अनछुआ उत्तर प्रदेश: ऐतिहासिक और प्राकृतिक खजाने का भंडार है यूपी का ये हिस्सा। एक बार आना तो बनता है

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Photo of अनछुआ उत्तर प्रदेश: ऐतिहासिक और प्राकृतिक खजाने का भंडार है यूपी का ये हिस्सा। एक बार आना तो बनता है by Deeksha Agrawal

हर राज्य में कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिनके बारे में लोगों ने सुना बहुत होता है लेकिन इन जगहों पर ज्यादा लोग नहीं जाते है। ये जगहें उस बड़े और भरे हुए राज्य में खालीपन की तरह होती हैं। ऐसा खालीपन जिसका एहसास केवल उसके बारे में बात करने से ही होता है। इन सभी जगहों पर हमारे इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बहुत सारी चीजें होती हैं जो समय के साथ-साथ खत्म होने लगती हैं। इसलिए इन सभी जगहों को अच्छे से देख लेना और भी जरूरी है जाता है। ऐसी ही कुछ जगहें उत्तर प्रदेश में भी हैं। इन जगहों के बारे में जानते तो बहुत लोग हैं लेकिन ये सभी जगहें आज भी घुमक्कड़ों के कदमों का इंतजार कर रही हैं। इसलिए हमने यूपी के कुछ ऐसे अनछुए शहरों की सूची तैयार की है जिससे घुमक्कड़ों को यूपी में भी घर जैसा एहसास मिले।

1. सोनभद्र

यूपी में बसा ये शहर ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों वजहों से बहुत महत्वपूर्ण है। ये वो जगह है जहाँ आज भी महाभारत के समय की चीजें और इमारतें देखी जा सकती हैं। सोनभद्र यूपी का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। इसके एक तरफ विंध्य पर्वतमाला है। सोनभद्र के दूसरी तरफ सोन नदी बहती है जो इसकी पश्चिमी सीमारेखा होने का काम करती है। घुमक्कड़ी के नजरिए से देखें तो सोनभद्र में ऐसा बहुत कुछ है जिसे आपको बिल्कुल देख लेना चाहिए। इस जगह का विशाल इतिहास और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि आपको जरूर पसंद आएगी। इसलिए सोनभद्र को पुराने समय की इमारतें, स्मारकों और किलों का घर भी कहा जाता है। सोनभद्र का विजयगढ़ किला पांचवीं सदी में बनाया गया था। उस समय से लेकर अबतक ये किला मजबूती से सोनभद्र की शान बढ़ाता आ रहा है।

किले में बेहतरीन नक्काशी की गई है जिसे देखकर आपको पहले के समय के लोगों की सुंदर कला का पता चलेगा। इसके अलावा आप अगोरी किला देख सकते हैं। अगर आपको इतिहास में रुचि है तो आप सोनभद्र का फॉसिल पार्क देख सकते हैं। धार्मिक स्थलों की बात करें तो सोनभद्र में मंदिरों की भी कोई कमी नहीं है। यहाँ का शिव द्वार मंदिर इलाके का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। सोनभद्र इतिहास, कला और प्रकृति से लगाव रखने वाले लोगों के लिए बढ़िया जगह है।

2. हस्तिनापुर

इस शहर का जैन धर्म में बहुत महत्व है। हस्तिनापुर में ऐसे बहुत सारे जैन तीर्थस्थल हैं जिन्हें आपको एकबार देख लेना चाहिए। आप चाहे धर्म को मानते हों या ना मानते हों लेकिन अगर आप जैन धर्म के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं तो आपको हस्तिनापुर आना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि तीन जैन तीर्थंकरों का जन्म हस्तिनापुर में हुआ था। जैनियों का श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर हस्तिनापुर में बसा सबसे पुराना मंदिर है। मेरठ के पास बसा ये शहर एक समय पर पांडवों की राजधानी भी हुआ करता था।

महाभारत में ऐसी कई हिस्से हैं जिनमें हस्तिनापुर का जिक्र हुआ है। अगर आपको महाभारत के बारे में जानकारी है तो आप जानते होंगे कि कौरवों और पांडवों के बीच एक युद्ध भी यहीं हस्तिनापुर की धरती पर हुआ था। हस्तिनापुर में आप महाभारत के समय में बने किले, मंदिर और महल देख सकते हैं। हस्तिनापुर ऐतिहासिक नजरिए से महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि यहाँ पांडवों और द्रौपदी को समर्पित मंदिर भी है। कुल मिलाकर ये जगह ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों तरह से भारत का बेहद जरूरी हिस्सा है।

3. बरूआ सागर

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श्रेय: हॉलिडिफाई

बुंदेलखंड के झांसी जिले का ये शहर भव्यता के साथ इतिहास को जोड़ने का सुंदर काम करता है। यहाँ बरूआ सागर नाम की एक बड़ी झील है जिसपर इस शहर का नाम रखा गया है। ये झील झांसी की बेतवा नदी से लगभग 25 किमी. की दूरी पर है और इसके चारों तरफ हरियाली है। इस झील को ओरछा के राजा उदय सिंह ने बनवाया था। ये झील बरूआ सागर के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पर्यटन स्थलों में से है। झील के अलावा यहाँ आप बुंदेलखंड का प्रसिद्ध किला देख सकते हैं।

ये ऐतिहासिक किला पहाड़ियों के ऊपर स्थित है जहाँ से नीचे बसे शहर का मोहक नजारा दिखाई देते हैं। उस समय इस किले का इस्तेमाल दुश्मनों पर नजर रखने के लिए किया जाता था। चूने के पत्थरों से बना ये किला बरूआ सागर के सबसे महत्वपूर्ण नगीनों में से है। इसके अलावा यहाँ एक काफी फेमस मंदिर भी है जिसे 1928 के बाद संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल कर लिया गया था।

4. महोबा

अगर आपको इतिहास के साथ प्रकृति से भी लगाव है तो आपको महोबा आना चाहिए। महोबा अपने मंदिरों के साथ-साथ खूबसूरत घाटियों और झीलों के लिए जाना जाता है। बुंदेलखंड के इस छोटे-से जिले का गौरवशाली इतिहास इस जगह को बाकी सबसे अलग बनाता है। इस शहर का नाम महोत्सव शब्द से लिया गया है और यहाँ आकर आपको कुछ ऐसा ही एहसास होगा। महोबा में मनाए जाने वाले त्योहार बाकी जगहों से थोड़ा अलग हैं। महोबा में ऐसे कई किले हैं जिन्हें आपको देख लेना चाहिए। ये सभी किले चंदेला राजाओं की बेहतरीन इंजीनियरिंग समझ और उनका प्रकृति की तरफ प्यार के बेहतरीन नमूने हैं।

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श्रेय: पत्रिका

महोबा के ज्यादातर किले पहाड़ के ऊपर स्थित हैं जिसकी वजह से यहाँ आकर आपको बेहद मोहक नजारे देखने को मिलते हैं। इसके अलावा आप राहिला में बसा सूर्य मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर का निर्माण 9 वीं शताब्दी में किया गया था और इसका खास ग्रेनाइट पत्थर का ढांचा इस बाकी सबसे अलग बनाता है। महोबा खजुराहो, कालिंजर, ओरछा, झांसी और कुलपहाड़ जैसी जगहों के बेहद पास है इसलिए आप अगर महोबा आएँ तो इन सभी जगहों पर भी जरूर जाएँ।

5. कालिंजर

कालिंजर यूपी में बसा एक छोटा शहर हैं जो अपने शानदार किलों के लिए जाना जाता है। बांदा जिले में बसा ये शहर भारत के इतिहास का बेहद जरूरी हिस्सा रहा है। कालिंजर का सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत आकर्षण है कालिंजर का किला। विंध्य पर्वतमाला के मोहक दृश्यों से सजा ये किला आस-पास जंगलों से घिरा हुआ है। कालिंजर किले के ये जंगल कई लाभकारी औषधीय पौधों का घर है। यहाँ मिलने वाले सीताफल के पत्तों को कई औषधीय कामों में इस्तेमाल किया जाता है। इस विशाल किले का निर्माण चंदेल वंश के संस्थापक चन्द्र वर्मा ने करवाया था। कहते हैं समय की मार के साथ चीजें फीकी पड़ने लग जाती हैं। लेकिन ये किला आज भी उतना ही शानदार बना हुए है।

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इसके अलावा अगर आप भगवान शिव में विश्वास रखते हैं तो आपको कालिंजर का नीलकंठ मंदिर खूब पसंद आएगा। ये मंदिर उस जगह पर बना हुआ है जहाँ भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष को लेने के बाद कुछ देर आराम किया था। झांसी से 280 किमी. की दूरी पर बसी ये जगह ऐतिहासिक इमारतों के धार्मिक महत्व को समझने के लिए बढ़िया है।

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