New Railway Facilities: यात्रियों को ये बड़ी सुविधाएं देगा रेलवे, पढ़िए अपने काम की खबर

Tripoto
2nd Jan 2019
Photo of New Railway Facilities: यात्रियों को ये बड़ी सुविधाएं देगा रेलवे, पढ़िए अपने काम की खबर by Ashu
Day 1

मल्टीमीडिया डेस्क। नए साल में रेलवे अपने यात्रियों के लिए कई बड़ी सुविधाएं लेकर आ रहा है। इनसे न केवल यात्रियों को सुखद अनुभव होगा, बल्कि रेलवे का भी राजस्व बढ़ेगा। सीनियर सिटीजन, महिलाएं और ट्रांसजेंडर्स का खास ख्याल रखा जाएगा। जानिए 2019 में मिलने वाली रेल सुविधाओं के बारे में -

चलती ट्रेन में कर सकेंगे शॉपिंग

विमान यात्रियों की तरह ही अब रेल यात्री भी यात्रा के दौरान ट्रेन में ही कुछ घरेलू उत्पाद, किचन एप्लायेंस, फिटनेस टूल और सौंदर्य प्रसाधन खरीद सकेंगे। पश्चिमी रेलवे के मुंबई खंड ने 16 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर यात्रियों को सामान बेचने के लिए एक निजी कंपनी को पांच साल के लिए कांट्रैक्ट दिया है। बिक्री का समय सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक के लिए ही होगा। रेल यात्री यह सामान अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके ले सकेंगे।

विक्रेता को शोर करने या आवाज लगाने की इजाजत नहीं होगी। बल्कि विमान की ही तर्ज पर सभी यात्रियों को उत्पादों के कैटेलॉग बांट दिए जाएंगे। इसमें से वह अपने लिए सामान पसंद करके खरीद सकेंगे। पहले चरण में खरीददारी की यह सेवा केवल दो ट्रेनों में होगी। इसके बाद हर चरण में दो-दो और ट्रेनों को शामिल कर लिया जाएगा।

Day 2

रेलवे शुरू करेगी लग्जरी पॉड होटल की सुविधा

रेलवे जल्द अपना पॉड होटल शुरू करेगा। यह होटल मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास होगा, जिसमें यात्री ठहर पाएंगे। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को कम कीमत में बेहतर सुविधा दी जाएंगी। जिन यात्रियों को महज कुछ घंटों के लिए आराम की जरूरत होती है, उनके लिए यह सुविधा मुफीद होगी। कई बार किसी एक ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ जाता है, ऐसे लोगों को यह सुविधा पंसद आएगी।

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता पी. मोरवाला के मुताबिक, रेलवे ने कुल 30 पॉड कैप्सूल होटल तैयार करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है और इसके लिए जमीन भी तलाश ली गई है। लेकिन, अभी पश्चिम रेलवे की मंजूरी मिलना बाकी है।

सभी पॉड्स वातानुकूलित होंगे, जिनमें लाइट कंट्रोल, वाईफाई, एंटरटेनमेंट के लिए छोटी टीवी, इंटरकॉम, पर्सनल लॉकर्स, पावर सॉकेट, यूएसबी पोर्ट के साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

160 किमी की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेन-18 का शुभारंभ होगा

देश की सबसे तेज रेलगाड़ी ट्रेन-18 का जनवरी में शुभारंभ होगा। ट्रेन की अधिकतम गति अभी 130 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। 160-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम यह ट्रेन 180 की रफ्तार को पार कर चुकी है। यह ट्रेन मौजूदा शताब्दी एक्सप्रेस का स्थान लेगी।

सूत्र के अनुसार, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की रिपोर्ट को बोर्ड द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद ट्रेन-18 के जनवरी में चलने की संभावना है। रिपोर्ट में कई शर्तें रखी गई हैं व सुझाव दिए गए हैं। ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने से पहले उन सुझावों पर अमल करना होगा।"

Day 3

ट्रांसजेंडर को भी रेलवे देगा सीनियर सिटीजन का लाभ

रेलवे ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) को बड़ा तोहफा देने जा रहा है। यह तोहफा सीनियर सिटीजन पुरुष-महिला की तरह ही 60 वर्ष से ऊपर के ट्रांसजेंडर को रेल किराये के रूप में मिलेगा। हालांकि ट्रांसजेंडर (टी) को तीसरे लिंग के तौर पर मान्यता देने के लिए रेलवे की तरफ से रिजर्वेशन फॉर्म में दो वर्ष पहले ही प्रावधान किया जा चुका है।

अब सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से ऊपर) ट्रांसजेंडर को पहली जनवरी से किराये में 40 फीसद रियायत मिलेगी। इसका सर्कुलर 14 दिसंबर को जारी हो चुका है। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर (मार्केटिग) शैली श्रीवास्तव की तरफ से जारी आदेश के अनुसार 60 वर्ष से ऊपर के किन्नरों को किराये 40 फीसद लाभ देने के लिए रेलवे ने अपने सीआरआईएस व आईआरसीटीसी के साफ्टवेयर में बदलाव कर लिए हैं।

चलेगी उत्तर भारत की पहली AC लोकल ट्रेन

उत्तर भारत में पहली वातानुकूलित (एसी) लोकल ट्रेन इसी साल से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच चलाई जाएगी।रेलवे की योजना दिल्ली से कम दूरी की यात्रा करने वाले मुसाफिरों को अत्याधुनिक और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की है। सूत्रों के अनुसार, एमईएमयू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन में स्टेनलेस स्टील के आठ डिब्बे होंगे।
इसकी तुलना अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नई पीढ़ी वाली ट्रेन-18 से की जाएगी, जिसका शुभारंभ जल्द होगा। यह ट्रेन दिल्ली से 200-300 किलोमीटर दूर स्थित उत्तर प्रदेश के शहरों को जोड़ेगी। यह 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। पहले की लोकल ट्रेन की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटे है। पुरानी ट्रेन में यात्रियों के बैठने की क्षमता 2,402 थी जो अब 2,618 हो गई है।

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