मेरी पहली अकेली यात्रा ने मेरी अधूरी लव-स्टोरी पूरी कर दी

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पांव में जूते पहन और कंधे पर अपना बैकपैक लिए मैंने खुद को हौसला दिया और तैयार हो गई अपनी जिंदगी के एक नए सफर पर। आखिर मेरे ब्रेकअप को अब 6 महीने हो चुके थे और किसी बॉलीवुड फिल्म के किरदार की तरह मैं भी गम में पूरी तरह डुबकर मानों देवदास ही बन गई थी! ब्रेकअप का सबसे बुरा हिस्सा पता है क्या था? ये कि हमारे बीच कोई लड़ाई-झगड़ा या अनबन ही नहीं थी, सिर्फ दो जगहों के बीच की लंबी दूरी हम दोनों के रिश्ते की बीच भी फासले ले आई। लेकिन मैंने भी ठान लिया था कि अब बहुत हुआ रोना-धोना, वक्त आ गया है इस टूटे रिश्ते को पीछे छोड़ नई राह पर बढ़ने का। फिर क्या? मैंनें बैग उठाया और निकल पड़ी अपनी पहली अकेली यात्रा पर, स्पिति घाटी की ओर!

उदास, अकेली, नए रोमांच के लिए तैयार

चित्कुल तक का मेरा सफर किसी सपने से कम नहीं था। मैं अपना सफर तय कर रही थी और मेरे साथ चल रहा था हरियाली और नीले आसमान का ऐसा खूबसूरत नज़ारा की नज़र भर देख लें तो सांसे रुक जाएँ। इस सफर में सिर्फ मैं थी; नेटवर्क ज़ोन से बाहर और दुनिया की परेशानियों से दूर, ऐसा लग रहा था जैसे ये खुला आसमन, ठंडी हवाएँ और विशाल पहाड़ मेरे नए दोस्त हों। एक लंबे वक्त के बाद मैं इतनी खुश थी। जब तक मैं चित्कुल पहुंची, तब तक अंधेरा हो चुका था तो मैंने फटाफट खाना खाकर अपनी भूख मिटाई और लंबे सफर की थकान मिटाने के लिए अपने छोटे- से कमरे में चली गई। लेकिन बाहर तारों की चादर ओढ़े आसमान को देखकर मुझसे रहा नहीं गया और इसका आनंद लेने के लिए मैं पहुंच गई छत पर।

सीढ़ियों से ऊपर चढ़ी, तो धीरे से रात की चुप्पी तोड़ता मुझे एक गाना सुनाई दिया, मेरा मनपंसद गाना, ‘येलो’। ये जानने के लिए ये गाना कौन गुनगुना रहा है, अपने चेहरे पर मुस्कान लेकर मैं आसमान की ओर देखती एक परछाई की ओर बढ़ी। ये साया कुछ जाना-पहचाना सा लग रहा था, लेकिन मुझे यकीन था कि ये सिर्फ मेरा भ्रम है। लेकिन मेरा भ्रम यकीन में बदल गया जब मैं इस इनसान के सामने खड़ी हुई, ये गाना गुनगुनाने वाला जाना-पहचाना चेहरो कोई और नहीं, बल्कि मेरा बॉयफ्रेंड था। मुझे ये सब बिल्कुल किसी रोमांटिक फिल्म का सीन लग रहा था। मेरी धड़कने तेजी से बढ़ने लगी और हमारी सारी पुरानी, मीठी यादें, जो मैंने अपने दिल की किसी कोने में दबाकर रखी थी अचानक से मेरे सामने आकर खड़ी हो गई। और तभी गाना खत्म हो गया, मेरे एक्स-बॉयफ्रेंड ने मुझे मुस्कान के साथ देखा, ऐसी मुस्कान जो जंग भी रुकवाने की ताकत रखती है। हम जब साथ थे, तो हमेशा स्पीति घाटी जाना चाहते थे और ब्रेकअप के बाद ये जादुई जगह किसी तरह हमे साथ लाने की साजिश में कामयाब हो गई।

टिमटिमाते सितारों को देखते हुए, बीते 6 महीने में क्या हुआ, इन सभी बातों के साथ हमने पूरी रात गुज़ार दी। एक ऐसी स्थिति जिसे शायद बहुत अजीब और हिचकिचाहट से भरा होना चाहिए था मेरे लिए बीते महीनों की सबसे सुकून भरी स्थिति बन गई। क्योंकि हम दोनों ही अकेले यात्रा कर रहे थे, तो हमने तय किया कि बाकी का सफर दोनों साथ करेंगे।

अगले कुछ दिन किसी सुनहरे सपने से कम नहीं थे। हम स्पिति में आगे निकलकर ताबो मठ को खोजने निकल पड़े, ये मठ 10वीं सदी में बना था। ध्यान कर, यहां के पंडितों से बौद्ध धर्म की बातें कर और दुनिया भर से आए अनजान लोगों के बीच तिब्बती साहित्य पढ़ कर हमने कई घंटे यहाँ गुज़ार दिए। नई संसकृति को जानने का जुनून हम दोनों को फिर से पास ला रहा था।

धंकर मठ में बैठकर हम दोनों ही अपने सफर को शब्दों में पिरो रहे थे, अपनी डायरी में। कोई लिफ्ट नहीं मिलने पर दोनों ही बिना किसी प्लान के बढ़ते चले जा रहे थे। कंधों पर भारी बस्ता था, लेकिन इतना हल्का मुझे पहले कभी महसूस नहीं हुआ। हम सिर्फ खुद के साथ वक्त बिता रहे थे, कभी घंटो तक सन्नाटे के बीच तो कभी सुबह होने तक बातों में गुम।

जब हम काजा से की और खिब्बर से लांगज़ा के बीच कूद रहे थे, तो हर वक्त हमारे अंदर शांति और तसल्ली का एक एहसास कायम था। इस सफर पर सिर्फ मैं और वो थे, और बाकी दुनिया से कटे होने पर ये सफर ही हमारी छोटी-सी दुनिया बन गई थी। हमारे लिए वहाँ बस हम थे और स्पिति

मैं हमेशा से इस बात में यकीन रखती हूँ कि आपकी जोड़ी का साथ टेस्ट करने का सबसे अच्छा तरीका हैं उनके साथ यात्रा करना। भले ही हमारे दिल टूटे हुए थे लेकिन हमारा सफर सुहाना था। हम साथ में घूमने, यात्रा करने के लिए एक दम सही पार्टनर हैं, हम दोनों को एक-सी चीज़ें पसंद है, हम दोनों ने ही एक दूसरे को अकेला वक्त दिया लेकिन फिर भी हमने साथ में मज़े किए। चाहे वो किसी रास्ते पर खो जाने पर मेरे एक्स-बॉयफ्रेंड का संयम हो या उसका बटुआ खो जाने पर मेरा भरोसा दिलाना, हम दोनों ने बड़ी आसानी के साथ सफर की मुश्किलों का सामना किया। हमारा ब्रेकअप जरूर हुआ था लेकिन दूरी नहीं आई थी। हम एक दूसरे के लिए बिल्कुल सही थे, हमेशा से

और स्पिति हमें फिर साथ ले आया। हमें प्यार हो गया था, फिर से!

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