बैंगलोर से वायनाड की एक वीकेंड ट्रिप

Tripoto

वायनाड

बैंगलोर से वायनाड करीब 270 किलोमीटर दूर है।जुलाई और अगस्त के महीने यहाँ घूमने के लिए सबसे अच्छे हैं क्योंकि तब मानसून कम हो जाता है और हरी भरी वादियाँ अपने चरम पर होती हैं।

Photo of बैंगलोर से वायनाड की एक वीकेंड ट्रिप 1/2 by Manju Dahiya
क्रेडिट्स: विकिपीडिया

मुझे अभी भी याद है कि जब मैं पहली बार वहाँ गयी थी तो मुझे चाय के खूबसूरत बाग़ानों और चेम्ब्रा पीक ट्रैक (जिसे हार्ट शेप लेक भी कहा जाता है) से प्यार हो गया था।अगर आपको एडवेंचर पसंद है तो वायनाड में ट्रैकिंग के बहुत अवसर मिलते हैं।

आइए अब मेरी ट्रेवल आईटीनरी पर नज़र डालते हैं :

पहला दिन

दिन की शुरूआत थोड़ा जल्दी करें करीब सुबह 5 बजे से, जिससे कि आप पीक आवर ट्रैफिक से बचें सकें। ब्रेकफास्ट की चिंता न करें, उसके लिए लोकरुचि कामत होटल के आरामदायक सेट अप में बढ़िया सा नाश्ता कर सकते हैं।

एक बार जब आप वायनाड पहुंचते हैं, तो अपनी पसंद के रिसॉर्ट में रुकने के लिए अपना समय लें (मुझे व्यतिरी रिसॉर्ट पर रहने का अवसर मिला, जो थोड़ा महंगा तो है लेकिन स्वर्ग जैसी झलक दिखाने का वादा भी करता है)।मैं हमेशा, अपना पहला दिन रिसॉर्ट में ही बिताना पसंद करती हूँ ताकि स्टे पर किए गए ख़र्च के साथ कुछ न्याय हो सके जब तक कि आप बेड एंड ब्रेकफास्ट टाइप की जगहों के शौक़ीन न हों।

हालांकि, दूसरी बार, मैंने एडक्कल रिसॉर्ट पर अपने रुकने की योजना बनाई, ताकि मैं पहले दिन से ही पैदल घूमकर एडक्कल गुफाओं को देख सकूँ (उनके बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ - http://www.keralatourism.org///www.keralatourism.org/wayanad/edakkal-caves-ambukuthi-hills.php)।

चेम्बरा पीक

दूसरा दिन

चेम्ब्रा पीक के ट्रेक पर जाने के लिए जल्दी अपने बिस्तर से बाहर निकलें क्योंकि आमतौर पर वहाँ पहुँचने के लिए 2-3 घंटे का समय लगता है (खासकर तब, जब आप रुकते - रूकाते, चारों ओर की सुंदरता को निहारते हुए चलते हैं)।गर्मी और तेज़ धूप से बचने के लिए सुबह 11 बज़े तक पीक से वापस आने की कोशिश करें।

दोपहर की मज़ेदार मील का आनंद लेने के लिए एक अच्छा सा रेस्तरां चुनें (मैं आमतौर पर अपने खाने के मामले में गूगल पर बेस्ट रेस्तरां ढूँढ़कर अपनी इंट्यूशन के आधार पर निर्णय लेती हूँ )।

सोचिप्‍पारा वाटर फॉल्स

लंच करने के बाद, आप सोचिप्‍पारा वाटर फॉल्स या कारापुज़हा डैम जा सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास कितना समय है।सोचिप्‍पारा वाटर फॉल्स जिन्हें सेंटिनेल रॉक वाटरफॉल्स भी कहा जाता है वायनाड की सबसे सुन्दर जगहों में से एक है।दूधिया पानी जब पथरीली चट्टानों और पेड़ों के बीच से नीचे गिरता है तो उस अद्भुत दृश्य को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।यहाँ के मुख्य पूल तक पहुँचने के लिए करीब 30 मिनट नीचे की और उतरना पड़ता है इसलिए आपके पास कितना समय है उसी के आधार पर यहाँ जाने की प्लान करें। यहाँ से चाय के बागान और घने जंगल के दृश्य बहुत शानदार दिखाई देते हैं।

कारापुझा डैम

केरल के वायनाड जिले में स्थित कारापुझा डैम, भारत के सबसे बड़े अर्थ डैम यानि पृथ्वी बांधों में से एक है। यह बांध कालपेट्टा शहर से 16 कि मी दूर है जो कारापुझा झील पर बना हुआ है।इस झील की विशेषता यह है कि इस में लगभग 12 अन्‍य झीलों का समावेश होता है। फोटोग्राफी के शौकीनों को अवश्य ही यहाँ आना चाहिए।

एडक्कल गुफाएँ

यह गुफाएँ लगभग 7000 साल पुरानी हैं, जिन की दीवारों पर कई प्राचीन लिपियाँ, मनुष्य और जानवर की नक्काशियां, और कई तरह के हथियार और प्रतीक बनाए गए है। इन ऐतिहासिक गुफाओं तक पहुँचने के लिए एक लम्बा ट्रैकिंग सफ़र करना पड़ता है, जिसके कारण ट्रैकर्स और निसर्ग प्रेमियों का यह एक पसंदीदा स्थान है।सावधानी के लिए गुफाओं के पास ही रहें।

और अब घर वापस जाने का समय आ गया था क्योंकि यह एक छोटी सी ट्रिप थी।वायनाड को और अधिक एक्स्प्लोर करने के लिए आप किसी अन्य वीकेंड पर फिर से वापस आ सकते हैं।

Photo of बैंगलोर से वायनाड की एक वीकेंड ट्रिप 2/2 by Manju Dahiya
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डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई जानकारी (जैसे रिज़ॉर्टस और घूमने की जगहों के नाम) किसी भी प्रकार के व्यावसायिक प्रचार के रूप में नहीं माने जाने चाहिएँ, बल्कि केवल व्यक्तिगत पसंद / राय के आधार पर ही यहाँ सुझाए गए हैं।

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