आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता?

Tripoto

अरे हट जा ताऊ, पाछै नै... हरियाणा का ध्यान आते ही ये गाना दिमाग में बजने लगता है। लेकिन हरियाणा की पहचान इस गाने से बढ़कर है। रोम का जो इतिहास है वो हरियाणा का भी है। लेकिन रोम जैसी क़िस्मत हरियाणा की नहीं, कि इसका इतिहास देखने के लिए लोग देश विदेश से आएँ।

मैंने किसी को बोलते नहीं सुना, चलो यार! इस बार हरियाणा घूमने चलते हैं।

पर क्यों?

पहला कारण तो अपराधों के कारण होने वाली बदनामी है। हरियाणा की छवि एक ऐसे प्रदेश में बदल गई है जहाँ हमेशा लड़ाई झगड़ा होता रहता है। दिल्ली, मुंबई में भी अपराध होते हैं लेकिन फिर भी यहाँ कुछ अच्छा भी होता रहता है। हरियाणा की सिर्फ़ निगेटिव न्यूज़ ही आती है। लेकिन यहाँ आने वाले लोगों को पता है कि यहाँ सिर्फ क्राइम ही नहीं है।

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? 1/5 by Manglam Bhaarat

लड़कियों से भेदभाव

हरियाणा की एक नकारात्मक छवि उसके लिंगानुपात के कारण भी है। महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुक़ाबले बहुत कम है। हमारा एक दोस्त हरियाणा से था, तो सब कोई ये कहकर उसका मज़ाक उड़ाते थे कि पहली बार कॉलेज में उसने लड़कियाँ देखी होंगी। लेकिन ऐसा नहीं है। हरियाणा के अलावा राजस्थान में भी लिंगानुपात बहुत कमज़ोर है, इसके बाद भी राजस्थान घूमने वालों में कभी कमी नहीं आती।

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? 2/5 by Manglam Bhaarat

आपको नहींं लगता कि हरियाणा के साथ किसी क़िस्म की नाइंसाफ़ी हुई है?इतनी बड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, जहाँ महाभारत का युद्ध हुआ था, होने के बाद भी हरियाणा का पर्यटन बहुत कमज़ोर है। किसी समय में हिन्दुस्तान की सल्तनत हथियाने में हरियाणा सबसे मज़बूत क़िला हुआ करता था, आज उसका ऐतिहासिक महत्त्व ना के बराबर है।

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? 3/5 by Manglam Bhaarat
झझ्झर के क़िले और मस्जिद, श्रेय: हरियाणा पर्यटन

जहाँ हरियाणा ने उद्योगीकरण पर ज़ोर दिया तो टूरिज़म कहीं पीछे छूट गया। आइए हम दिखाते हैं आपको कुछ तस्वीरें, जो दिखाती हैं हरियाणा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की एक झलक।

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? 4/5 by Manglam Bhaarat
कुरुक्षेत्र का नाभा घर, श्रेय : विकिपीडिया
Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? 5/5 by Manglam Bhaarat
नारनौल का जल महल, श्रेय : विकिमीडिया

कुछ महीनों पहले की ही ख़बर है जिसमें हरियाणा की राखीगढ़ी में बसी सभ्यता को मोहनजोदड़ो सभ्यता से भी पुराना, विशाल और व्यवस्थित बताया गया है।

श्रेय विकिमीडिया

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? by Manglam Bhaarat

अगर आपको लगता है कहानी ख़त्म हो गई तो ग़लत सोच रहे हो आप, कहानी तो अब शुरू हुई है।

हरियाणा की लोक संस्कृति- आप भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) के वार्षिक उत्सव में आइए। हरियाणा के लड़के अपने लोकगीतों का इतना अच्छा प्रदर्शन करते हैं कि आप उनके फ़ैन हो जाओगे।

हरियाणवी वेशभूषा में कन्याएँ, श्रेय : सूरज सिवाच

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? by Manglam Bhaarat

महाभारत काल से उनकी लोक संस्कृति पनप रही है। उनकी लोक कथाओं में इन सबका ज़िक्र है। झूलन लीला की लोकनृत्य देख सब झूमते हैं।

नाइटलाइफ़

फ़रीदाबाद और गुड़गाँव की नाइटलाइफ़ देखने दिल्ली एनसीआर की बड़ी बड़ी कंपनियाँ तक आती हैं।

Photo of आखिर क्यों कोई कभी हरियाणा घूमने का प्लान नहीं बनाता? by Manglam Bhaarat


खेलकूद

हरियाणा इस मामले में पूरे भारत में सबसे आगे है। इतनी शिद्दत खेल खेलने में किसी दूसरे ने नहीं दिखाई। भारत के सबसे बड़े एथलीट हरियाणा से ही आते हैं। पिछले कॉमनवेल्थ में अकेले हरियाणा ने 13 मेडल अपने नाम किए। उम्मीद है हरियाणा का नाम खेलकूद के पर्यटन में उज्जवल हो।

मूर्थल का खाना

जो वीकेंड पर कुछ प्लान नहीं बना पाते मूर्थल उनके स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा रहता है। देसी पकवानों का ज़ायका पाना हो तो मुरथल से बढ़िया कोई जगह नहीं है। न मानो तो लिखवा लो।

अगर अभी भी हरियाणा आपकी ट्रैवलिंग लिस्ट का हिस्सा नहीं है तो ट्रैवलिंग लिस्ट के वो सभी सफ़े फाड़ के फेंक देने चाहिए जो आपको हरियाणा घूमने से रोकते हैं। क्योंकि मैं एक प्योर टूरिस्ट हूँ, अच्छी जगहें और दिमाग खोल देने वाली कहानियाँ मुझे ख़ूब पसन्द हैं।

अगर आपके पास हरियाणा पर्यटन से जुड़े कुछ कहानियाँ हैं तो हमारे साथ कमेंट बॉक्स में साझा करें।

अपनी यात्राओं के अनुभव को Tripoto मुसाफिरों के साथ बाँटने के लिए यहाँ क्लिक करें।

रोज़ाना वॉट्सऐप पर यात्रा की प्रेरणा के लिए 9319591229 पर HI लिखकर भेजें या यहाँ क्लिक करें

यह एक अनुवादित आर्टिकल है। ओरिजिनल आर्टिकल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।