₹5000 में स्पिति का सफर: कैसे करें ये बजट यात्रा

Tripoto

मैंने हमेशा से बर्फ में डूब हुआ एक सफेद स्पीति का सपना देखा था। और आखिरकार पिछले अप्रैल मेरा ये सपना पूरा हुआ यकीन मानिए मेरे होश उड़ गए। बेशक स्पीति किसी भी वक्त, किसी भी मौसम में दुनिया की सबसे सुंदर जगहों में से एक है, हाँ, सर्दियों में इसका मज़ा कुछ और ही होता है। अगर आप भी इस ठंडे रेगिस्तान का सफर करने का प्लान बना रहे हैं लेकिन बजट की टेंशन है, तो चलिए आपकी इस परेशानी को मैं हल कर देती हुँ और बताती हूँ कि आप ये अद्भुत यात्रा कैसे कर सकते हैं, वो भी सिर्फ ₹5000 में!

Photo of ₹5000 में स्पिति का सफर: कैसे करें ये बजट यात्रा 1/3 by Bhawna Sati

स्पिति यात्रा का रूट

नई दिल्ली - रामपुर बुशहर - रेकॉन्ग पियो - काज़ा

बजट में यात्रा करने का पहला नियम सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना। और, अगर आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए हिमाचल परिवहन यानी एचआरटीसी का इस्तेमाल करना पड़ा, तो समझिए आप खुशकिस्मत हैं। पहले ही बता दूँ कि बस यात्रा लंबी और थोड़ी मुश्किल है, खासकर रेकॉन्ग पियो से काजा तक। बस से सफर करना बहुत आरामदायक तो नहीं हैं, लेकिन अगर आपने स्थानीय लोगों के साथ यात्रा करते हुए, एचआरटीसी बस की खिड़की से झांक कर हिमाचल नहीं देखा है, तो समझिए आपने हिमाचल ही नहीं देखा।

दिल्ली से रामपुर तक की डीलक्स बस टिकट की कीमत ₹800 से ₹1000 रुपये के बीच होगी। रामपुर से पीरो के लिए स्थानीय बस का टिकट ₹180 से कम है, और पीओ से काज़ा तक ₹450। महिला यात्रियों के लिए स्थानीय HRTC की बसों में 20% की रियायत भी है।

यात्रा के दौरान खाना बहुत सस्ता है, मैंने सिर्फ ₹40 रुपए में पीओ में नाश्ता किया था, तो आप इससे अंदाज़ा लगा सकते हैं। किन्नौर या स्पीति में मोमोज, थुक्पा और वेजिटेबल सूप और रामपुर या स्पिलो में समोसा चखना ना भूलें।

दिल्ली और काज़ा के बीच, आपको सिर्फ एक रात के आराम की ज़रूरत है जो आप रेकॉन्ग पियो में ले सकते हैं। इसके लिए आप सरकारी गेस्ट हाउस को ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, यह बस स्टैंड के करीब ही है। कई होटल भी हैं जिनका एक रात का किराया ₹100 प्रति बेड से शुरू होता है।

स्पिति के दर्शनीय स्थल

काज़ा - की - चिचम - किब्बर - काज़ा - लंगज़ा - हिक्किम - कोमिक -काज़ा - ग्यू - धनकर - तबो - काज़ा

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हज़ारों साल पुराने की मठ से लेकर चिचिम में बने कुछ सबसे उँचे पुलों तक, ग्यू में लामाओं के संरक्षित शरीर (ममी) से लेकर लांग्जा के गाँव की रक्षा करती बुद्ध की विशाल प्रतिमा तक। हिक्कीम में दुनिया के सबसे ऊँचे पोस्ट ऑफिस से किब्बर में बसे दुनिया के कुछ सबसे ऊँचे गाँव तक, इन सब नज़ारों के साथ स्पिति आपको मंत्रमुग्ध करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। यहाँ भी देखों आपको तस्वीर सा पर्फेक्ट फ्रेम मिल जाएगा।

स्पीति में भी खाना सस्ता है। यह सादा होने के बावजूद भी बेहद स्वादिष्ट है। मैं हिमालयन ड्रिफ्टर्स नाम के एक बजट हॉस्टल में रह रही थी। यह जगह साफ, आरामदायक और सुंदर नज़ारो का सीधा व्यू देती है । मेज़बान और स्थानीय परिवार के साथ मेरा अनुभव गर्मजोशी से भरा था। काज़ा में आपको कई सारो होम स्टे मिल जाएँगे। लेकिन यहाँ पर आना-जाना थोड़ा मुश्किल है, खासकर तब जब आपके पास वक्त की कमी हो। HRTC बसें लंबे अंतराल पर चलती हैं और वो भी सिर्फ कुछ ही वक्त पर। इसके बाद आपके पास लोकल टूर ऑपरेटर का ही ऑप्शन बचता है जहाँ आप अच्छा मोल- भाव कर सकते हैं। अगर और कुछ नहीं, तो थोड़ी हिम्म्त करो और लिफ्ट ले लो!

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स्पिति यात्रा से वापसी

काज़ा - रेकॉन्ग पियो - चंडीगढ़ - नई दिल्ली

जब तक यात्रा खत्म होती है, तब तक हम थक चुके होतें हैं और ज्यादा जोश नहीं बचता। और शायद पीछे छूटे दिलकश सफर की याद भी सताने लगती है। इसलिए मैंने सबसे छोटे और जल्दी पहुँचाने वाला रास्ता लेने का फैसला किया जो सबसे सस्ता रास्ता भी है। HRTC से काज़ा से पीओ का सफर 10 घंटे का है तो यहाँ पर एक स्टॉप लेना ज़रूरी है। मैंने यहाँ फिर उसी जगह पर वही खाना खाया। अगले दिन, मैंने सुबह-सुबह चंडीगढ़ के लिए पहली बस पकड़ी। ये यात्रा काफी लंबी थी। जब तक बस शिमला पहुँची, तब तक मुझे थोड़ा चक्कर आने लगा, लेकिन फिर मैंने खुद को संभाला।

चंडीगढ़ पहुँचने के बाद, हमने सेक्टर 17 बस स्टैंड से दिल्ली के लिए एक अच्छी और आरामदायक वोल्वो बुक की। इसकी टिकट लगभग ₹700 थी और इतने में मुझे काफी लग्ज़री सफर मिला।

गर्मियों में आप मनाली से होते हुए स्पिति और फिर शिमला में आकर अपना सफर पूरा कर सकते हैं। स्पिति भले ही ठंडे रेगिस्तान के नाम से मशहूर हो लेकिन यहाँ के लोगों दिल बेहद नरम और स्वभाव गर्मजोशी से भरा होता है।

तो ये रही स्पीति यात्रा की पूरी जानकारी। चलिए अब बैग उठाइए और निकल पड़िए।

क्या आप स्पीति गए हैं? हमें अपना अनुभव Tripoto पर लिख कर बताएँ।

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