इस मंदिर को 600 साल पुराना माना जाता है। मूडबिद्री के मंदिरों की वास्तुकला पर नेपाली, होयसला और ओरियंटल आर्किटेक्चर का काफी प्रभाव देखा जा सकता है। कुल मिलाकर ये जगह इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को बहुत अच्छी लगेगी।

9. उरकम

साउथ इंडिया को आर्ट और संस्कृति के मामले में बेहद संपन्न माना जाता है। दक्षिण भारत के हर राज्य की अपनी एक अलग पहचान है जो वहाँ के कल्चर का जीता जागता उदाहरण है। केरल भी इनमें से एक है। केरल जितना खूबसूरत है उतना ही रिच यहाँ का कल्चर भी है। रंग-बिरंगे त्योहारों से लेकर खानपान के तरीके तक केरल की हर एक चीज इसको बेहद खास बनाती है। उरकम केरल में स्थित एक जगह का नाम है जिसको वहाँ के बेहतरीन कल्चर और आर्ट के लिए जाना जाता है। इस छोटे से कस्बे में आपको कोई भी व्यक्ति जल्दबाजी में नहीं दिखेगा। यहाँ के लोग सरल और आरामदायक जिंदगी जीने में विश्वास रखते हैं। त्योहार मनाने के तरीके से लेकर लाजवाब खाने और आर्टिस्टों वाले इस कस्बे की यात्रा आपको जरूर करनी चाहिए।

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