भारत के 12 प्राकृतिक अजूबे जिनके बारे में स्कूल में भी नहीं बताया जाता

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Photo of भारत के 12 प्राकृतिक अजूबे जिनके बारे में स्कूल में भी नहीं बताया जाता by Deeksha Agrawal

भारत की खूबसूरती के बारे में कौन नहीं जानता। कौन नहीं जानता कि इस देश में थोड़ी दूर चलने से ही लोगों की बोली तो क्या लैंडस्केप तक बदल जाता है। कहीं आपको हरे-भरे बुग्याल देखने के लिए मिलेंगे तो कहीं का रेगिस्तान देखकर आपकी आँखें खुली की खुली रह जाएंगी। यकीनन भारतवर्ष पर प्रकृति ने अपनी असीम कृपा बरसाई है। लेकिन दुख की बात ये है कि हम इंसान इस प्रकृति को संजोना तो दूर इसकी अहमियत समझना भी भूल चुके हैं। हमारा ध्यान सिर्फ आधुनिकता की ऊंचाइयों को छूने कि तरफ चला गया है। लेकिन एक बात तो पक्की है। हम इंसान चाहे जितनी भी तकनीकें सीख लें, प्रकृति के आगे हमारी सारी कलाकारी फेल हो जाती है। ये बात सिर्फ कहने के लिए नहीं है। भारत में ऐसे कितने सारे अजूबे हैं जिन्हें देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। अगर आपको इनके बारे में नहीं पता है तो आज जान लीजिए।

1. नेचुरल अर्च, तिरुमला

आंध्र प्रदेश में स्थित ये प्राकृतिक अजूबा लगभग 2.5 बिलियन साल पुराना है। कहा जाता है इस आर्च का निर्माण साल दर साल हुए प्राकृतिक बदलावों की वजह से हुआ है। पत्थरों से बने इस आर्च को देखने के लिए पूरे देश से लोग आते हैं। दूर से देखने में ये किसी पुल जैसा लगेगा। लेकिन जब आप इसके पास जाएंगे तब आप इस प्राकृतिक अजूबे की सुंदरता को देख पाएंगे। इस आर्च के बनने में प्रकृति का बड़ा योगदान है। मौसम की मार और पत्थरों की नायाब कलाकारी से बने इस नेचरल आर्च को आपको जरूर देखना चाहिए।

2. मार्बल रॉक, जबलपुर

मध्य प्रदेश के जबलपुर के नजदीक स्थित ये पत्थर नर्मदा नदी के तेज बहाव की वजह से बने हैं। भेड़ाघाट के ये पत्थर एक समय पर बड़ी-बड़ी चट्टानें हुआ करते थे। लेकिन नदी के बहाव की वजह से ये आज की स्थिति में हैं। ये पत्थरों का समूह इतना नाजुक है कि इन्हें आसानी से काटा जा सकता है। ये पत्थर लगभग 100 फीट ऊंचे हैं। नर्मदा नदी के दोनों तरफ सजे इन पत्थरों को देखकर लगता है जैसे ये नदी की सुरक्षा कर रहे हैं। 3 किमी. लंबे पत्थरों की इस चेन के बीच आप बोटिंग करने का भी आनंद ले सकते हैं। ये पत्थर देखने में इतने आलीशान लगते हैं कि आपका दिल खुश हो जाएगा।

3. बैलेंसिंग रॉक, महाबलीपुरम

महाबलीपुरम हमेशा से अपने समृद्ध इतिहास के लिए मशहूर रहा है। तमाम हेरिटेज साइट का घर बन चुके महाबलीपुरम में कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनके सामने इतिहास तो छोड़िए विज्ञान भी अपने हथियार डाल चुका है। ऐसी एक जगह है महाबलीपुरम का कृष्णा बटर बॉल। 20 फीट ऊँचे और 5 मीटर चौड़े इस पत्थर को देखने वाला हर इंसान सोच मे पड़ जाता है। ये विशाल पत्थर 250 टन से भी ज्यादा भरी है। खास बात ये है कि 1200 साल से भी अधिक समय से ये पत्थर एक छोटे पहाड़ के एकदम छोर पर खड़ा हुआ है। 1908 में इस पत्थर को हटाने के लिए मद्रास के गवर्नर ने 7 हाथियों का जोर लगाने का आदेश भी दिया था। लेकिन ये पत्थर अपनी जगह से हिला तक नहीं। अगर आपका कभी महाबलीपुरम की तरफ जाना हो तो प्रकृति के इस अद्भुत करिश्मे को देखना बिल्कुल ना भूलें।

4. नीडल होल प्वॉइंट, महाबलेश्वर

महाबलेश्वर का नीडल होल प्वॉइंट देखर शायद आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा। एलिफेंट प्वॉइंट के नाम से मशहूर ये जगह किसी बारीक कारीगरी का बेहतरीन नमूना जैसा लगती है। असल में इस जगह पर पत्थर कुछ इस तरह रखे हुए हैं कि वो देखने में हाथी के मुंह को तरह लगते हैं। प्राकृतिक मार और बदलते मौसम की वजह से बनी ये कलाकृति देखने में बेहद सुंदर लगती है। महाबलेश्वर से कुछ 7 किमी. की दूरी पर स्थित ये जगह बारिश के मौसम में एकदम हरी-भरी हो जाती है। इस समय चारों ओर केवल हरियाली ही नजर आती है। अगर आप भी प्रकृति के इस चमत्कार को देखना चाहते हैं तो महाबलेश्वर घूमने जाने का प्लान बना लेना चाहिए।

5. नेल्लितीर्थ गुफाएँ, कर्नाटक

इस गुफा की जितनी तारीफ की जाए कम होगी। आमतौर पर गुफाओं में घुसने के लिए आपको संकरे रास्ते से होकर गुजरना होता है और अंदर जाकर गुफा चौड़ी हो जाती है। लेकिन इस गुफा में ऐसा नहीं है। आप जैसे जैसे अंदर की ओर बढ़ेंगे ये गुफा और भी पतली होती जाएगी। कुछ जगहों पर आपको घुटनों के बल भी बढ़ना पड़ सकता है। इस गुफा की खास बात ये भी है कि इसके अंदर भगवान शिव का एक मंदिर भी है। सालों पुराने इस इस मंदिर के दर्शन के लिए आज भी हजारों लोग आते हैं। खास बात ये भी है कि गुफा के अंदर एक तालाब भी है। जो देखने में बेहद सुंदर है। यहाँ आने वाले लोग आमतौर पर इस तालाब से मिट्टी वापस ले जाना पसंद करते हैं।

6. होगेनक्कल वॉटरफॉल, तमिलनाडु

अगर आप तमिलनाडु की सबसे खूबसूरत और खास जगह देखना चाहते हैं तो आपको बिना ज्यादा सोचे होगेनक्कल वाटरफॉल्स देखने का प्लान बना लेना चाहिए। धर्मापुरी डिस्ट्रिक्ट में स्थित ये वॉटरफॉल कावेरी नदी की वजह से बनती है। नदी का पानी अलग-अलग हिस्सों में बंटकर इस वॉटरफॉल को जन्म देता है। खास बात ये है कि ये वॉटरफॉल में सालभर पानी से लबालब भरी रहती है इसलिए आप किसी भी समय इसको देखने जाने का प्लान बना सकते हैं। वॉटरफॉल में आप बास्केट बोटिंग और मछली पकड़ने का मजा भी ले सकते हैं। ये वॉटरफॉल इतनी विशाल है कि इसको भारत का नियाग्रा फॉल्स भी कहा जाता है।

7. फूलों की घाटी, उत्तराखंड

इस जगह का नाम ही इसकी पहचान है। फूलों की घाटी उत्तराखंड के चमोली जिले का बेहद खूबसूरत हिस्सा है जिसको देखने भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व से लोग आते हैं। इस घाटी में इतने सारे फूल हैं कि देखने में लगता है मानो किसी से फूलों से भरी चादर बिछा दी है। हिमालय की तलहटी मे स्थित इस जगह को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में भी शामिल किया जा चुका है। ट्रेकिंग का शौक रखने वाले लोगों के बीच भी ये घाटी खूब लोकप्रिय है। सफेद चोटियों वाले पहाड़ों की गोद में बसी ये घाटी जब रंग-बिरंगे फूलों से भरती है तो बेहद खूबसूरत लगती है।

8. याना गुफाएँ, कर्नाटक

याना कर्नाटक के नॉर्थ में स्थित एक हिल स्टेशन का नाम है जिसकी बेहिसाब खूबसूरती और सुंदर नजारे हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ट्रेकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए ये जगह और भी खास हो जाती है। खूबसूरत रास्तों पर ट्रेक करना आखिर किस घुमक्कड़ को नहीं पसंद आएगा। इस जगह का सौंदर्य कुछ ऐसा है कि आपको यहाँ रह जाने का मन करेगा। लेकिन याना की लोकप्रियता केवल यहीं तक सीमित नहीं है। यहाँ याना गुफाएँ हैं जो घुमक्कड़ों और वाइल्डलाइफ देखने का शौक रखने वालों को बहुत पसंद आती हैं। इस जगह की हरियाली और ताजगी देखकर हर किसी का मन खुश हो जाता है।

9. चांदीपुर बीच, ओडिशा

बालासोर से लगभग 15 किली. की दूरी पर स्थित ये बीच प्रकृति का सबसे अद्भुत करिश्मा है। चांदीपुर बीच की खासियत ये है कि आप इस जगह समुद्र के काफी अन्दर तक जा सकते हैं। सुनने में ये थोड़ा अटपटा जरूर लग रहा होगा लेकिन ये एकदम सच है। असल में ज्वार के समय समुद्र का पानी तट से तकरीबन 5 किमी. तक पीछे चला जाता है। जिसकी वजह से आप समुद्र में अंदर तक जा सकते हैं। बाद में जब ज्वार के समय लहरें उठती हैं तब पानी वापस तट तक आ जाता है। ये करिश्मा चांदीपुर बीच पर आपको दिन में कम से कम एक बार देखने के लिए तो जरूर मिल जाएगा।

10. मनिकरण, हिमाचल प्रदेश

आपने हिमाचल की मशहूर पार्वती घाटी के बारे में तो जरूर सुना होगा। यदि आप पार्वती वैली के बारे में जानते हैं तो आप मनिकरण के गर्म पानी के कुण्ड के बारे में भी वाकिफ होंगे। अगर आप इनके बारे में नहीं जानते है तो हम आपको बता देते हैं। असल में पार्वती घाटी में स्थित मनिकरण गुरुद्वारा सिखों के साथ-साथ हिन्दुओं के लिए भी पवित्र स्थान है। ब्यास और पार्वती नदी के बीच में स्थित इस जगह पर गर्म पानी के प्राकृतिक कुंड हैं। कहा जाता है इन कुंड में डुबकी लगाने से सभी रोग ठीक हो जाते हैं। रोचक बात ये भी है कि अक्सर पोटली में चने बांधकर इन कुंड में डाल दिए जाते हैं। बाद में इन्हीं पके हुए चनों को लंगर में प्रसाद के तौर पर भी परोसा जाता है।

11. बोरा गुफाएँ, आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश की अरकु घाटी में स्थित ये गुफाएँ केवल आंध्र प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में गुफाओं का सबसे गहरा समूह है। बोरा गुफाओं की पहचान यहाँ मिलने वाले स्टेलेकटाइट और स्टेलेगमाइट हैं जो इन गुफाओं को और भी खूबसूरत बना देते हैं। ये गुफाएँ चमगादड़ों का घर भी हैं इसलिए इनमें जाने से पहले सावधानी बरतना बहुत जरूरी हो जाता है।

12. रिवर्स वॉटरफॉल, लोनावला

लोनावला की रिवर्स वॉटरफॉल एक ऐसा प्राकृतिक करिश्मा है जिसको आपको जरूर देख लेना चाहिए। अगर आप लोनावला में हैं तो ट्रेक करके लोहागढ़ किले से होते हुए इस वॉटरफॉल तक जाइए। खास बात ये है कि हवा के तेज बहाव की वजह से ऐसा लगता है मानो वॉटरफॉल का पानी नीचे से ऊपर की तरफ जा रहा है। बारिश के समय खासतौर से ये झरना और भी खूबसूरत लगने लगता है। ऊँचाई से गिरते हुए पानी को तेज हवाएँ अपने साथ वापस ऊपर की ओर उड़ा के जाती हैं। जिसकी वजह से ऐसा चमत्कार देखने के लिए मिलता है। हरे-भरे नजारों के बीच से गिरता हुआ ये झरना देखने में बेहद मोहक लगता है।

बिहार के 19 साल के लड़के ने घूम ली पूरी दुनिया वो भी बिना पैसा खर्च किए। जानिए ऐसे ही दिलचस्प घुमक्कड़ों के बारे में, #MeraShandarBharat सीरीज़ में।

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